ठंड के दस्तक देते ही AQI बढ़ने लगा है. यानी हवा की क्वालिटी खराब हो रही है. ऐसे में बढ़ते पॉल्यूशन से हम घर के अंदर भी सेफ नहीं रह जाते. क्योंकि, खराब हवा के साथ पॉल्यूशन अंदर तक चला आता है. ऐसे में जानते हैं कि एक्यूआई कंट्रोल घर क्या होता है? ऐसे घरों में पॉल्यूशन का कोई असर नहीं पड़ता है.
AQI कंट्रोल होम, जिसे इंडोर एयर क्वालिटी या IAQ मैनेज्ड होम भी कहा जाता है. एक ऐसा घर होता है जहां विशेष तकनीकों और उपायों के ज़रिए बाहर के पॉल्यूटेंट जैसे PM2.5, PM10 को अंदर आने से रोका जाता है.
किन रास्तों से घरों के अंदर घुसती है गंदी हवा
बाहर की हवा कई तरीकों से अंदर आती है. बिल्डिंग के अंदर अनजाने में लीक होना, खुली खिड़कियां और दरवाजे. इन सबसे बाहरी गंदी हवा लगातार अंदर आती रहती हैं और उन्हें बंद नहीं किया जा सकता, खुली खिड़कियां सबसे तेज रास्ता होती हैं.
दूसरा इनफिल्ट्रेशन के जरिए भी घर के अंदर प्रदूषित हवा घुस जाती है. इसका मतलब है बाहर की हवा उन छेदों से अंदर आना जिन्हें किसी ने डिजाइन नहीं किया है. जैसे खिड़की और दरवाजे के फ्रेम के आस-पास के गैप, यूटिलिटी पेनेट्रेशन, अटारी के हैच, नींव की जोड़ें.
PM2.5 , यानी 2.5 माइक्रोन और उससे छोटे पार्टिकुलेट मैटर, उन छेदों से अंदर आ जाते हैं जो आम धूल को रोकते हैं. यही वजह है कि खिड़कियां बंद होने पर घर में धुएं की बदबू आती है. ऐसे में AQI कंट्रोल घर इन सभी परेशानियों से हमें दूर रखता है और घर के अंदर फ्रेश एयर सर्कुलेट होता रहता है. अब समझते हैं कि यह होता कैसे है.
कैसे काम करता है AQI होम
यह कोई जादुई या पूरी तरह प्रदूषण-मुक्त घर नहीं होता, बल्कि साइंस और आधुनिक उपकरणों की मदद से घर के भीतर की हवा को साफ रखा जाता है. ताकि बाहर AQI 400-500 होने पर भी अंदर का AQI 50 या उससे नीचे बना रहे.
घर के कमरों में हाई-एफिशिएंसी पार्टिकुलेट एयर वाले एयर प्यूरीफायर लगाए जाते हैं जो बारीक कणों को छान लेते हैं. बाहर की गंदी हवा सीधे खिड़कियों से आने के बजाय, फ्रेश एयर यूनिट के ज़रिए छनकर ताजी हवा के रूप में अंदर आती है. यह काम फ्रेश एयर यूनिट जैसे डिवाइस में प्री-फिल्टर और एक्टिवेटेड कार्बन के जरिए होता है.
घर की सीलिंग और क्रैक-प्रूफ डिजाइन भी अंदर के AQI को कम रखने में मदद करती है. इससे घर काफी हद तक एक्यूआई कंट्रोल्ड रहता है. इसके लिए खिड़कियों और दरवाजों पर एयर-टाइट गैस्केट लगाए जाते हैं ताकि बाहर की धूल और धुआं दरारों से अंदर न घुस सके.
इसके अलावा अगर घर के अंदर का स्पेस ज्यादा है तो हवा को प्राकृतिक रूप से शुद्ध करने के लिए स्नेक प्लांट, स्पाइडर प्लांट और मनी प्लांट जैसी बड़ी संख्या में पौधे रखे जाते हैं.ऐसे घरों में अंदर अगरबत्ती, मोमबत्ती, स्मोकिंग या अत्यधिक धुएं वाले सॉस-कुकिंग तरीकों से परहेज किया जाता है.
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