आधार कार्ड की वजह से सुलझी इंजीनियर के मौत की गुत्थी

पुलिस कप्तान निवेदिता कुकरेती के द्वारा बनाई गई टीम ने 3 दिन में ही रहस्य से पर्दा उठा कर सच को सामने ला दिया.

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आधार कार्ड की वजह से सुलझी इंजीनियर के मौत की गुत्थी आधार कार्ड की वजह से सुलझी इंजीनियर के मौत की गुत्थी

दिलीप सिंह राठौड़

  • देहरादून,
  • 30 नवंबर 2017,
  • अपडेटेड 3:16 AM IST

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने जिस आधार कार्ड को बढ़ावा दिया और डिजिटल इंडिया बनाने की पहल की उसी का नतीजा रहा की एक ऐसी मौत की गुत्थी सुलझ पाई जिसको पहले देहरादून पुलिस हत्या मान कर चल रही थी मगर बाद में आधार कार्ड की जरिए पुलिस बैंक तक पहुंची और उसके बाद ये जान पाई की जिसको वो हत्या मानकर चल रही थी वो दरअसल के आत्महत्या है मगर सच्चाई के पास पहुंचते हुए उसे ये मालूम चला कि आत्महत्या के पीछे जो कारण छिपे हैं वो भी ना केवल किसी बड़े जुर्म की तरफ इशारा कर रहे हैं बल्कि मानवता के नाम पर भी सवाल उठा रहे हैं.

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पुलिस कप्तान निवेदिता कुकरेती के द्वारा बनाई गई टीम ने 3 दिन में ही रहस्य से पर्दा उठा कर सच को सामने ला दिया.

ये था पूरा मामला-

दरअसल 25 नवंबर को अचानक पुलिस के पास एक सूचना आई कि शहर के मुख्य रास्ते राजपुर रोड के पास ही एक लाश पड़ी है जिसके कान के पास से सटा कर गोली मार दी गयी है, दिनदहाड़े हुई इस घटना के बाद पुलिस तुरंत मौके पर पहुंची और लाश को कब्जे में लेकर अपनी तफ्तीश को आगे बढ़ाने पर मालूम पड़ा की जिसकी लाश पुलिस को मिली है वो यतिन वर्मा नामक युवक की है जो बागेश्वर जिले के एक सम्पन्न परिवार से है और बाकायदा इंजीनयर के तौर पर नोएडा में जॉब कर रहा है, आनन-फानन में  पुलिस टीम को तुरंत बागेश्वर और नोएडा के लिये रवाना किया गया पर पुलिस बिना किसी भी क्लू के खाली हाथ वापस आ गई.

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कैसे पहुंची सही घटना क्रम तक-

खाली हाथ पुलिस ने आसपास के होटल के सीसीटीव फुटेज तलाशने शुरू किए और आखिरकार राजपुर रोड के ही के सीसीटीव कैमरे से उन्हें पता चला कि जिस जगह पर यतिन की बॉडी मिली उसी होटल में ही यतिन वर्मा 25 तारीख से रह रहा था. जांच करने पर होटल के ही कर्मचारियों ने बताया कि कैसे और क्या हुआ था और क्यों एक युवा इंजीनियर की लाश होटल के बिल्कुल सामने पड़ी हुई थी.

क्या किया था होटल कर्मचारियों ने-

दरअसल थोड़े से पैसे के लालच में होटल के कर्मचारियों ने यतिन को कमरा बिना किसी एंट्री के दे दिया था शायद उन्होंने ये सोचा भी नही होगा कि जिसको उन्होंने कमरा दिया है वो उसकी आखरी रात है. अगले दिन जब यतिन अपने कमरे से बाहर नहीं निकला तो होटल स्टाफ ने उसका दरवाजा खटखटाया मगर कोई भी हलचल नहीं होने पर उन्होंने दरवाजा तोड़ा और , अंदर यतिन की लाश पड़ी थी और चारों तरफ खून ही खून बिखरा पड़ा था, यतिन के कान पर रखकर गोली चली थी जिसके बाद हर तरफ खून बिखरा पड़ा था. ये देखते ही होटल स्टाफ ने अपना पीछा यतिन से छुड़ाने के लिये उसकी लाश को चुपचाप होटल से बाहर फेंक दिया ताकि पुलिस के चक्कर में पड़ने से बचा जा सके. मगर सीसीटीव फुटेज ने उनकी पोल खोल कर रख दी.

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क्यों की इंजीनियर ने आत्महत्या-

यतिन वर्मा एक पढ़ा-लिखा अच्छे परिवार से ताल्लुक रखने वाला लड़का था मगर ने उसे जिम के बाद खाने वाली शक्तिवर्धक दवाइयों का आदी बना दिया था. लगातार दवाइयां लेने के साथ ही उसे नशे की भी लत लग गई थी जिसकी वजह से वह डिप्रेशन में चला गया था और आखिरकार अपने आपको गोली मार ली. ये सब यतिन ने अपने सुसाइड नोट में मरने से पहले लिखा की कैसे उसने 2 तमंचे खरीदे और कैसे गोलियां खरीदीं जिसके बाद उसने आत्महत्या की. देहरादून स्थित शक्तिवर्धक दवाओं की दुकानों को पुलिस ने सील कर दिया है और तलाश में है कि किसने उसको हथियार बेचे.

बात हत्या या आत्महत्या से भी बड़ी है कि कैसे हमारे नौजावन नशे का शिकार हो रहे हैं और क्यों जरा सी तकलीफ होने पर अपना जीवन समाप्त कर ले रहे हैं.

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