Psychologicy Facts: घर में पेड़-पौधे रखना आजकल बहुत लोगों को पसंद है. किसी को बालकनी में पौधे लगाना अच्छा लगता है तो कोई घर की छत और कमरे में भी हरियाली रखना पसंद करता है. कुछ लोगों को पौधों का इतना शौक होता है कि उनके घर में हर तरफ छोटे-बड़े पौधे दिखाई देते हैं. ऐसे लोग रोज पौधों को पानी देते हैं. उनकी सूखी पत्तियां हटाते हैं और यह भी देखते हैं कि पौधे को धूप ठीक से मिल रही है या नहीं. जब किसी पौधे में नई पत्ती या फूल आता है तो उन्हें बहुत खुशी होती है. लेकिन क्या पौधों का शौक रखने वाले लोगों के स्वभाव के बारे में भी कुछ पता चलता है? मनोविज्ञान से जुड़ी कुछ रिसर्च में पौधों और इंसान के मन के बीच संबंध को समझने की कोशिश की गई है. हालांकि सिर्फ पौधे रखने से किसी इंसान का पूरा स्वभाव नहीं समझा जा सकता, लेकिन कुछ आदतों के बारे में अंदाजा जरूर लगाया जा सकता है.
प्रकृति के करीब रहना पसंद करते हैं
जिन लोगों को पेड़-पौधों से बहुत प्यार होता है, उन्हें प्रकृति के करीब रहना अच्छा लग सकता है. वे पौधे को सिर्फ घर सजाने की चीज नहीं मानते. उनके लिए पौधा भी एक जीवित चीज होता है. जब पौधे में नई पत्ती आती है या फूल खिलता है तो ऐसे लोगों को सच में खुशी होती है. खासकर शहरों में रहने वाले लोगों के लिए पौधे घर में प्रकृति को करीब लाने का आसान तरीका हो सकते हैं. पौधा लगाने के बाद तुरंत बड़ा नहीं होता. उसे बड़ा होने में समय लगता है. रोज पानी देना पड़ता है, सही जगह रखना पड़ता है और उसकी देखभाल करनी पड़ती है. इसलिए पौधों का शौक रखने वाले लोगों में धैर्य की आदत हो सकती है. वे जानते हैं कि हर चीज का नतीजा तुरंत नहीं मिलता. थोड़ा इंतजार करना पड़ता है.
छोटी-छोटी चीजों में खुशी मिलती है
पौधों के शौकीन लोगों के लिए छोटी-सी नई पत्ती भी खुशी की वजह बन सकती है. किसी पौधे में पहली बार फूल आ जाए तो उनका पूरा दिन अच्छा हो सकता है. इससे पता चलता है कि ऐसे लोग छोटी-छोटी खुशियों पर भी ध्यान देते हैं. उन्हें बड़ी चीजों के साथ-साथ छोटी अच्छी बातें भी खुशी देती हैं. एक स्टडी में यह भी पाया गया कि जो लोग घर में पौधों की देखभाल करते हैं, उनमें मन को शांत रखने और अच्छी मानसिक स्थिति से जुड़ी कुछ सकारात्मक बातें देखी गईं. दिनभर काम करने के बाद पौधों की देखभाल करना कई लोगों को अच्छा लगता है. पानी देना, मिट्टी देखना, सूखी पत्तियां हटाना और पौधों को साफ करना मन को दूसरी चीजों से हटाकर कुछ देर के लिए शांत कर सकता है. यही वजह है कि कुछ लोगों को पौधों के बीच समय बिताने से तनाव कम महसूस होता है. हालांकि ऐसा हर इंसान के साथ हो, यह जरूरी नहीं है.
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जिम्मेदारी समझने वाले हो सकते हैं
पौधे रखना सिर्फ उन्हें खरीदकर घर में रख देना नहीं है. उनकी देखभाल भी करनी पड़ती है. समय पर पानी देना होता है और यह देखना होता है कि उन्हें धूप मिल रही है या नहीं. जिस व्यक्ति को अपने पौधों की रोज देखभाल करने की आदत है, उसमें जिम्मेदारी निभाने की अच्छी आदत हो सकती है. उसे पता होता है कि छोटी सी लापरवाही से भी पौधा खराब हो सकता है. जिन लोगों को बहुत सारे पौधे रखना पसंद होता है, उन्हें अपना घर सुंदर और शांत रखना भी अच्छा लग सकता है. पौधों से घर में हरियाली आती है और जगह देखने में भी अच्छी लगती है. कुछ रिसर्च में लोगों ने पौधों वाले कमरों को ज्यादा अच्छा और आरामदायक बताया है. यानी पौधे घर का माहौल अच्छा महसूस कराने में मदद कर सकते हैं.
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पौधों से हो सकता है इमोशनल जुड़ाव
कुछ लोग अपने पौधों से इतना जुड़ जाते हैं कि उन्हें नाम तक दे देते हैं. वे अपने पौधों को परिवार के किसी सदस्य की तरह प्यार करने लगते हैं. अगर पौधा सूखने लगे तो उन्हें चिंता होती है और जब वह दोबारा हरा हो जाता है तो उन्हें खुशी मिलती है. इससे यह जरूर पता चलता है कि ऐसे लोग अपने आसपास की चीजों से भावनात्मक जुड़ाव बना सकते हैं.सिर्फ घर में पौधे होने से कोई इंसान हमेशा खुश रहेगा, यह जरूरी नहीं है. हर व्यक्ति का स्वभाव अलग होता है. पौधों की देखभाल करने से कुछ लोगों को सुकून मिल सकता है. उन्हें प्रकृति के करीब महसूस हो सकता है और छोटी-छोटी चीजों में खुशी मिल सकती है.
कुल मिलाकर, जिन्हें पेड़-पौधों का बहुत शौक होता है, उनमें प्रकृति के करीब रहने, धैर्य रखने, चीजों की देखभाल करने और छोटी खुशियों को महसूस करने जैसी आदतें देखने को मिल सकती हैं. लेकिन यह बात हमेशा याद रखनी चाहिए कि किसी इंसान का पूरा स्वभाव सिर्फ उसके घर में रखे पौधों से तय नहीं किया जा सकता. इंसान की पसंद और उसका स्वभाव उसकी कई आदतों और जिंदगी के अनुभवों से मिलकर बनता है.
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