तेलंगाना के चिंतल से बेहद दर्दनाक कहानी सामने आई है. यहां ज्वेलरी शॉप पर माता-पिता के साथ गई दो साल की बच्ची की कथित तौर पर साइनाइड से मौत हो गई. आरोप है कि गहनों के काम में इस्तेमाल होने वाला केमिकल दुकान के बाहर रखा था, जिसे बच्ची ने मुंह में डाल लिया था. यह केमिकल साइनाइड बताया जा रहा है. परिजनों ने दुकान मालिक और कर्मचारी पर लापरवाही का आरोप लगाया है.
बच्ची के माता-पिता का नाम गोपी कृष्ण और जानकी है. बेटी की मौत के बाद परिवार ने ज्वेलरी शॉप के प्रबंधन पर लापरवाही का आरोप लगाया. पुलिस ने दुकान के मालिक विष्णु और कर्मचारी वेंकटाचार्य के खिलाफ केस दर्ज किया है. सवाल है कि आखिर ज्वेलरी शॉप में इस्तेमाल होने वाला केमिकल दुकान के बाहर क्या कर रहा था? और क्या उसे ऐसी जगह रखा गया था, जहां एक छोटा बच्चा आसानी से पहुंच सकता था?
घटना 7 अक्टूबर की है. जगह है तेलंगाना के मेडचल-मलकाजगिरी जिले का चिंतल इलाका. यहां जीडिमेटला थाना क्षेत्र में सस्ता बाजार के पास ज्वेलरी शॉप है. बच्ची अपने माता-पिता के साथ इसी दुकान पर गई थी. माता-पिता गहने देखने में व्यस्त थे. इसी दौरान बच्ची कथित तौर पर दुकान के बाहर चली गई. वहां एक पाउच रखा था. उसमें ज्वेलरी के काम में इस्तेमाल होने वाला केमिकल था. आरोप है कि मिशा ने पाउच में मौजूद पदार्थ को मुंह में डाल लिया.
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इसके बाद उसकी तबीयत बिगड़ने लगी. परिजन उसे पास के एक प्राइवेट हॉस्पिटल लेकर पहुंचे. डॉक्टरों ने इलाज किया, लेकिन बच्ची की जान नहीं बचाई जा सकी. दो साल की बच्ची के लिए दुनिया को समझने की शुरुआत ही हुई थी. वह शायद यह भी नहीं जानती थी कि किसी पाउच में रखी चीज उसके लिए खतरनाक हो सकती है.
ज्वेलरी शॉप में क्यों रखा था केमिकल?
बच्ची की मौत के बाद परिवार ने दुकान मालिक पर लापरवाही का आरोप लगाया. उनका कहना है कि खतरनाक केमिकल बच्ची की पहुंच में रखा हुआ था. पुलिस के मुताबिक, दुकान के एक कर्मचारी ने ज्वेलरी के काम में इस्तेमाल होने वाला केमिकल दुकान के एंट्री गेट के पास रखा था. उसी समय ये घटना हुई.
बच्ची की मौत के बाद उसके परिजन और रिश्तेदार ज्वेलरी शॉप के बाहर जमा हो गए. उन्होंने दुकान मालिक के खिलाफ विरोध प्रदर्शन किया और जिम्मेदार लोगों पर कार्रवाई की मांग की. परिवार ने जीडिमेटला पुलिस से शिकायत की. इसके बाद पुलिस ने दुकान के मालिक विष्णु और कर्मचारी वेंकटाचार्य के खिलाफ मामला दर्ज किया.
बच्ची के शव को परिवार के पैतृक स्थान मधिरा में दफना दिया था. वहीं मौत की वजह पता लगाने के लिए पोस्टमार्टम जांच को लेकर शव निकाला जाना था. फिलहाल, पुलिस इस मामले में आगे की जांच कर रही है. सबूतों और पोस्टमार्टम रिपोर्ट के आधार पर कार्रवाई की जाएगी.
बच्चों की सुरक्षा का सवाल
अब इस घटना से जुड़ा सबसे बड़ा सवाल... क्या ऐसी दुकानों पर खतरनाक केमिकल को सुरक्षित तरीके से रखा जाना चाहिए? इसका जवाब साफ है. जहां ऐसे पदार्थ इस्तेमाल होते हैं, वहां उन्हें बच्चों और आम लोगों की पहुंच से दूर रखना जरूरी है. दो साल का बच्चा किसी चीज को देखकर उसे उठा सकता है. वह उसे खिलौना समझ सकता है या मुंह में डाल सकता है. उसे यह समझाने भर से सुरक्षा नहीं हो जाती कि किसी चीज को हाथ न लगाए. ऐसी जगहों पर जिम्मेदारी सुरक्षित व्यवस्था बनाने की भी होती है.
पुलिस के सामने कई सवाल हैं. पाउच में कौन-सा पदार्थ था? वह दुकान के एंट्री गेट के पास क्यों रखा गया था? बच्ची उसके संपर्क में कैसे आई? मौत की वजह क्या है? और घटना के लिए किसकी जिम्मेदारी बनती है? इन सवालों के जवाब मेडिकल रिपोर्ट, घटनास्थल से जुड़े सबूतों, संबंधित लोगों के बयान और दूसरी जांच से तलाशे जाएंगे.
अब्दुल बशीर