स्कूल वाले जिस टाई-बेल्ट के लेते हैं 300 रुपये, उसका होलसेल रेट जानकर चौंक जाएंगे पैरेंट्स!

स्कूलों में करीब 300 रुपये में बिकने वाली टाई-बेल्ट का अनुमानित होलसेल रेट कितना हो सकता है. स्कूल यूनिफॉर्म के इन सामानों की थोक कीमत और दुकानों पर मिलने वाली कीमत में कितना अंतर होता है, चलिए जानते हैं.

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300 रुपये में बिकने वाली टाई-बेल्ट की खरीद कीमत हर जगह एक जैसी नहीं होगी. ( Photo: ITG) 300 रुपये में बिकने वाली टाई-बेल्ट की खरीद कीमत हर जगह एक जैसी नहीं होगी. ( Photo: ITG)

aajtak.in

  • नई दिल्ली,
  • 04 सितंबर 2026,
  • अपडेटेड 7:35 AM IST

स्कूल खुलते ही बच्चों की यूनिफॉर्म का खर्च पेरेंट्स के बजट पर भारी पड़ने लगता है. शर्ट, पैंट, स्कर्ट, टाई, बेल्ट, जूते और मोजे जैसी छोटी-बड़ी चीजें मिलाकर स्कूल ड्रेस का खर्च काफी बढ़ जाता है. खासकर जब एक ही बच्चे के लिए पूरी यूनिफॉर्म खरीदनी हो तो कई बार हजारों रुपये खर्च हो जाते हैं. लेकिन क्या आपने कभी सोचा है कि जो स्कूल यूनिफॉर्म आपको रिटेल में महंगी मिलती है, वह होलसेल में कितने की आती होगी? अगर कोई दुकानदार या सप्लायर 100 या 500 पीस का ऑर्डर देता है, तो प्रति पीस कीमत काफी कम हो सकती है.

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300 रुपये की टाई-बेल्ट का होलसेल रेट कितना?
शाहदरा में बच्चों के स्कूल यूनिफॉर्म फैक्ट्री चलाने वाले संजय मेहता कहते हैं कि स्कूल में इस्तेमाल होने वाली सामान्य टाई और बेल्ट की कीमत उसकी क्वालिटी, डिजाइन, कपड़े, बकल, स्कूल के लोगो और पैकिंग पर निर्भर करती है. सामान्य क्वालिटी में 100 पीस का ऑर्डर देने पर टाई-बेल्ट का सेट करीब 90 से 150 रुपये प्रति सेट के आसपास पड़ सकता है. वहीं 500 पीस या उससे ज्यादा का ऑर्डर होने पर यही रेट करीब 75 से 130 रुपये प्रति सेट तक आ सकता है. अगर इसमें स्कूल का लोगो, खास रंग, कस्टम पैकिंग या बेहतर क्वालिटी का सामान शामिल है, तो कीमत इससे ज्यादा हो सकती है.

यानी 300 रुपये में बिकने वाली टाई-बेल्ट की खरीद कीमत हर जगह एक जैसी नहीं होगी. सिर्फ रिटेल और होलसेल कीमत के अंतर को देखकर पूरा अंतर मुनाफा मानना सही नहीं है.

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स्कूल शर्ट का होलसेल रेट
संजय मेहता ने बताया कि स्कूल यूनिफॉर्म की शर्ट की कीमत कपड़े और सिलाई की क्वालिटी पर काफी निर्भर करती है. सामान्य कपड़े की शर्ट अगर 100 पीस के आसपास ली जाए तो उसका होलसेल रेट करीब 100 से 160 रुपये प्रति पीस हो सकता है. वहीं 500 पीस का बड़ा ऑर्डर होने पर यही शर्ट करीब 85 से 140 रुपये प्रति पीस के आसपास पड़ सकती है. अगर शर्ट में स्कूल का लोगो, खास कपड़ा या बेहतर सिलाई शामिल है तो रेट बढ़ सकता है.

स्कूल पैंट कितने की पड़ सकती है?
स्कूल की पैंट भी उसकी लंबाई, कपड़े और सिलाई के हिसाब से अलग-अलग कीमत में आती है. 100 पीस के ऑर्डर पर सामान्य स्कूल पैंट करीब 150 से 230 रुपये प्रति पीस के आसपास मिल सकती है. अगर ऑर्डर 500 पीस का हो तो थोक कीमत करीब 130 से 200 रुपये प्रति पीस तक आ सकती है. बच्चों की उम्र और साइज के हिसाब से भी कीमत में थोड़ा अंतर हो सकता है.

