आपने ट्रेन में सफर करते समय डिब्बे के अंदर लाल रंग की एक चेन जरूर देखी होगी. इसके पास लिखा होता है कि बिना उचित कारण चेन खींचना दंडनीय है. लेकिन क्या आपने कभी सोचा है कि अगर चलती ट्रेन में कोई यात्री यह चेन खींच दे, तो आखिर होता क्या है? क्या ट्रेन तुरंत रुक जाती है? क्या ड्राइवर को केबिन में कोई अलार्म सुनाई देता है या उसे किसी दूसरे तरीके से पता चलता है कि ट्रेन रोकनी है?
दरअसल, ट्रेन की चेन खींचने का सिस्टम यात्रियों की आपात स्थिति को ध्यान में रखकर बनाया गया है. अगर किसी यात्री की तबीयत अचानक बिगड़ जाए या कोई दूसरी गंभीर परेशानी हो, तो इस व्यवस्था के जरिए ट्रेन को रुकवाने में मदद मिल सकती है. हालांकि, चेन खींचते ही ट्रेन किसी बटन की तरह तुरंत नहीं रुकती. इसके पीछे एक खास तकनीकी व्यवस्था काम करती है.
1. चेन खींचते ही सबसे पहले क्या होता है?
ट्रेन में लगी चेन एक खास काम के लिए होती है. जब कोई यात्री इसे खींचता है, तो ट्रेन के ब्रेक लगाने वाला सिस्टम काम करने लगता है. ट्रेन के ब्रेक लगाने में हवा का भी इस्तेमाल होता है. चेन खींचने पर इस सिस्टम में बदलाव होता है और ब्रेक लग सकते हैं. इससे ट्रेन की रफ्तार कम होने लगती है. जैसे साइकिल में ब्रेक लगाने पर उसकी स्पीड कम हो जाती है, वैसे ही ट्रेन में भी ब्रेक लगाने से उसकी स्पीड कम होने लगती है. फर्क बस इतना है कि ट्रेन बहुत भारी होती है, इसलिए उसे रोकने में ज्यादा समय लग सकता है.
2. ड्राइवर को कैसे पता चलता है कि चेन खींची गई है?
ट्रेन का ड्राइवर इंजन वाले डिब्बे में बैठता है और ट्रेन के डिब्बे उसके पीछे होते हैं. ऐसे में अगर किसी यात्री ने पीछे वाले डिब्बे में चेन खींची, तो ड्राइवर को कैसे पता चलेगा? दरअसल, चेन खींचने से ट्रेन के ब्रेक सिस्टम में बदलाव होता है. इंजन में लगे उपकरणों से ड्राइवर को ब्रेक के दबाव में बदलाव का पता चल सकता है. इससे उसे समझने में मदद मिलती है कि ट्रेन में ब्रेक लगने की वजह से कोई परेशानी हुई है. हर ट्रेन में इसकी व्यवस्था एक जैसी नहीं होती. इसलिए हर ट्रेन में चेन खींचने पर ड्राइवर के सामने कोई खास बत्ती जले या अलार्म बजे, यह जरूरी नहीं है.
3. क्या चेन खींचते ही ट्रेन तुरंत रुक जाती है?
नहीं, चेन खींचते ही ट्रेन तुरंत नहीं रुकती. सोचिए, अगर आप साइकिल तेज चला रहे हैं और अचानक ब्रेक लगाते हैं, तो साइकिल कुछ दूरी चलने के बाद रुकती है. ट्रेन के साथ भी ऐसा ही होता है. ट्रेन बहुत भारी होती है और तेज रफ्तार से चलती है. इसलिए ब्रेक लगने के बाद भी वह कुछ दूरी तय कर सकती है. उसे रुकने में कितना समय लगेगा, यह उसकी रफ्तार और ब्रेक की हालत पर निर्भर करता है. इसलिए चेन खींचने के बाद ट्रेन किसी स्टेशन से पहले भी रुक सकती है और स्टेशन से दूर भी.
4. ट्रेन रुकने के बाद रेलवे कर्मचारी क्या करते हैं?
जब चेन खींचने की वजह से ट्रेन रुकती है, तो रेलवे के कर्मचारी पता लगाने की कोशिश करते हैं कि ट्रेन क्यों रुकी. वे यह भी जानने की कोशिश कर सकते हैं कि किस डिब्बे में चेन खींची गई है. इसके बाद वे वहां जाकर देखते हैं कि किसी यात्री को मदद की जरूरत तो नहीं है. उदाहरण के लिए, अगर किसी यात्री की तबीयत अचानक खराब हो गई है या कोई दूसरी गंभीर परेशानी है, तो उसकी मदद करने की कोशिश की जाती है. हालांकि, चेन खींचे गए डिब्बे का पता लगाने का तरीका हर ट्रेन में एक जैसा नहीं होता.
5. क्या चेन खींचने पर पूरी ट्रेन में ब्रेक लगते हैं?
ट्रेन के डिब्बे एक-दूसरे से जुड़े होते हैं. पारंपरिक एयर-ब्रेक वाली ट्रेनों में चेन खींचने से ब्रेक पाइप में हवा का दबाव कम हो सकता है. इससे ट्रेन के कई या सभी जुड़े हुए डिब्बों में ब्रेक लगने लगते हैं. आसान भाषा में कहें तो ट्रेन में ब्रेक लगाने का सिस्टम इस तरह बनाया जाता है कि जरूरत पड़ने पर ट्रेन की रफ्तार कम की जा सके. हालांकि, अलग-अलग ट्रेनों में ब्रेक लगाने का तरीका अलग हो सकता है.
6. बिना वजह चेन खींचने पर क्या होता है?
ट्रेन में चेन यात्रियों की मदद के लिए लगाई जाती है. इसका इस्तेमाल सिर्फ अपनी सुविधा के लिए नहीं करना चाहिए. मान लीजिए, किसी यात्री को अगले स्टेशन पर उतरना है, लेकिन ट्रेन वहां पहुंचने वाली नहीं है. अगर वह अपनी मर्जी से चेन खींच देता है, तो ट्रेन बीच रास्ते में रुक सकती है. इससे दूसरे यात्रियों को देर हो सकती है और ट्रेन के चलने का समय भी बिगड़ सकता है. बिना उचित कारण चेन खींचना कानून के खिलाफ है. रेलवे अधिनियम की धारा 141 के तहत इसके लिए एक साल तक की जेल, एक हजार रुपये तक का जुर्माना या दोनों हो सकते हैं. इसलिए चेन का इस्तेमाल बिना वजह नहीं करना चाहिए.
7. ट्रेन में चेन क्यों लगाई जाती है?
ट्रेन में चेन इसलिए लगाई जाती है, ताकि मुसीबत के समय यात्रियों की मदद की जा सके. जैसे सफर के दौरान किसी यात्री की तबीयत बहुत खराब हो जाए या कोई ऐसी परेशानी हो जाए, जिसमें ट्रेन रोकना जरूरी हो. ऐसे समय में चेन मदद कर सकती है. लेकिन इसे बिना वजह खींचना सही नहीं है.
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