ट्रेन की पटरी से कितने दूर नहीं बनवा सकते घर? वरना प्रॉपर्टी होगी गैर कानूनी

ट्रेन से सफर करते वक्त खिड़की से बाहर खेत, बाजार, लोगों के घर दिखाई देते है. कई बार घरों की कतार रेलवे ट्रैक के काफी नजदीक दिखाई देती है तो कई बार घर काफी दूर बने होते हैं. ऐसे में जानते हैं कि ट्रेन की पटरी से कितनी दूर घर बनवा सकते हैं. क्या इसको लेकर रेलवे का कोई नियम- कानून भी है.

Advertisement
ट्रेन की पटरी के बगल में अपनी जमीन पर भी घर बनाने के लिए भी लेना पड़ता है परमिशन (Photo - AI Generated) ट्रेन की पटरी के बगल में अपनी जमीन पर भी घर बनाने के लिए भी लेना पड़ता है परमिशन (Photo - AI Generated)

aajtak.in

  • नई दिल्ली,
  • 12 अक्टूबर 2026,
  • अपडेटेड 7:05 PM IST

अपना घर बनाना हर किसी का सपना होता है. कोई शहर में जमीन खरीदकर मकान बनाता है, तो कोई गांव में अपनी पुश्तैनी जमीन पर घर खड़ा करता है. लेकिन अगर आपका प्लॉट रेलवे लाइन के पास है, तो निर्माण शुरू करने से पहले कुछ जरूरी नियम जान लेना बेहद जरूरी है. 

ऐसा न करने पर आपको रेलवे से NOC यानी अनापत्ति प्रमाण पत्र लेने में परेशानी हो सकती है. कुछ मामलों में निर्माण की अनुमति भी नहीं मिलती. ऐसे में सवाल उठता है कि आखिर रेलवे ट्रैक के पास घर बनाने के लिए कितनी दूरी छोड़नी जरूरी है?

Advertisement

भारतीय रेलवे के नियमों में रेलवे की जमीन से सटी निजी और सरकारी इमारतों के निर्माण को लेकर प्रावधान किए गए हैं. इनका मकसद सिर्फ रेलवे की जमीन को सुरक्षित रखना ही नहीं, बल्कि भविष्य में होने वाले जमीन से जुड़े विवादों को रोकना भी है.

रेलवे की जमीन से कितनी दूरी पर बना सकते हैं घर?
भारतीय रेलवे के वर्क्स मैनुअल के पैरा 827 में रेलवे की जमीन के पास भवन बनाने से जुड़े नियमों का जिक्र है. इसके मुताबिक, रेलवे की जमीन की सीमा और किसी इमारत के सबसे नजदीकी किनारे के बीच करीब 30 मीटर की खुली जगह छोड़ने का प्रावधान बताया गया है. हालांकि, इस दूरी को तय करने में स्थानीय परिस्थितियों की भी अहम भूमिका होती है.

इस नियम को समझने के लिए एक बात पर खास ध्यान देना जरूरी है. यहां दूरी रेलवे ट्रैक के बीच से नहीं, बल्कि रेलवे की जमीन की सीमा से मापी जाती है. इसलिए अगर आपका प्लॉट रेलवे लाइन के पास है, तो सबसे पहले यह पता करना होगा कि उस जगह रेलवे की जमीन की वास्तविक सीमा कहां तक है.

Advertisement

क्या 30 मीटर के भीतर घर बनाना गैरकानूनी है?
इसका जवाब थोड़ा पेचीदा है. रेलवे के नियमों के मुताबिक, रेलवे की जमीन की सीमा से 30 मीटर के भीतर भवन बनाने के लिए रेलवे की NOC की जरूरत होती है. लेकिन इसका मतलब यह नहीं है कि हर जगह 30 मीटर के भीतर निर्माण पर पूरी तरह रोक है.

रेलवे वर्क्स मैनुअल में यह भी बताया गया है कि शहरों और कस्बों में जमीन काफी महंगी होती है. ऐसे में हर प्लॉट मालिक से यह उम्मीद नहीं की जा सकती कि वह रेलवे की सीमा से 30 मीटर तक की पूरी जमीन खाली छोड़ दे.

ऐसी जगहों पर स्थानीय परिस्थितियों को ध्यान में रखते हुए पर्याप्त खुली जगह छोड़ने का मामला देखा जाता है. यह भी सुनिश्चित करना जरूरी है कि भविष्य में सड़क तक पहुंचने या पानी की निकासी के लिए रेलवे की जमीन पर निर्भर न रहना पड़े. इसलिए रेलवे लाइन के पास जमीन खरीदने या मकान बनाने से पहले संबंधित रेलवे अधिकारियों और स्थानीय विकास प्राधिकरण से नियमों की पुष्टि करना बेहतर है.

आखिर रेलवे क्यों बनाता है ऐसे नियम?
इसके पीछे रेलवे की जमीन और भविष्य की जरूरतों को सुरक्षित रखने की सोच है. मान लीजिए, किसी व्यक्ति ने रेलवे की सीमा से सटाकर मकान बना लिया. कुछ समय बाद उसे अपने घर तक पहुंचने के लिए रास्ते या बारिश और गंदे पानी की निकासी के लिए रेलवे की जमीन का इस्तेमाल करना पड़ सकता है.

Advertisement

धीरे-धीरे ऐसा इस्तेमाल नियमित हो जाए, तो जमीन के इस्तेमाल को लेकर विवाद खड़ा हो सकता है. यही वजह है कि रेलवे चाहता है कि भवन बनाने के दौरान ही रास्ते और पानी की निकासी जैसी जरूरतों का इंतजाम रेलवे की जमीन के बाहर किया जाए.

घर बनाने से पहले जरूर करें ये काम
अगर आपका प्लॉट रेलवे लाइन के पास है, तो निर्माण शुरू करने से पहले रेलवे की जमीन की सीमा की जानकारी लें. इसके बाद संबंधित रेलवे डिवीजन से पता करें कि आपके मामले में NOC की जरूरत है या नहीं. साथ ही, नगर निगम, नगर पालिका या स्थानीय विकास प्राधिकरण के भवन निर्माण नियम भी जांच लें.

ध्यान रखें कि सिर्फ जमीन की रजिस्ट्री हो जाने का मतलब यह नहीं है कि उस पर हर तरह का निर्माण करने की अनुमति भी मिल गई है. रेलवे के नियमों और स्थानीय भवन निर्माण कानूनों का पालन करके ही मकान बनाना भविष्य में होने वाली कानूनी परेशानियों से बचने का बेहतर तरीका है.

---- समाप्त ----

Read more!
Advertisement

RECOMMENDED

Advertisement
Latest News in Hindi »