CBI ने शुरू की अखिलेश के ड्रीम प्रोजेक्ट गोमती रिवर फ्रंट की जांच

सीबीआई ने अब इस मामले में मुकदमा दर्ज कर लिया है और जांच शुरू कर दी है. आरोपों के मुताबिक 1513 करोड़ रुपए के खर्चे वाले प्रोजेक्ट में बगैर काम किए ही 1437 करोड़ रुपए यानी 95 फीसदी राशि पहले ही जारी कर दी गई. शिकायतों के बावजूद पूरा काम नहीं हुआ, जिसके बाद जांच शुरू हुई आरोपों के मुताबिक परियोजना में मिली राशि को घोटाला करने में अधिकारियों ने और इंजीनियरों ने जमकर खेल किया.

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गोमती रिवर फ्रंट पर अखिलेश यादव (फाइल फोटो) गोमती रिवर फ्रंट पर अखिलेश यादव (फाइल फोटो)

शिवेंद्र श्रीवास्तव

  • लखनऊ,
  • 02 दिसंबर 2017,
  • अपडेटेड 12:57 PM IST

उत्तर प्रदेश में समाजवादी पार्टी सरकार के ड्रीम प्रोजेक्ट गोमती रिवर फ्रंट घोटाले की जांच सीबीआई ने शुरू कर दी है. बीते अगस्त में प्रमुख सचिव गृह उत्तर प्रदेश ने सीबीआई को एक पत्र लिखा था जिसमें सिंचाई विभाग के आठ अभियंताओं को आरोपी बनाया गया था. बाद में गोमती नगर थाने में इनके खिलाफ रिपोर्ट भी दर्ज हुई थी.

मामले की शिकायत के मुताबिक सपा सरकार के दौरान गोमती नदी के किनारे विकास की योजना शुरु की गई थी जिसमें 1513 करोड़ रुपए खर्च किए गए थे. इस खर्चे में गड़बड़ी की शिकायतें मिली थी लेकिन तत्कालीन थी. मार्च में जब सरकार बदली तो इस मामले में जांच शुरु की गई बाद में जांच सीबीआई को सौंप दी गई थी.

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सीबीआई ने अब इस मामले में मुकदमा दर्ज कर लिया है और जांच शुरू कर दी है. आरोपों के मुताबिक 1513 करोड़ रुपए के खर्चे वाले प्रोजेक्ट में बगैर काम किए ही 1437 करोड़ रुपए यानी 95 फीसदी कर दी गई. शिकायतों के बावजूद पूरा काम नहीं हुआ, जिसके बाद जांच शुरू हुई आरोपों के मुताबिक परियोजना में मिली राशि में घोटाला करने में अधिकारियों ने और इंजीनियरों ने जमकर खेल किया.

गेमन इंडिया नाम की जिस कंपनी को ठेका दिया गया वह पहले से डिफॉल्टर थी. सरकार की शिकायत के मुताबिक इसमें परियोजना से जुड़े अधिशासी अभियंता अधीक्षण अभियंता मुख्य अभियंता और प्रमुख अभियंता मुख्य रूप से जिम्मेदार हैं. बीजेपी सरकार ने गठन के बाद ही सीएम योगी आदित्यनाथ ने इस मामले की उच्चस्तरीय जांच की बात की थी. 

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