क्या आपने कभी किसी से यह कहते सुना है कि असली कस्तूरी की खुशबू कभी खत्म नहीं होती? कई लोग इसे सच मानते हैं, जबकि कुछ लोग इसे सिर्फ एक कहानी समझते हैं. कस्तूरी एक नेचुरल और दुनिया की सबसे महंगी खुशबुओं में से एक है. यह किसी फूल, पेड़ या पौधे से नहीं, बल्कि नर कस्तूरी मृग (Musk Deer) के शरीर में पेट के पास मौजूद मस्क ग्लैंड से बनती है. पहले इसके लिए कस्तूरी मृग का शिकार किया जाता था, लेकिन अब यह जानवर रिजर्व है. इसलिए आज बाजार में मिलने वाली ज्यादातर कस्तूरी नेचुरल नहीं, बल्कि आर्टिफिशियल यानी सिंथेटिक होती है. अब सबसे बड़ा सवाल यह है कि क्या असली कस्तूरी की खुशबू वास्तव में कभी खत्म नहीं होती?
क्या असली कस्तूरी की खुशबू हमेशा रहती है?
असली कस्तूरी की खुशबू सामान्य इत्र की तरह कुछ घंटों या कुछ दिनों में गायब नहीं होती. इसमें मौजूद नेचुरल खुशबु वाले तत्व बहुत धीरे-धीरे उड़ते हैं. यही वजह है कि अगर इसे सही तरीके से बंद डिब्बे में रखा जाए, तो इसकी खुशबु कई दशकों तक बनी रह सकती है. कई पुराने संग्रहालयों और शाही खजानों में रखी कस्तूरी से आज भी हल्की खुशबू महसूस की जाती है. यही कारण है कि लोगों के बीच यह धारणा बन गई कि इसकी खुशबू कभी खत्म नहीं होती. वास्तव में समय के साथ इसकी महक कम हो सकती है, लेकिन यह बहुत धीरे-धीरे होती है.
भारत में कस्तूरी का क्या महत्व है?
कस्तूरी की खुशबू का एक और अनोखा राज यह है कि यह समय के साथ और भी गहरी और मुलायम हो जाती है. परफ्यूम की दुनिया में इसे फिक्सेटिव कहा जाता है. यानी यह दूसरे इत्रों की खुशबू को भी लंबे समय तक टिकाए रखने में मदद करती है. यही वजह है कि पहले महंगे परफ्यूम बनाने में थोड़ी मात्रा में नेचुरल कस्तूरी का इस्तेमाल किया जाता था. आज नेचुरल कस्तूरी का व्यापार लगभग पूरी दुनिया में बैन है, क्योंकि कस्तूरी मृग एक संरक्षित वन्यजीव है. इसकी जगह वैज्ञानिकों ने सिंथेटिक मस्क तैयार कर लिया है, जो खुशबू में काफी हद तक असली कस्तूरी जैसा होता है. आज ज्यादातर महंगे परफ्यूम में इसी आर्टिफिशियल मस्क का इस्तेमाल किया जाता है.
आखिर सच्चाई क्या है?
भारत में भी कस्तूरी का धार्मिक और आयुर्वेदिक महत्व माना जाता रहा है. कई प्राचीन ग्रंथों में इसका उल्लेख मिलता है. पूजा-पाठ, इत्र और औषधियों में इसका उपयोग किया जाता था. हालांकि अब वन्यजीव संरक्षण कानूनों के कारण प्राकृतिक कस्तूरी का उपयोग लगभग बंद हो चुका है. तो अगली बार अगर कोई आपसे कहे कि असली कस्तूरी की खुशबू कभी खत्म नहीं होती, तो आप उसे बता सकते हैं कि यह पूरी तरह सच नहीं है. असली बात यह है कि इसकी खुशबू बेहद लंबे समय तक टिकती है और बहुत धीरे-धीरे कम होती है. इसी खासियत ने इसे दुनिया की सबसे रहस्यमयी और कीमती प्राकृतिक सुगंधों में शामिल कर दिया है.
aajtak.in