दुनियाभर के अमीर लोग क्यों खाते हैं गोल्ड पिल्स? सोने के इन आइटम के भी हैं शौकीन

दुनियाभर में कई ऐसे अमीर लोग हैं जो सोना का सेवन करते हैं. आखिर लोगों में सोना खाने का ये ट्रेंड कहां से आया और इसकी वजह क्या है? क्या सोना खाने की पीछे स्वास्थ्य ठीक रखना भी एक वजह है.

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आज भी कई अमीर है सोना खाने के शौकिन (Photo - AI Generated) आज भी कई अमीर है सोना खाने के शौकिन (Photo - AI Generated)

aajtak.in

  • नई दिल्ली,
  • 20 अगस्त 2026,
  • अपडेटेड 4:18 PM IST

सोना... जिसका नाम सुनते ही जेहन में गहने, सिक्के और करोड़ों की कीमत वाले बिस्किट आने लगते हैं. लेकिन क्या आपने कभी सोचा है कि कोई सोना खाने के लिए भी खरीद सकता है? दुनिया के कुछ गिने- चुने लोग सोने की गोली यानी गोल्ड पिल्स सीधे खाते हैं. अमीरों में ये ट्रेंड तेजी से बढ़ा है. वैसे डायरेक्ट सोना खाने से ज्यादा इसे फूड आयटम के साथ खाने का चलन है. 

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दुनिया के कई महंगे रेस्टोरेंट और लग्जरी होटल में सोने की परत चढ़े बर्गर, डोनट, पिज्जा, मिठाई और दूसरी डिश परोसी जाती हैं. यहां तक कि कुछ जगहों पर गोल्ड को खाने योग्य छोटे-छोटे फ्लेक्स या गोल्ड लीफ के रूप में इस्तेमाल किया जाता है.

हालांकि, यहां एक बात साफ समझना जरूरी है कि खाने वाला सोना सामान्य सोना नहीं होता. इसके लिए खास तरह के एडिबल गोल्ड  यानी खाने योग्य सोने की पत्तियां या फ्लेक्स इस्तेमाल किए जाते हैं. सोने का खाने में इस्तेमाल स्वाद या पोषण के लिए नहीं, बल्कि खाने को बेहद खास और महंगा दिखाने के लिए किया जाता है.

आखिर सोना खाने का शौक क्यों?
सीधी बात है, सोने का स्वाद खास नहीं होता और इससे शरीर को कोई पोषण भी नहीं मिलता. फिर लोग इसे खाते क्यों हैं? एक्सपर्ट्स के मुताबिक, लोग रोज-रोज एक जैसा खाना खाकर ऊब जाते हैं. कुछ नया और रोमांचक आजमाना चाहते हैं. सोने से सजा खाना लोगों को इसी वजह से आकर्षित करता है. इसके अलावा सोने से जुड़ी चमक, शानो-शौकत और ऊंची कीमत भी लोगों की उत्सुकता बढ़ाती है. यानी गोल्ड से सजी डिश में असली आकर्षण अक्सर उसका लुक और लग्जरी फील होता है, न कि स्वाद.

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ये ट्रेंड आज का नहीं है
खाने में सोने का इस्तेमाल कोई नई चीज नहीं है. इसका इतिहास काफी पुराना है. मध्यकाल में यूरोप के राजा-महाराजा और अमीर लोग अपनी दावतों में सोने की पत्तियां या छोटे-छोटे सोने के टुकड़े इस्तेमाल करते थे.

उस दौर में शानदार दावत सिर्फ पेट भरने का जरिया नहीं थी, बल्कि अपनी दौलत और रुतबा दिखाने का तरीका भी थी. इसलिए खाने पर सोना डालना भी अमीरी और शानो-शौकत का प्रदर्शन माना जाता था.

आज सोशल मीडिया ने इस ट्रेंड को एक नया रूप दे दिया है. चमचमाता गोल्डन खाना तस्वीरों और वीडियो में अलग नजर आता है, इसलिए लोग इसे सोशल मीडिया पर शेयर करना भी पसंद करते हैं.

गोल्ड लीफ कैसे इस्तेमाल होती है?
रेस्टोरेंट आम तौर पर सोने की ईंट या सिक्के को काटकर खाने में नहीं डालते. इसके लिए बेहद पतली गोल्ड लीफ यानी सोने की पत्तियों का इस्तेमाल किया जाता है.

इन पत्तियों को इतना पतला बनाया जाता है कि वे खाने की सतह पर आसानी से चिपक जाती हैं. इन्हें केक, मिठाई, डोनट, चॉकलेट और दूसरी डिश को सजाने के लिए इस्तेमाल किया जाता है.

सोने की ये पतली पत्तियां घर की सजावट या दूसरी चीजों को सजाने में भी इस्तेमाल की जा सकती हैं, लेकिन खाने के मामले में केवल उपयुक्त एडिबल ग्रेड गोल्ड का इस्तेमाल करना जरूरी है.

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क्या गोल्ड खाने में कोई स्वाद आता है?
अगर आप सोच रहे हैं कि सोना खाने से खाने का स्वाद बदल जाता होगा, तो ऐसा नहीं है. सोना खुद लगभग बेस्वाद होता है. यानी डिश में गोल्ड लीफ डालने से उसका स्वाद कोई खास नहीं बदलता.

