जब पहली बार कोई सैटेलाइट स्पेस में भेजा गया, रूस ने किया था ये कारनामा

आज का दिन विज्ञान और विकास के लिहाज से काफी महत्वपूर्ण है. आज के दिन ही दुनिया का पहला मानव निर्मित उपग्रह अंतरिक्ष में भेजा गया था, जो मानव सभ्यता के विकास में एक अहम क्रांति थी. इस दिन को ही अंतरिक्ष युग की शुरुआत माना जाता है.

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आज के दिन ही दुनिया के पहले सैटेलाइट स्पुतनिक 1 को लॉन्च किया गया था (Photo - Getty) आज के दिन ही दुनिया के पहले सैटेलाइट स्पुतनिक 1 को लॉन्च किया गया था (Photo - Getty)

aajtak.in

  • नई दिल्ली,
  • 05 अक्टूबर 2026,
  • अपडेटेड 12:17 PM IST

4 अक्टूबर 1957 को पहली बार पृथ्वी से कोई सैटेलाइट अंतरिक्ष में भेजा गया था. यह रिकॉर्ड रूस के नाम है. इससे पहले कोई भी मानव निर्मित चीज पृथ्वी से स्पेस में नहीं गई थी. इस पहले सैटेलाइट का नाम स्पुतनिक 1 था.  इसके बाद दुनिया के कई देशों में अंतरिक्ष तक अपनी पहुंचने की होड़ सी मच गई. इस घटना से धरती पर अंतरिक्ष युग की शुरुआत हुई और अमेरिका और रूस के बीच शीत युद्ध तेज हो गया. 

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इससे पहले किसी ने सोचा तक नहीं था कि धरती से कोई ऐसी चीज अंतरिक्ष में भेजी जा सकती है.  सोवियत संघ के पहले सैटेलाइट का नाम स्पुतनिक-1 था. इसे लॉन्च करने के साथ ही स्पेस एज की शुरुआत हो गई थी.  स्पुतनिक-1 को कजाख गणराज्य के ट्यूरेटम स्टेशन से अंतरिक्ष में भेजा गया था. यह सैटेलाइट 83.5 किलोग्राम का था और इसका आकार बीच बॉल जैसा था. इसने पृथ्वी की परिक्रमा 98 मिनट में पूरी की थी. 

स्पुतनिक-1 पृथ्वी की निचली कक्षा में स्थापित किया गया था और 21 दिनों तक काम करता रहा. तीन हफ्तों तक रेडियो फ्रिक्वेंसी के जरिए वैज्ञानिकों को जानकारी भेजी थी. 26 अक्टूबर, 1957 को इसकी बैटरी खत्म हो गई और इसने सिग्नल भेजना बंद कर दिया. 

यह सैटेलाइट धातु की गेंद जैसी दिखती थी और इसमें चार एंटीना थे. इसका वज़न करीब 83.6 किलोग्राम था और इसका व्यास 58 सेंटीमीटर था. यह उपग्रह 29,000 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ़्तार से पृथ्वी की परिक्रमा करता था. यह हर घंटे और 36 मिनट में एक बार पृथ्वी की परिक्रमा करता था.

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सूर्योदय से पहले या सूर्यास्त के बाद दूरबीन से भी स्पुतनिक 1 आसानी से दिख जाता था.  अमेरिका में ऐसे उपकरणों तक पहुंच रखने वाले लोगों ने इसे देखा और हैरानी से सुना भई. क्योंकि, बीप की आवाज निकालने यह रूसी सैटेलाइट दिन में कई बार अमेरिका के ऊपर से गुजरता था. जनवरी 1958 में, स्पुतनिक की कक्षा, जैसा कि अपेक्षित था, खराब हो गई और सैटेलाइट वायुमंडल में प्रवेश करते ही जल गया.

कई अमेरिकियों को सोवियत संघ की नई रॉकेट और उपग्रह प्रौद्योगिकी के अधिक भयावह इस्तेमाल की आशंका थी, जो जाहिर तौर पर अमेरिकी अंतरिक्ष प्रयास से एक कदम आगे थी. इसके बाद  पहला अमेरिकी उपग्रह, एक्सप्लोरर , 31 जनवरी, 1958 को लॉन्च किया गया था. तब तक, सोवियत संघ ने पहले ही एक और वैचारिक जीत हासिल कर ली थी, जब उन्होंने स्पुतनिक 2 पर एक कुत्ते को कक्षा में लॉन्च किया.

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