400 साल पुराना राज जमीन के नीचे, गोलकुंडा के कुतुब शाही मकबरों में मिली विशाल सुरंग से बढ़ा रहस्य

गोलकुंडा इलाके में करीब 400 साल पुराने कुतुब शाही मकबरों के परिसर में एक बड़ी सुरंग मिलने से हलचल बढ़ गई है. माना जा रहा है कि यह सुरंग कुतुब शाही दौर की हो सकती है. ऐतिहासिक स्थल पर हालिया निरीक्षण के दौरान सुरंग सामने आई. अधिकारी आज मौके पर पहुंचकर इसकी संरचना, उम्र और ऐतिहासिक महत्व की जांच करेंगे. इसके बाद सुरंग को लेकर और जानकारी सामने आएगी.

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सुरंग के ऐतिहासिक महत्व का भी होगा आकलन. (Photo: ITG) सुरंग के ऐतिहासिक महत्व का भी होगा आकलन. (Photo: ITG)

अब्दुल बशीर

  • हैदराबाद ,
  • 21 अगस्त 2026,
  • अपडेटेड 7:59 PM IST

हैदराबाद के गोलकुंडा इलाके में करीब 400 साल पुराने कुतुब शाही मकबरों के परिसर में एक बड़ी सुरंग मिली है. ऐतिहासिक परिसर में सुरंग मिलने की जानकारी सामने आने के बाद इसे लेकर लोगों में कौतूहल बढ़ गया है. माना जा रहा है कि यह सुरंग कुतुब शाही शासनकाल से जुड़ी हो सकती है. यह सुरंग ऐतिहासिक स्थल पर हालिया निरीक्षण के दौरान सामने आई. सुरंग के बारे में शुरुआती जानकारी सामने आने के बाद अब अधिकारियों की नजर इसकी वास्तविक संरचना और इतिहास को समझने पर है. सुरंग कितनी पुरानी है और इसका इस्तेमाल किस उद्देश्य से किया जाता था, इन सवालों के जवाब अधिकारियों की जांच के बाद सामने आने की उम्मीद है.

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गोलकुंडा स्थित कुतुब शाही मकबरों का परिसर करीब 400 साल पुराना है. इसी ऐतिहासिक परिसर के अंदर अब एक बड़ी सुरंग मिली है. शुरुआती तौर पर इसे कुतुब शाही दौर की सुरंग माना जा रहा है. हालांकि अभी सुरंग की उम्र और उसके निर्माण से जुड़ी जानकारी की आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है. अधिकारियों की ओर से मौके का निरीक्षण किए जाने के बाद ही इसके बारे में विस्तृत जानकारी सामने आएगी.

कुतुब शाही दौर से जुड़ी होने का अनुमान

सुरंग मिलने के बाद अधिकारियों ने इसकी जांच करने की तैयारी की है. अधिकारी आज मौके पर पहुंचकर सुरंग का निरीक्षण करेंगे. इस दौरान उसकी संरचना, उम्र और संभावित ऐतिहासिक महत्व का आकलन किया जाएगा. निरीक्षण के बाद यह पता लगाने की कोशिश की जाएगी कि सुरंग किस दौर में बनाई गई थी और इसका ऐतिहासिक महत्व क्या हो सकता है. इसके साथ ही सुरंग की बनावट और स्थिति को भी देखा जाएगा.

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फिलहाल सुरंग को लेकर शुरुआती जानकारी ही सामने आई है. इसे कुतुब शाही युग से जुड़ा माना जा रहा है, लेकिन इसके बारे में अंतिम जानकारी अधिकारियों के निरीक्षण के बाद ही सामने आएगी. ऐतिहासिक परिसर में इतनी पुरानी और बड़ी सुरंग का मिलना अपने आप में महत्वपूर्ण माना जा रहा है. अब अधिकारियों के निरीक्षण पर नजर है. जांच के दौरान सुरंग से जुड़ी नई जानकारी सामने आने की उम्मीद है.

जांच के बाद सामने आएगी पूरी तस्वीर

अधिकारियों के निरीक्षण के बाद सुरंग की उम्र, उसकी संरचना और संभावित ऐतिहासिक महत्व को लेकर स्थिति साफ हो सकेगी. इसके बाद ही यह पता चलेगा कि यह सुरंग कुतुब शाही काल से किस तरह जुड़ी हुई है. फिलहाल गोलकुंडा के करीब 400 साल पुराने कुतुब शाही मकबरों के परिसर में मिली इस सुरंग ने ऐतिहासिक स्थल को लेकर उत्सुकता बढ़ा दी है. अधिकारियों की जांच के बाद ही इस खोज की पूरी तस्वीर सामने आएगी.
 

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