23 मई 2015 को हजारों एलजीबीटीक्यू कार्यकर्ताओं ने जश्न मनाया. क्योंकि आयरलैंड जनमत संग्रह के माध्यम से समलैंगिक विवाह को कानूनी मान्यता देने वाला पहला देश बन गया था.जनमत संग्रह में 62% मतदाताओं (12 लाख लोगों) ने इसे कानूनी मान्यता देने के लिए 'हां' में वोट दिया और यह सफल रहा. मतदान में भारी संख्या में लोग शामिल हुए थे.
जिनमें से 60.5% योग्य मतदाता और अभूतपूर्व संख्या में युवा मतदान करने पहुंचे. 43 संसदीय निर्वाचन क्षेत्रों में से केवल एक को छोड़कर बाकी सभी ने इसके पक्ष में मतदान किया और इसकी स्वीकृति पर कभी कोई संदेह नहीं रहा.
मतदान समाप्त होते ही, आयरलैंड के प्रमुख सरकारी परिसर डबलिन कैसल में लगभग 2,000 कार्यकर्ताओं की भीड़ उमड़ पड़ी, जो रंगों और लोगों से भरी हुई थी. भीड़ ने जीत के नारे लगाए. इंद्रधनुषी झंडे लहराए गए. कई लोगों की आंखों से आंसू बहे और जोड़ों ने एक-दूसरे को चूमा, क्योंकि आयरलैंड ने अपने इतिहास में एक महत्वपूर्ण मोड़ लिया था.
यह सफर धीमा रहा. आयरलैंड, जो पारंपरिक रूप से एक रूढ़िवादी कैथोलिक देश है. वहां समलैंगिकता को 1993 में ही अपराध की श्रेणी से बाहर कर दिया गया था. जनमत संग्रह के लिए प्रचार अभियान उसी वर्ष 19 फरवरी को मतदान की तारीख की घोषणा के तुरंत बाद शुरू हो गया था.
पहली बार सोशल मीडिया ने लोगों को प्रभावित करने में भूमिका निभाई. दोनों पक्षों ने टीवी विज्ञापन, बिलबोर्ड और पर्चे जारी कर लोगों को अपने पक्ष में मतदान करने के लिए प्रोत्साहित किया. मतदान के दिन, लोगों ने #hometovote हैशटैग का इस्तेमाल करके विदेश में रहने वाले युवा आयरिश लोगों को समय पर घर आकर मतदान करने के लिए प्रोत्साहित किया. हजारों लोग वापस लौटे और लंदन से आयरलैंड के टिकट एक रात पहले ही बिक गए थे.
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कई राजनेताओं ने इस परिणाम का स्वागत किया. स्वास्थ्य मंत्री लियो वराडकर ने चुनाव प्रचार के दौरान पहली बार सार्वजनिक रूप से अपने समलैंगिक होने की बात स्वीकार की और इस जीत को ऐतिहासिक दिन बताया. समानता मंत्री आयोधान ओ'रिओर्डेन ने कहा कि इस जीत ने उन्हें आयरिश होने पर गर्व महसूस कराया है.
हालांकि, कैथोलिक चर्च इस फैसले से उतना खुश नहीं था. आर्कबिशप एमोन मार्टिन ने कहा कि जनमत संग्रह के पारित होने के बाद चर्च को शोक का अनुभव हुआ और कार्डिनल पिएत्रो पारोलिन ने इसे मानवता की हार बताया.
आयरलैंड में पहला समलैंगिक विवाह 17 नवंबर 2015 को हुआ. मतदान के लगभग छह महीने बाद. रिचर्ड डॉलिंग और कॉर्मैक गोलोगली, दोनों 35 वर्ष के थे. जब उन्हें कानूनी रूप से शादी करने की अनुमति मिली, तब तक वे 12 वर्षों से साथ थे. अब 34 देशों और अमेरिका के सभी 50 राज्यों में समलैंगिक विवाह कानूनी रूप से वैध है.
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