तेलंगाना के मुख्यमंत्री रेवंत रेड्डी ने सोमवार को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी पर 'राजनीतिक आधार' पर उनकी प्रस्तावित अमेरिका यात्रा रोकने का आरोप लगाया. उन्होंने कहा कि ऐसा इसलिए किया गया क्योंकि वह कांग्रेस सरकार का नेतृत्व करते हैं.
मुख्यमंत्री ने कहा कि उन्होंने तय प्रारूप में विदेश मंत्रालय से राजनीतिक मंजूरी के लिए आवेदन किया था, लेकिन उन्हें एक लाइन का जवाब मिला, जिसमें उनके अनुरोध को खारिज कर दिया गया. उन्होंने सवाल किया, 'राजनीतिक आधार का क्या मतलब है? इस राजनीतिक फैसले का कारण क्या है?'
सीएम रेवंत रेड्डी ने आरोप लगाया कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी नहीं चाहते कि वह तेलंगाना के लिए निवेश आकर्षित करें और मंजूरी प्रक्रिया का इस्तेमाल गुजरात के पक्ष में कर रहे हैं. उन्होंने इसकी तुलना गुजरात के मुख्यमंत्री भूपेंद्र पटेल को दी गई अनुमति से की. रेवंत रेड्डी के मुताबिक, भूपेंद्र पटेल निवेश रोडशो करने के लिए कनाडा और अमेरिका की यात्रा कर रहे थे. रेड्डी ने कहा, 'नरेंद्र मोदी और भूपेंद्र पटेल गुजरात से हैं और गुजरात के मुख्यमंत्री को अमेरिका जाने की अनुमति दी गई है.'
केंद्र तेलंगाना में निवेश को हतोत्साहित कर रहा
मुख्यमंत्री रेवंत रेड्डी ने केंद्र पर कंपनियों और संस्थानों को तेलंगाना में निवेश करने से हतोत्साहित करने की कोशिश करने का आरोप लगाया. उन्होंने कहा, 'वे जानबूझकर तेलंगाना में निवेश के रास्ते में बाधाएं पैदा कर रहे हैं. वे दुनिया को यह संदेश देना चाहते हैं कि जो भी तेलंगाना में निवेश करेगा, उसे इसके परिणाम भुगतने होंगे.' कांग्रेस नेता ने रीजनल रिंग रोड और मेट्रो रेल परियोजनाओं का भी जिक्र किया और आरोप लगाया कि पिछले 30 महीनों से केंद्र तेलंगाना के विकास का समर्थन करने को लेकर अनिच्छुक रहा है. उन्होंने कहा, 'नरेंद्र मोदी खुद को गुजरात का राजदूत समझते नजर आ रहे हैं. वह नहीं चाहते कि देश के दूसरे हिस्से आगे बढ़ें.'
विदेश मंत्रालय ने बताया मंजूरी क्यों नहीं मिली
रेड्डी के आरोपों से कुछ दिन पहले विदेश मंत्रालय ने कहा था कि उनकी प्रस्तावित अमेरिका यात्रा का कार्यक्रम उनके पद या यात्रा के बताए गए उद्देश्य के अनुरूप नहीं था. विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता रणधीर जायसवाल ने शुक्रवार को कहा था कि मुख्यमंत्रियों और अन्य गणमान्य लोगों की प्रस्तावित विदेश यात्राओं का राजनीतिक मंजूरी देने से पहले आकलन किया जाता है. जायसवाल ने कहा था, 'ऐसे मामलों में प्रस्तावित कार्यक्रम संबंधित पद और यात्रा के उद्देश्य के अनुरूप होना चाहिए. इस विशेष मामले में अमेरिका के संबंध में ऐसा नहीं था.
अब्दुल बशीर