इसका काम ज्यादा से ज्यादा खाने को देखने में शानदार बनाना है. चमकती हुई सुनहरी परत साधारण डिश को भी बेहद महंगा और लग्जरी लुक दे सकती है. यही वजह है कि किसी गोल्ड डोनट या गोल्ड चॉकलेट को खाने वाला व्यक्ति अक्सर सोने के स्वाद के बजाय उसके अनुभव और दिखावे के लिए पैसे देता है.

100 डॉलर का डोनट और हजारों डॉलर की डिश
दुनिया में कई रेस्टोरेंट ऐसे हैं जहां खाने में गोल्ड का इस्तेमाल सिर्फ सजावट तक सीमित नहीं है. न्यूयॉर्क के मनीला सोशल क्लब ने गोल्ड फ्लेक्स से सजा करीब 100 डॉलर का डोनट भी पेश किया था.

एक लेखक ने इस डोनट को चखने के बाद बताया कि असली डोनट अपने आप में भी स्वादिष्ट था. यानी खाने की कीमत बढ़ाने में सोने का योगदान स्वाद से ज्यादा उसकी लग्जरी और दिखावट का था.

इसी तरह न्यूयॉर्क के एक शेफ ने करीब 1,000 डॉलर का बैगल भी तैयार किया था. इसमें व्हाइट ट्रफल क्रीम चीज, गोजी बेरी से बनी रीस्लिंग जेली और गोल्ड लीफ का इस्तेमाल किया गया था.

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25 हजार डॉलर की आइसक्रीम!
अब जरा उस कीमत के बारे में सोचिए, जिसमें एक अच्छी कार खरीदी जा सकती है. न्यूयॉर्क के एक आइसक्रीम पार्लर के मालिक स्टीफन ब्रूस ने करीब 25,000 डॉलर की एक डेजर्ट पेश की थी. इस महंगी मिठाई को 23 कैरेट गोल्ड से तैयार व्हीप्ड क्रीम से सजाया गया था.

यानी यहां ग्राहक सिर्फ चॉकलेट या आइसक्रीम खाने के लिए पैसे नहीं दे रहा था. वह एक बेहद महंगे और खास अनुभव के लिए भुगतान कर रहा था.

रूस से लेकर अमेरिका तक गोल्ड फूड का शौक
खाने में सोने का इस्तेमाल सिर्फ अमेरिका या यूरोप तक सीमित नहीं रहा है. रूस में भी कुछ लोग सोने को कैवियार और ऑयस्टर जैसी महंगी चीजों के साथ खाना पसंद करते हैं.

अबू धाबी के एमिरेट्स पैलेस होटल में भी एडिबल गोल्ड का इस्तेमाल बड़े पैमाने पर किया गया है. रिपोर्ट के मुताबिक, साल 2008 में होटल ने अपने मेहमानों को करीब 11 पाउंड एडिबल गोल्ड परोसा था. उस सोने की कीमत करीब 5 लाख डॉलर तक बताई गई थी.

यानी कुछ अमीर लोगों के लिए सोना सिर्फ तिजोरी में रखने की चीज नहीं, बल्कि प्लेट में परोसी जाने वाली लग्जरी भी है.

क्या सोना खाना सुरक्षित है?
यहां सबसे जरूरी बात सुरक्षा की है. खाने के लिए इस्तेमाल किया जाने वाला सोना सामान्य सोने से अलग होता है और केवल उचित एडिबल ग्रेड गोल्ड ही खाने में इस्तेमाल किया जाना चाहिए.

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यूरोपीय संघ में गोल्ड को खाद्य पदार्थों में इस्तेमाल किए जाने वाले एडिटिव के तौर पर मंजूरी मिली हुई है. 23 कैरेट गोल्ड लीफ को भी खाने के लिए सुरक्षित बताया गया है. गोल्ड और सिल्वर लीफ को कोषेर के तौर पर भी प्रमाणित किया गया है.

हालांकि, इसका मतलब यह नहीं कि बाजार में मिलने वाला कोई भी गोल्ड फ्लेक खाने योग्य है. सजावट के लिए इस्तेमाल होने वाली धातु और फूड ग्रेड एडिबल गोल्ड में फर्क होता है. इसलिए इसे खाने की कोशिश केवल प्रमाणित एडिबल प्रोडक्ट के साथ ही की जानी चाहिए.

असली वजह क्या है - स्वाद या दिखावा?
अगर पूरी कहानी को एक लाइन में समझें तो गोल्ड खाने की वजह स्वाद नहीं, बल्कि अनुभव और दिखावा है. सोने की चमक किसी भी डिश को तुरंत खास बना देती है. इसके साथ इतिहास में जुड़ी अमीरी, रुतबा और शानो-शौकत की छवि भी जुड़ी हुई है. आज सोशल मीडिया ने इस आकर्षण को और बढ़ा दिया है.

यह भी पढ़ें: सिंगापुर में सोना क्यों रखते हैं दुनिया के रसूखदार? ये है वजह

इटली के मशहूर शेफ ग्वाल्तिएरो मार्चेसी भी अपने गोल्ड और केसर वाले राइस के लिए जाने जाते थे. उनके मुताबिक, खाने में आंखों और स्वाद दोनों का अपना महत्व है. यानी अमीरों की दुनिया में सोना सिर्फ गले, हाथ या तिजोरी की शोभा नहीं बढ़ाता. कई लोगों के लिए यह प्लेट में भी स्टेटस सिंबल बन चुका है. यही वजह है कि हजारों डॉलर की डिश पर कुछ चमकते हुए गोल्ड फ्लेक्स लगाने के बाद उसकी कीमत कई गुना बढ़ जाती है.

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