अगर आपको लगता है कि घर की बालकनी, छत या गमले में गांजे का एक पौधा लगाना कोई बड़ी बात नहीं है, तो यह सोच आपको कानूनी परेशानी में डाल सकती है. भारत में बिना अनुमति गांजे यानी कैनबिस के पौधे की खेती करना कानूनन अपराध है. यह पौधा चाहे खेत में लगाया जाए, घर की जमीन पर या फिर किसी छोटे से गमले में, नियम सभी जगह लागू होते हैं. नारकोटिक ड्रग्स एंड साइकोट्रॉपिक सब्सटेंस एक्ट, 1985 यानी NDPS Act के तहत इसके खिलाफ कार्रवाई हो सकती है.
घर में एक पौधा लगाने पर भी मामला बन सकता है
कई लोगों को लगता है कि अगर पौधा सिर्फ अपने इस्तेमाल के लिए लगाया गया है और उसे बेचा नहीं जा रहा, तो कानून कुछ नहीं करेगा. लेकिन ऐसा नहीं है. NDPS Act की धारा 20 में कैनबिस के पौधे की खेती को ही अपराध माना गया है. यानी इसके लिए यह जरूरी नहीं कि आपने गांजा बेचने की कोशिश की हो. अगर किसी व्यक्ति ने जानबूझकर कैनबिस का पौधा उगाया है और उसके पास इसकी वैध अनुमति नहीं है, तो उस पर कानूनी कार्रवाई हो सकती है.
कितनी हो सकती है सजा?
NDPS Act की धारा 20 के तहत कैनबिस के पौधे की खेती करने पर दोषी पाए जाने पर 10 साल तक की कठोर जेल हो सकती है. इसके साथ 1 लाख रुपये तक का जुर्माना भी लगाया जा सकता है. इसलिए यह समझना गलत होगा कि घर में सिर्फ एक पौधा होने से मामला छोटा हो जाएगा. कानून में कैनबिस प्लांट की अवैध खेती को अलग से अपराध के रूप में रखा गया है. हालांकि गांजा रखने, बेचने या दूसरी गतिविधियों में सजा का आधार मात्रा के हिसाब से अलग हो सकता है. छोटी मात्रा, उससे ज्यादा मात्रा और व्यावसायिक मात्रा के लिए अलग-अलग प्रावधान हैं. लेकिन सिर्फ पौधा उगाने के मामले में धारा 20(a) के तहत अलग प्रावधान लागू होता है.
गमले में लगाने पर भी कानून लागू
मान लीजिए किसी व्यक्ति ने खेत में गांजे की खेती नहीं की, बल्कि घर की बालकनी में एक गमले में पौधा लगा लिया. तब भी सिर्फ जगह बदल जाने से यह काम कानूनी नहीं हो जाता. रिपोर्ट के मुताबिक, अदालतों में ऐसे मामलों में इस बात को महत्वपूर्ण माना गया है कि व्यक्ति ने पौधे को जानबूझकर उगाया और उसकी देखभाल की या नहीं. इसलिए घर के अंदर या निजी जगह पर पौधा लगाना भी सुरक्षित कानूनी रास्ता नहीं है.
फिर भांग और गांजे में क्या अंतर है?
भांग और गांजे को अक्सर एक ही चीज समझ लिया जाता है, लेकिन कानूनी तौर पर इनके बीच अंतर है. एनपीएस एक्स में कैनबिस की परिभाषा के तहत पौधे के अलग-अलग हिस्सों को अलग तरीके से देखा गया है. सामान्य तौर पर गांजा पौधे के फूल या फलने वाले हिस्से से जुड़ा है, जबकि भांग मुख्य रूप से पत्तियों और बीजों से जुड़ी होती है. भांग की कानूनी स्थिति भी हर जगह एक जैसी नहीं है और कई राज्यों में इसकी बिक्री या इस्तेमाल के लिए अलग नियम हैं. इसलिए यह मान लेना सही नहीं होगा कि भांग से जुड़े नियम गांजे के पौधे की खेती पर भी लागू होते हैं.
क्या कहीं कैनबिस की खेती कानूनी है?
हां, लेकिन इसका मतलब यह नहीं कि कोई भी व्यक्ति अपने घर में गांजा उगा सकता है. एनपीएस एक्स की धारा 14 में सरकार को औद्योगिक उद्देश्यों और वैज्ञानिक या चिकित्सीय जरूरतों के लिए कुछ परिस्थितियों में कैनबिस की खेती की अनुमति देने का प्रावधान है. ऐसी खेती लाइसेंस और तय नियमों के तहत की जाती है. कुछ राज्यों में नियंत्रित और लाइसेंस वाली खेती की अनुमति भी दी गई है.
इसलिए अगर आपके मन में यह सवाल है कि घर में गांजे का पौधा लगाने पर जेल हो सकती है या नहीं, तो सीधा जवाब है- बिना वैध अनुमति कैनबिस का पौधा उगाना कानूनी अपराध है और इसके लिए 10 साल तक की जेल और 1 लाख रुपये तक का जुर्माना हो सकता है. किसी भी मामले में वास्तविक कार्रवाई और सजा तथ्यों, सबूतों और अदालत के फैसले पर निर्भर करेगी. इसलिए सोशल मीडिया पर मिलने वाली अधूरी जानकारी के आधार पर घर में ऐसा पौधा उगाना कानूनी जोखिम पैदा कर सकता है.
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