घर की दीवार पर विज्ञापन पेंट कराने के बदले कितना पैसा मिलता है? जानिए पूरा हिसाब

क्या आप जानते हैं कई कस्बों में घरों या दुकानों की दीवार पर जो विज्ञापन पेंट किए जाते हैं, उनके बदले मकान मालिकों को कितने रुपये दिए जाते हैं.

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कई जगहों पर दीवार पर विज्ञापन प्रिंट करने का पैसा मिलता है. (Photo: AI Generated) कई जगहों पर दीवार पर विज्ञापन प्रिंट करने का पैसा मिलता है. (Photo: AI Generated)

aajtak.in

  • नई दिल्ली,
  • 18 सितंबर 2026,
  • अपडेटेड 11:07 AM IST

शहरों और कस्बों में आपने घरों, दुकानों और खाली दीवारों पर कंपनियों के विज्ञापन पेंट किए हुए जरूर देखे होंगे. कहीं सीमेंट तो कई डिटर्जेंट के एड होते हैं. दीवार पर लगे ये बड़े बड़े विज्ञापन स्टेट हाइवे के आसपास की दुकानों या मकानों पर काफी आम है. क्या आप जानते हैं दीवार पर ऐसे विज्ञापन छापने के लिए कंपनियां मकान या दुकान मालिकों को कितने रुपये देते हैं? तो जानते हैं आखिर ऐसे विज्ञापनों के लिए कंपनी की ओर से कितने पैसे दिए जाते हैं...

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वैसे तो एड करने वाली कंपनियां घर के मालिक से दीवार पर विज्ञापन बनाने की अनुमति लेती हैं. इसके बदले पैसे मिलने की बात भी होती है, लेकिन हर दीवार के लिए कोई तय रेट नहीं है. इसके अलावा जमीनी स्तर पर तस्वीर थोड़ी अलग है. खासकर गांवों और छोटे इलाकों में कई बार दीवार पर विज्ञापन बनाने के बदले मालिक को कोई भुगतान नहीं किया जाता. इसके बजाय उसे यह कहकर तैयार किया जाता है कि उसकी दीवार पर मुफ्त में पेंट करा दिया जाएगा. हालांकि, बेहतर लोकेशन वाली दीवारों के लिए भुगतान की गुंजाइश बढ़ जाती है.

कौन देता है पैसे?

कंपनियां आमतौर पर यह काम सीधे नहीं करतीं. इसके लिए अलग-अलग विज्ञापन एजेंसियों या आउटडोर एडवरटाइजिंग कंपनियों की मदद ली जाती है. ये कंपनियां ही घर के मालिकों को पैसे देती हैं. 

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कितने पैसे मिलते हैं? 

दीवार का किराया या भुगतान उसकी लोकेशन और विज्ञापन की विजिबिलिटी के आधार पर तय होता है. मसलन, दीवार गांव में है या शहर की कॉलोनी में, हाईवे के किनारे है या बाजार में, वहां से रोज कितने लोग या वाहन गुजरते हैं, दीवार सड़क से कितनी साफ दिखाई देती है और उसका आकार कितना बड़ा है—इन सभी बातों को देखा जाता है. दीवार के सामने पेड़, बिजली के खंभे या कोई दूसरी चीज विजिबिलिटी रोक रही है या नहीं, यह भी महत्वपूर्ण होता है.

बाजार या मुख्य सड़क पर मौजूद ऐसी दीवार के लिए ज्यादा भुगतान मिल सकता है, क्योंकि वहां विज्ञापन ज्यादा लोगों को दिखाई देता है. कुछ मामलों में भुगतान दीवार के क्षेत्रफल यानी प्रति वर्ग फुट के हिसाब से भी तय किया जाता है, जबकि प्राइम लोकेशन पर मासिक या सालाना एकमुश्त रकम पर बातचीत हो सकती है.

अनुमानित तौर पर छोटे कस्बों या गांवों में करीब 1–3 रुपये पर स्क्वायर फुट, सामान्य शहर की सड़क पर 2–6 रुपये, जबकि व्यस्त बाजार या मुख्य सड़क पर 5–10 रुपए या इससे ज्यादा का स्तर देखने को मिल सकता है. बेहद प्राइम लोकेशन पर इससे अलग रकम तय हो सकती है. मसलन, 500 वर्ग फुट की दीवार के लिए 5 प्रति वर्ग फुट की दर तय होने पर रकम करीब 2,500 रुपये दिए जाएंगे. कई बार ये समय-समय पर दिए जाते हैं तो कई बार एक बार पैसे देकर डील खत्म हो जाती है.  

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यानी घर की दीवार विज्ञापन के लिए देने पर मिलने वाला पैसा लोकेशन, साइज, विजिबिलिटी और विज्ञापन की संभावित पहुंच के आधार पर आपसी बातचीत से तय होता है. देशभर में लागू कोई आधिकारिक रेट नहीं है.
 

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