100 गिलास गन्ने का जूस बेचकर आखिर कितनी होती है कमाई?

गर्मी में गन्ने के जूस की दुकानें खूब चलती हैं, लेकिन क्या आपने कभी सोचा है कि एक जूस वाला दिनभर में कितना कमा लेता है? तो चलिए जानते हैं गन्ना कहां से आता है, एक गन्ने से कितने गिलास जूस निकलता है, 10, 20 और 30 रुपये के गिलास में कितना फायदा होता है और 100 गिलास बेचने पर खर्च निकालकर कितने पैसे बचते हैं.

Advertisement
 उत्तर प्रदेश, हरियाणा, पंजाब और महाराष्ट्र जैसे राज्यों में इसकी खेती सबसे ज्यादा होती है. ( Photo: AI) उत्तर प्रदेश, हरियाणा, पंजाब और महाराष्ट्र जैसे राज्यों में इसकी खेती सबसे ज्यादा होती है. ( Photo: AI)

aajtak.in

  • नई दिल्ली,
  • 23 मई 2026,
  • अपडेटेड 7:15 AM IST

गर्मी में सड़क किनारे गन्ने का ठंडा जूस पीने वालों की भीड़ तो आपने जरूर देखी होगी. तेज धूप में लोग लाइन लगाकर 10, 20 और 30 रुपये का जूस पीते हैं, लेकिन क्या आपने कभी सोचा है कि आखिर यह जूस बेचने वाला दिनभर में कितना कमा लेता होगा? कई लोगों को लगता है कि छोटा सा ठेला लगाकर ज्यादा कमाई नहीं होती, लेकिन असली हिसाब जानेंगे तो हैरान रह जाएंगे. सिर्फ 100 गिलास जूस बेचने पर ही कई बार इतना पैसा बच जाता है, जितना किसी नौकरी में पूरे दिन काम करने पर भी नहीं मिलता.

Advertisement

हालांकि इसके पीछे मेहनत भी कम नहीं होती. सुबह मंडी से गन्ना लाना, पूरे दिन गर्मी में मशीन चलाना और ग्राहकों को संभालना आसान काम नहीं है. अब जानते हैं कि एक गन्ने का जूस वाला आखिर कितना खर्च करता है, कितना कमाता है और 10, 20 और 30 रुपये वाले गिलास में उसे कितना फायदा होता है.

एक गन्ने से कितने गिलास जूस निकलता है?
सबसे पहले समझते हैं कि गन्ना आता कहां से है. आपको बता दें कि उत्तर प्रदेश, हरियाणा, पंजाब और महाराष्ट्र जैसे राज्यों में इसकी खेती सबसे ज्यादा होती है. जूस बेचने वाले लोग मंडी से या सीधे किसानों से गन्ना खरीदकर लाते हैं. कई बार छोटे व्यापारी ट्रॉली या पिकअप में गन्ना शहरों तक पहुंचाते हैं. एक अच्छा और मोटा गन्ना लगभग 3 से 5 रुपये तक का पड़ जाता है. मौसम और जगह के हिसाब से इसकी कीमत कम-ज्यादा होती रहती है.

Advertisement

कनॉट पैलेस में गन्ने का जूस बेचने वाले सुनील बताते हैं कि एक गन्ने से लगभग 3 गिलास तक जूस आसानी से निकल आता है. अब अगर कोई जूस वाला 10 रुपये का एक गिलास बेचता है और पूरे दिन में 100 गिलास बेच देता है, तो उसकी कुल बिक्री 1000 रुपये की होगी. लेकिन इसमें सिर्फ कमाई ही नहीं होती, खर्चा भी काफी निकलता है. गन्ना खरीदने में लगभग 140 से 150 रुपये लग जाते हैं. इसके अलावा बर्फ, नींबू, पुदीना, अदरक और मसाले जैसी चीजों में करीब 100 से 150 रुपये खर्च हो जाते हैं. डिस्पोजेबल गिलास और स्ट्रॉ का खर्च अलग से होता है, जो लगभग 150 से 200 रुपये तक पहुंच जाता है.

मशीन चलाने के लिए बिजली या डीजल का खर्च और दुकान के छोटे-मोटे खर्च मिलाकर करीब 100 से 150 रुपये और निकल जाते हैं. इस तरह कुल खर्च लगभग 600 से 700 रुपये तक पहुंच जाता है. यानी 1000 रुपये की बिक्री में आखिर में सिर्फ 300 से 400 रुपये ही बचते हैं. यही वजह है कि आजकल बहुत कम लोग 10 रुपये में जूस बेचते हैं.

20 रुपये के जूस में कितना होता है फायदा?
अब अगर वही जूस वाला 20 रुपये का एक गिलास बेचता है और 100 गिलास बिक जाते हैं, तो उसकी कुल बिक्री सीधे 2000 रुपये हो जाती है. खर्च लगभग वही रहता है, करीब 700 रुपये के आसपास. ऐसे में उसके हाथ में करीब 1200 से 1300 रुपये तक बच जाते हैं. छोटे शहरों और कस्बों में आजकल 20 रुपये वाला जूस सबसे ज्यादा चलता है क्योंकि इसमें ग्राहक भी मिल जाते हैं और दुकानदार को अच्छा फायदा भी हो जाता है.

Advertisement

बड़े शहरों में कई लोग 30 रुपये तक का एक गिलास बेचते हैं. अगर 100 गिलास 30 रुपये के हिसाब से बिक जाएं तो कुल बिक्री 3000 रुपये तक पहुंच जाती है. खर्च थोड़ा बढ़ जाता है क्योंकि बड़े गिलास, ज्यादा बर्फ और अच्छी क्वालिटी की चीजें इस्तेमाल होती हैं. फिर भी कुल खर्च लगभग 800 से 900 रुपये तक ही जाता है. ऐसे में दुकानदार आराम से 2000 रुपये या उससे ज्यादा बचा लेता है. यही कारण है कि अच्छी लोकेशन पर बैठे गन्ने के जूस वाले लोग गर्मियों में काफी अच्छी कमाई कर लेते हैं.

कम पैसे में शुरू होने वाला शानदार बिजनेस
हालांकि यह काम जितना आसान दिखता है, उतना होता नहीं है. सुबह जल्दी मंडी जाकर गन्ना लाना पड़ता है, मशीन साफ करनी पड़ती है और पूरे दिन धूप और गर्मी में खड़े होकर काम करना पड़ता है. लेकिन मेहनत के हिसाब से कमाई भी अच्छी हो जाती है. कई दुकानदार गर्मियों के सीजन में रोज 150 से 300 गिलास तक जूस बेच लेते हैं. खासकर बाजार, बस स्टैंड, अस्पताल, कॉलेज और भीड़ वाली जगहों पर बिक्री बहुत ज्यादा होती है. इसी वजह से गन्ने के जूस का काम आज भी एक अच्छा छोटा बिजनेस माना जाता है.

---- समाप्त ----

Read more!
Advertisement

RECOMMENDED

Advertisement
Latest News in Hindi »