जंतर- मंतर पर चल रहे प्रोटेस्ट को कंट्रोल करने के लिए तैनात दिल्ली पुलिस के कई जवानों की वर्दी पर नेम प्लेट नहीं हैं. कई बार इसके लेकर बवाल हुआ है. विरोध दर्ज कराने वाले लोगों ने ऐसे पुलिस कर्मियों की तस्वीरें और वीडियो भी सोशल मीडिया पर शेयर की है. ऐसे में सवाल उठता है कि क्या दिल्ली पुलिस के जवान और अफसर बिना नेम प्लेट के वर्दी पहन कर ड्यूटी कर सकते हैं?
इससे पहले भी सीजेपी के प्रोटेस्ट में बिना नेम प्लेट वाली पुलिस यूनिफॉर्म को लेकर काफी बवाल हुआ था. ऐसी कई तस्वीरें और वीडियो सामने आए थे. जिनमें प्रोटेस्ट कर रहे लोग पुलिस से उनका नाम पूछते और नेम प्लेट नहीं लगाने की वजह जानने की कोशिश करते दिखे थे.
प्रदर्शनकारियों को कंट्रोल करने के लिए जंतर- मंतर पर तैनात दिल्ली पुलिस के कई जवान जो बिना नेम प्लेट वाली वर्दी के साथ ड्यूटी कर रहे हैं. क्या इस तरह से बिना नेम प्लेट वाली वर्दी पहनकर ड्यूटी की जा सकती है? चलिए जानते हैं इस बारे में दिल्ली पुलिस मैनुअल के नियम क्या हैं? कब- कब दिल्ली पुलिस की वर्दी पर नेम प्लेट लगाना जरूरी है.
क्या कहता है नियम
दिल्ली पुलिस के स्टैंडिंग आर्डर 51 के मुताबिक, इसके पार्ट 1 A (i) में ड्यूटी के दौरान कैसी वर्दी होनी चाहिए, इसको लेकर प्रावधान हैं. इस नियम के अनुसार साफ शब्दों में लिखा हुआ है कि काम के दौरान काले बैकग्राउंड पर सफेद अक्षरों में प्लास्टिक नेम प्लेट पर दो भाषाओं हिंदी और अंग्रेजी में नाम लिखे होने चाहिए. वहीं डीसीपी और उससे ऊपर के अधिकारियों के लिए नेम प्लेट काले बैकग्राउंड पर जरी से कढ़ाई की हुई होनी चाहिए. यानी ड्यूटी के दौरान पुलिसकर्मियों की वर्दी पर नेम प्लेट होना जरूरी है.
सिर्फ काम के दौरान ही नहीं. स्टैंडिंग आर्डर 51 के 1 A (i) में नेम प्लेट और वर्दी को लेकर दिए गए प्रावधान के अनुसार परेड के दौरान पहनी गई वर्दी भी सेम होगी. यानी परेड में शामिल होने के दौरान भी पुलिस कर्मी की वर्दी पर नेम प्लेट लगे होने चाहिए.
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इस तरह स्टैंडिंग आर्डर 51 के मुताबिक, किसी प्रदर्शन, धरना या आंदोलन कंट्रोल करना हो या किसी भी प्रकार की ड्यूटी पर तैनाती हो. पुलिस कर्मी और अफसरों को वर्दी के ऊपर नेम प्लेट लगाना अनिवार्य है.
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