स्कर्ट का होलसेल रेट कितना?
दुकानदार न बताया जिन स्कूलों में लड़कियों के लिए स्कर्ट वाली यूनिफॉर्म होती है, वहां 100 पीस के ऑर्डर पर सामान्य स्कर्ट करीब 130 से 210 रुपये प्रति पीस की हो सकती है. 500 पीस का बड़ा ऑर्डर होने पर इसका रेट करीब 110 से 180 रुपये प्रति पीस तक आने की संभावना हो सकती है. यह प्राइस कपड़े, डिजाइन, प्लीट्स, सिलाई और साइज के हिसाब से बदल सकती है.

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पूरी स्कूल ड्रेस का कितना खर्च?
अगर शर्ट और पैंट को मिलाकर एक बेसिक यूनिफॉर्म सेट तैयार किया जाए, तो 100 पीस के ऑर्डर में एक सेट की अनुमानित कीमत करीब 250 से 390 रुपये के आसपास हो सकती है. 500 पीस का ऑर्डर होने पर यही सेट करीब 220 से 340 रुपये तक आ सकता है. अगर इसमें शर्ट, पैंट, टाई और बेल्ट चारों चीजें शामिल हों, तो 100 पीस के लिए एक सेट करीब 350 से 540 रुपये और 500 पीस में करीब 300 से 470 रुपये के आसपास पड़ सकता है.

वहीं, स्कर्ट वाली यूनिफॉर्म में शर्ट, स्कर्ट, टाई और बेल्ट मिलाकर कीमत लगभग इसी रेंज में हो सकती है. हालांकि बेहतर क्वालिटी और कस्टमाइजेशन के साथ यह कीमत काफी ऊपर जा सकती है.

100 और 500 पीस में इतना अंतर क्यों?
होलसेल में बड़ी मात्रा में सामान खरीदने पर कीमत कम होने का सबसे बड़ा कारण ऑर्डर की मात्रा होती है. अगर किसी स्कूल या यूनिफॉर्म सप्लायर को 500 पीस का ऑर्डर मिलता है, तो निर्माता एक साथ ज्यादा सामान तैयार करता है. इससे प्रोडक्शन और पैकिंग की लागत प्रति पीस कम हो सकती है. इसके अलावा बड़े ऑर्डर में फैक्ट्री या सप्लायर ग्राहक को अलग से डिस्काउंट भी दे सकता है.

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लेकिन 300 रुपये की यूनिफॉर्म देखकर चौंकना क्यों नहीं चाहिए?
अगर किसी स्कूल में टाई-बेल्ट का सेट 300 रुपये में मिल रहा है या शर्ट-पैंट की कीमत होलसेल अनुमान से काफी ज्यादा है, तो सिर्फ इसी आधार पर यह कहना सही नहीं होगा कि स्कूल या दुकानदार पूरा अंतर मुनाफे के रूप में कमा रहा है. रिटेल कीमत में ट्रांसपोर्ट, स्टोरेज, दुकान का खर्च, कर्मचारी, पैकिंग, टैक्स, स्कूल का लोगो, कस्टम डिजाइन और दूसरे खर्च भी शामिल हो सकते हैं. इसके अलावा स्कूल के लिए खास डिजाइन में तैयार यूनिफॉर्म सामान्य बाजार की यूनिफॉर्म से महंगी हो सकती है.

इसलिए होलसेल रेट और रिटेल कीमत के बीच अंतर होना सामान्य बात है. हां, पेरेंट्स के लिए यह जानना जरूर उपयोगी है कि बड़े ऑर्डर में स्कूल यूनिफॉर्म की कीमत काफी कम हो सकती है.

नोट: ऊपर बताए गए सभी होलसेल रेट अनुमानित बाजार रेंज हैं. वास्तविक कीमत शहर, फैक्ट्री, कपड़े की क्वालिटी, साइज, सिलाई, लोगो, GST, पैकिंग और ऑर्डर की मात्रा के हिसाब से अलग हो सकती है. 

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