मेलबर्न में घर नहीं खरीद पाया कपल, तो पुरानी बोतलों से बना डाला 7 करोड़ का 'ड्रीम हाउस'

मेलबर्न में घर नहीं खरीद पाए तो कपल ने जमीन खरीदकर अपना ही घर बना डाला. तस्मानिया में तैयार इस अनोखे अर्थशिप की दीवारों में पुरानी कांच की बोतलें लगी हैं और इसे बनाने में करीब 8.8 लाख डॉलर खर्च हुए. आइये जानते हैं इस घर के बारे में

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मैट और केट ने पारंपरिक अर्थशिप डिजाइन की हूबहू नकल नहीं की (सांकेतिक तस्वीर-Ai Generated) मैट और केट ने पारंपरिक अर्थशिप डिजाइन की हूबहू नकल नहीं की (सांकेतिक तस्वीर-Ai Generated)

aajtak.in

  • नई दिल्ली,
  • 14 सितंबर 2026,
  • अपडेटेड 5:54 PM IST

मेलबर्न में घर खरीदने का सपना ऑस्ट्रेलियाई कपल मैट एलिस और केट टकर का बार-बार टूट रहा था. कभी कीमत आड़े आती तो कभी नीलामी में दूसरे खरीदार उनसे आगे निकल जाते. आखिरकार दोनों ने शहर से दूर जाकर अपनी पसंद का घर खुद बनाने का फैसला किया. उन्होंने तस्मानिया के साइगनेट के पास 1.5 हेक्टेयर जमीन खरीदी और यहां पुरानी कांच की बोतलों से दीवारों वाला अनोखा अर्थशिप घर तैयार किया.

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कपल ने रीसायकल्ड बोतलों, रैम्ड अर्थ और पैसिव सोलर तकनीक का इस्तेमाल किया. घर बनाने में करीब तीन साल लगे और इसकी फाइनल कॉस्ट 8.8 लाख डॉलर यानी भारतीय रुपये में करीब 7 करोड़ रुपये से ज्यादा रही. खास बात यह है कि पुरानी कांच की बोतलें घर की दीवारों का हिस्सा बन गईं.

मेलबर्न छोड़ तस्मानिया क्यों गए?

ABC की रिपोर्ट के मुताबिक,  मैट और केट लंबे समय से काउंसाइड में रहने का सपना देख रहे थे, लेकिन उनकी पहली पसंद मेलबर्न थी. वे अपने दोस्तों और कम्युनिटी के करीब रहना चाहते थे. हालांकि महंगे प्रॉपर्टी मार्केट के कारण उन्हें बार-बार निराशा हाथ लगी. वे जब भी घर खरीदने की कोशिश करते, ज्यादा बोली लगाने वाले खरीदार बाजी मार ले जाते.

इसके बाद दोनों ने तैयार घर खरीदने के बजाय जमीन खरीदकर अपना घर बनाने का फैसला किया. उन्हें तस्मानिया के साइगनेट के पास अपनी जरूरत के मुताबिक जगह मिल गई. 1.5 हेक्टेयर जमीन के लिए उन्होंने 3.3 लाख डॉलर चुकाए.

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क्या होता है अर्थशिप?

अर्थशिप ऐसे घरों की अवधारणा है, जिन्हें प्राकृतिक संसाधनों और रीसायकल्ड मटेरियल की मदद से ज्यादा आत्मनिर्भर बनाने की कोशिश की जाती है. इसकी शुरुआत 1970 के दशक में अमेरिका के न्यू मैक्सिको में आर्किटेक्ट माइकल रेनॉल्ड्स के काम से हुई थी.

इन घरों में पैसिव सोलर हीटिंग, पानी जमा करने, खाना उगाने और घरेलू कचरे के प्रबंधन जैसी चीजों पर ध्यान दिया जाता है. मोटी दीवारें अंदर के तापमान को स्थिर रखने में मदद करती हैं.

मैट और केट ने पारंपरिक अर्थशिप डिजाइन की हूबहू नकल नहीं की. उन्होंने इसके सिद्धांतों को अपनाकर मॉडर्न और कंटेम्परेरी लुक वाला घर बनाया.

दीवारों में लगाईं पुरानी कांच की बोतलें

घर की सबसे खास चीज इसकी बोतल ब्रिक्स हैं. पुरानी कांच की बोतलों को दीवारों के कुछ हिस्सों में बिल्डिंग मटेरियल के तौर पर इस्तेमाल किया गया. इनसे छनकर आने वाली रोशनी घर को अलग लुक देती है.

घर में रैम्ड अर्थ की दीवारें भी बनाई गई हैं. ये दिन में गर्मी सोखती हैं और धीरे-धीरे छोड़ती हैं, जिससे अंदर का तापमान ज्यादा स्थिर रखने में मदद मिलती है. इसके अलावा उत्तर दिशा की ओर खुलने वाली खिड़कियां और एक ग्रीनहाउस भी बनाया गया है.

6 लाख डॉलर का अनुमान, खर्च हुए 8.8 लाख

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शुरुआत में कपल को उम्मीद थी कि घर करीब 6 लाख डॉलर में तैयार हो जाएगा. लेकिन निर्माण के दौरान कई परेशानियां आईं. काम का नेतृत्व कर रहे कारपेंटर के गंभीर रूप से बीमार पड़ने से प्रोजेक्ट प्रभावित हुआ. इसके बाद कई हफ्तों की बारिश ने भी काम धीमा कर दिया.

नतीजा यह हुआ कि प्रोजेक्ट की टाइमलाइन बढ़ती गई और खर्च भी बढ़ गया. आखिरकार घर को पूरा होने में करीब तीन साल लगे और इसकी फाइनल कॉस्ट 8.8 लाख डॉलर पहुंच गई.

वॉलंटियर्स ने भी की मदद

मुश्किल दौर में कपल ने अर्थशिप कम्युनिटी की मदद ली. उन्होंने एक वर्कशॉप आयोजित की, जिसमें वॉलंटियर्स उनके घर के निर्माण में मदद करने पहुंचे. करीब एक हफ्ते तक लोगों ने कॉब वॉल्स और बोतल ब्रिक्स समेत कई काम किए.

करीब तीन साल की मेहनत के बाद घर जुलाई 2025 में पूरा हुआ. बाहर से इसका डिजाइन काफी मॉडर्न दिखता है, लेकिन अंदर रीसायकल्ड बोतलें, रैम्ड अर्थ की दीवारें, पैसिव सोलर डिजाइन और ग्रीनहाउस इसे अर्थशिप कॉन्सेप्ट से जोड़ते हैं.

मैट और केट मानते हैं कि घर बनाने में अनुमान से ज्यादा पैसा और समय लगा, लेकिन उन्हें अपने फैसले पर पछतावा नहीं है. उनके लिए यह सिर्फ घर नहीं, बल्कि उनकी जरूरत और सोच के हिसाब से बनाया गया खास स्पेस है.

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