आज के समय में जमीन, मकान या किसी भी प्रॉपर्टी से जुड़े विवाद तेजी से बढ़ रहे हैं. कई बार ऐसा देखने को मिलता है कि लोगों की जमीन या घर पर धोखाधड़ी करके कब्जा करने की कोशिश की जाती है. ऐसे मामलों में प्रॉपर्टी के असली कागज सबसे बड़ा सबूत होते हैं. यही डॉक्यूमेंट साबित करते हैं कि प्रॉपर्टी का असली मालिक कौन है. लेकिन कई बार लापरवाही या किसी दूसरी वजह से प्रॉपर्टी के जरूरी कागज खो जाते हैं.
कुछ लोग उन्हें कहीं रखकर भूल जाते हैं, तो कई बार चोरी या गुम होने की घटना भी हो जाती है. ऐसे में लोग घबरा जाते हैं कि अब क्या होगा. हालांकि चिंता करने की जरूरत नहीं है, क्योंकि कानून में ऐसे मामलों के लिए प्रक्रिया तय की गई है. सही कदम उठाकर आप दोबारा डुप्लीकेट प्रॉपर्टी डॉक्यूमेंट बनवा सकते हैं.
FIR दर्ज कराना जरूरी
पटियाला कोर्ट के वकील महमूद आलम बताते हैं कि अगर आपके प्रॉपर्टी के कागज गुम हो जाएं, तो सबसे पहला काम पुलिस स्टेशन जाकर इसकी शिकायत दर्ज कराना है. आपको तुरंत एफआईआर दर्ज करवानी चाहिए. एफआईआर इस बात का सबूत होती है कि आपके दस्तावेज सच में खो गए हैं. शिकायत दर्ज कराने के बाद उसकी एक कॉपी अपने पास सुरक्षित जरूर रखें, क्योंकि आगे की प्रक्रिया में इसकी जरूरत पड़ेगी.
इसके बाद आपको प्रॉपर्टी से जुड़े विभाग को भी इसकी जानकारी देनी होती है. इसके लिए इंस्पेक्टर जनरल ऑफ रजिस्ट्रेशन या सब-रजिस्ट्रार ऑफिस में लिखित सूचना देनी चाहिए. इसमें साफ-साफ बताना होता है कि आपके कौन-कौन से डॉक्यूमेंट खो गए हैं. सिर्फ सूचना देना ही काफी नहीं होता. इसके साथ आपको एक अंडरटेकिंग भी बनवानी पड़ती है. यह अंडरटेकिंग स्टांप पेपर पर तैयार की जाती है. इसमें प्रॉपर्टी की पूरी जानकारी लिखी जाती है, जैसे प्रॉपर्टी का पता, मालिक का नाम और कौन से कागज गुम हुए हैं.
इसके साथ ही इसमें एफआईआर और अखबार में दिए गए नोटिस की जानकारी भी शामिल होती है. आमतौर पर दस्तावेज खोने के बाद अखबार में एक नोटिस भी प्रकाशित कराया जाता है. इसका मकसद लोगों को जानकारी देना होता है कि संबंधित प्रॉपर्टी के कागज गुम हो चुके हैं. इससे अगर कोई व्यक्ति उन कागजों का गलत इस्तेमाल करने की कोशिश करे, तो उसे रोका जा सके.
प्रॉपर्टी के कागज सुरक्षित रखना क्यों जरूरी है?
जब अंडरटेकिंग तैयार हो जाए, तो उसे रजिस्टर करवाना जरूरी होता है. इसके बाद सभी जरूरी दस्तावेज रजिस्ट्रार ऑफिस में जमा करने होते हैं. फिर आपको डुप्लीकेट सेल डीड या डुप्लीकेट प्रॉपर्टी दस्तावेज के लिए आवेदन करना पड़ता है. आवेदन करते समय कुछ जरूरी दस्तावेज जमा करने होते हैं. इनमें एफआईआर की कॉपी, अखबार में छपे नोटिस की कॉपी, नोटरी से अटेस्टेड अंडरटेकिंग और प्रोसेसिंग फीस शामिल होती है. कुछ मामलों में अन्य दस्तावेज भी मांगे जा सकते हैं.
सभी दस्तावेज सही पाए जाने के बाद रजिस्ट्रार ऑफिस आपकी जांच करता है. प्रक्रिया पूरी होने के बाद आपके नाम पर डुप्लीकेट प्रॉपर्टी डीड जारी कर दी जाती है. इसके जरिए आप फिर से अपने प्रॉपर्टी अधिकार साबित कर सकते हैं. इसलिए अगर कभी आपके प्रॉपर्टी के कागज खो जाएं, तो घबराने की बजाय तुरंत सही कानूनी प्रक्रिया अपनाएं. समय पर शिकायत और जरूरी दस्तावेज जमा करके आप अपनी प्रॉपर्टी को सुरक्षित रख सकते हैं.
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