देहरादून में मुख्यमंत्री आवास पर आयोजित संवाद कार्यक्रम में स्कूली बच्चों ने मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी के सामने शिक्षा, खेल और युवाओं से जुड़े कई मुद्दे उठाए. इस दौरान छात्राओं की तरफ से अंकिता भंडारी प्रकरण का मुद्दा भी उठाया गया. कार्यक्रम में CNI गर्ल्स स्कूल की छात्रा सयारा ने ताइक्वांडो से जुड़ी अपनी आपबीती मुख्यमंत्री के सामने रखी. सयारा ने मुख्यमंत्री से कहा, मेरा इंटरनेशनल ताइक्वांडो में सेलेक्शन हुआ था और मुझसे 1.50 लाख मांगे थे और मैं इंटरनेशनल नहीं खेल पाई.
अपनी बात बताते हुए छात्रा भावुक हो गई और उसके आंसू निकल आए. छात्रा ने कहा कि अंतरराष्ट्रीय प्रतियोगिता में खेलने के लिए उससे पैसे मांगे गए थे. इस पर मुख्यमंत्री धामी ने उसे शांत करते हुए कहा, ओह, अच्छा-अच्छा, बैठ जाओ. इसके बाद मुख्यमंत्री ने मौके पर मौजूद अधिकारियों से छात्रा के स्कूल और उसके ताइक्वांडो प्रशिक्षण से जुड़ी जानकारी जुटाने के निर्देश दिए. एक अन्य वीडियो में मुख्यमंत्री अधिकारियों से छात्रा के स्कूल और बाकी चीजों का पता करवाने के लिए कहते नजर आए.
छात्रा ने बताया कि वह जम्मू में आयोजित नेशनल ताइक्वांडो प्रतियोगिता में हिस्सा लेने गई थी. इसके बाद उसका चयन रोमानिया में होने वाली अंतरराष्ट्रीय ताइक्वांडो प्रतियोगिता के लिए हुआ. सयारा के मुताबिक, अंतरराष्ट्रीय प्रतियोगिता में जाने के लिए यात्रा समेत कुल खर्च करीब 3.70 लाख रुपये बताया गया था. इसमें से करीब 1.70 लाख रुपये की सहायता काउंसिल की तरफ से किए जाने की बात कही गई थी. वहीं लगभग 1.50 लाख रुपये की व्यवस्था उसे खुद करनी थी. छात्रा के मुताबिक, आर्थिक व्यवस्था नहीं हो पाने के कारण वह अंतरराष्ट्रीय प्रतियोगिता में हिस्सा नहीं ले पाई. मुख्यमंत्री के सामने अपनी बात रखते समय वह पूरी जानकारी नहीं बता सकी.
बाद में छात्रा सयारा ने बताया कि वह मुख्यमंत्री के सामने अपनी बात पूरी नहीं रख पाई थी. उसने कहा कि जम्मू में नेशनल प्रतियोगिता में खेलने के बाद उसका चयन रोमानिया में होने वाली ताइक्वांडो प्रतियोगिता के लिए हुआ था. सयारा के अनुसार, प्रतियोगिता में जाने के लिए यात्रा और अन्य खर्च मिलाकर करीब 3.70 लाख रुपये की जरूरत थी. काउंसिल की तरफ से करीब 1.70 लाख रुपये की मदद की बात थी, जबकि लगभग 1.50 लाख रुपये उसे स्वयं जुटाने थे. छात्रा ने यह भी बताया कि उसने इस संबंध में स्कूल में किसी को जानकारी नहीं दी थी.
सयारा की आपबीती ने खेल प्रतिभाओं के सामने आर्थिक संसाधनों की कमी के सवाल को भी सामने ला दिया है. अंतरराष्ट्रीय स्तर पर खेलने का मौका मिलने के बावजूद खर्च की व्यवस्था करना छात्रा के लिए चुनौती बन गया. खासतौर पर स्कूली स्तर के खिलाड़ियों के लिए प्रतियोगिताओं में हिस्सा लेने, यात्रा, प्रशिक्षण और अन्य खर्चों की व्यवस्था करना कई बार मुश्किल हो जाता है.
सयारा के मामले में भी अंतरराष्ट्रीय प्रतियोगिता के लिए जरूरी रकम की व्यवस्था नहीं हो पाने की बात सामने आई है. अब मुख्यमंत्री के निर्देश के बाद छात्रा के स्कूल और उसके ताइक्वांडो प्रशिक्षण से जुड़ी जानकारी अधिकारियों द्वारा जुटाई जाएगी. छात्रा ने मुख्यमंत्री के सामने अपनी समस्या रखकर अंतरराष्ट्रीय प्रतियोगिता में चयन के बाद आर्थिक परेशानी के कारण खेल से दूर रह जाने की अपनी आपबीती साझा की है.
बाद में छात्रा सयारा ने बताया कि वह मुख्यमंत्री के सामने पूरी बात नहीं रख पाई थी. जम्मू में नेशनल खेलने के बाद उसका चयन रोमानिया की ताइक्वांडो प्रतियोगिता के लिए हुआ था. इसके लिए करीब 3.70 लाख रुपये खर्च बताए गए, जिसमें काउंसिल से 1.70 लाख रुपये की मदद और करीब 1.50 लाख रुपये उसे खुद जुटाने थे. उसने स्कूल में भी इसकी जानकारी नहीं दी थी.
अंकित शर्मा