जब भी कोई ट्रेन से सफर करता है, तो वह रेलवे की कई सुविधाओं की तारीफ करता है. लेकिन ट्रेन में मिलने वाला खाना ऐसी चीज है, जिसकी शायद ही कोई तारीफ करता हो. अक्सर लोग ट्रेन में मिलने वाले खाने में कमी ही बताते हैं. इसमें भी सबसे ज्यादा ट्रेन में मिलने वाली रोटी और चावल को लेकर शिकायतें सामने आती हैं. कभी यात्री रोटी की क्वालिटी पर सवाल उठाते हैं, तो कभी ट्रेन में मिलने वाले चावल की गुणवत्ता को लेकर शिकायत करते हैं.
लेकिन क्या आपने कभी सोचा है कि रेलवे के खाने में इस्तेमाल होने वाला आटा और चावल आखिर कौन-सा होता है? आईआरसीटीसी की ओर से जारी एक आधिकारिक सूची में इन खाद्य उत्पादों के बारे में जानकारी दी गई है. इसमें बताया गया है कि आईआरसीटीसी की ओर से खाना बनाने में किस तरह के आटे और चावल का इस्तेमाल किया जाता है.
पिछले साल जारी की गई आईआरसीटीसी की एक सूची में बताया गया है कि खाने में आटा, मैदा, बेसन और सूजी के 9 ब्रांड इस्तेमाल किए जाते हैं. इनमें आशीर्वाद, पिल्सबरी, शक्तिभोग, फॉर्च्यून, नेचर फ्रेश, फार्म फ्रेश, राजधानी, आहार और अन्नपूर्णा शामिल हैं. दस्तावेज में इन ब्रांडों के सामने संबंधित कंपनियों के नाम भी दिए गए हैं.
इसका मतलब यह है कि आईआरसीटीसी की इस सूची में ट्रेन के खाने के लिए इस्तेमाल होने वाले आटा, मैदा, बेसन और सूजी की श्रेणी में इन ब्रांडों को शॉर्टलिस्ट किया गया था. हालांकि, दस्तावेज यह नहीं बताता कि हर ट्रेन में इनमें से किसी एक ही ब्रांड का आटा अनिवार्य रूप से इस्तेमाल होता है.
अगर चावल की बात करें, तो यहां भी आईआरसीटीसी ने अलग व्यवस्था बताई है. इस सूची में चावल के सामने स्पष्ट लिखा है कि वीबीटी यानी वंदे भारत ट्रेनों और सभी प्रीपेड ट्रेनों के लिए बासमती चावल का इस्तेमाल किया जाना है, जबकि पोस्टपेड ट्रेनों के लिए अच्छी गुणवत्ता वाले चावल का इस्तेमाल किया जाना है.
इस श्रेणी में आईआरसीटीसी की सूची में इंडिया गेट, कोहिनूर, दावत, टिल्डा, श्री लाल महल, लाल किला, देवाया, एयरोप्लेन और फॉर्च्यून जैसे ब्रांड शामिल हैं. इन ब्रांडों के साथ संबंधित कंपनियों के नाम भी दस्तावेज में दिए गए हैं.
यानी ट्रेन में मिलने वाले खाने को लेकर आटा और चावल के मामले में आईआरसीटीसी ने सिर्फ एक ब्रांड तय नहीं किया था. आटा, मैदा, बेसन और सूजी की श्रेणी में कई ब्रांड शॉर्टलिस्ट किए गए थे, जबकि चावल में ट्रेन की कैटरिंग व्यवस्था के हिसाब से बासमती और अच्छी गुणवत्ता वाले चावल का प्रावधान दर्ज है.
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