संसद के शीतकालीन सत्र का आज तीसरा दिन था. तीसरे दिन दोनों सदनों में कई अहम मुद्दे उठाए गए. लोकसभा में चिट फंड बिल चर्चा के बाद पास हुआ तो वहीं राज्यसभा में सरोगेसी बिल और ट्रांसजेंडर पर्सन्स बिल पर महत्वपूर्ण चर्चा हुई. इसके अलावा गृह मंत्री अमित शाह ने राज्यसभा में जम्मू-कश्मीर के ताजा हालातों और एनआरसी से जुड़े सवालों का विस्तृत जवाब दिया.
लोकसभा में पास हुआ चिट फंड अमेंडमेंट बिल 2019
आपको बता दें कि विषय की महत्ता को देखते हुए लोकसभा अध्यक्ष ने सदन की समयावधि आधे घंटे के लिए बढ़ाई थी ताकि बिल के लिए सुझाए गए संशोधनों पर चर्चा हो और उसे पारित किया जा सके. लोकसभा में दोपहर करीब 3 बजे चिट फंड बिल पर दोबारा चर्चा शुरू हुई. सभी राजनीतिक दलों के सदस्यों ने इस चर्चा में बढ़चढ़ कर हिस्सा लिया और अपने सुझाव भी दिए.
राज्यसभा में कश्मीर पर तीखी बहस
. कांग्रेस नेता गुलाम नबी आजाद के द्वारा उठाए गए सवालों का जब अमित शाह जवाब दे रहे थे, तो विपक्ष की ओर से हंगामा किया गया. गृह मंत्री अमित शाह ने कहा कि कश्मीर में स्थिति सामान्य हो चुकी है. 5 अगस्त के बाद घाटी में एक भी व्यक्ति की पुलिस फायरिंग से मौत नहीं हुई है. इसके अलावा 195 पुलिस स्टेशन में जो प्रतिबंध लगे थे वो हट गए हैं, पत्थरबाजी की घटनाएं भी कम हुई हैं. इसके अलावा सभी स्कूल खुल रहे हैं, परीक्षा सुचारू रूप से हो रही है.
गृह मंत्री अमित शाह ने NRC से जुड़े सवालों के जवाब दिए
चर्चा के दौरान गृह मंत्री ने राष्ट्रीय नागरिक रजिस्टर (एनआरसी) और सिटीजनशिप अमेंडमेंट बिल के बीच के अंतर को भी स्पष्ट किया. राष्ट्रीय नागरिक रजिस्टर से जुड़े सैयद नासिर हुसैन के सवाल के जवाब में गृह मंत्री अमित शाह ने कहा कि लोगों को एनआरसी और सिटीजनशिप अमेंडमेंट बिल को लेकर कंफ्यूजन है. एनआरसी के अंदर कोई प्रावधान नहीं है कि और धर्मों के लोगों को रजिस्टर में ना लिया जाए. सभी धर्मों के लोगों को इसमें लिया जाएगा जो भारत के नागरिक हैं. इसमें धर्म के आधार पर भेदभाव करने का कोई प्रश्न ही नहीं है. एनआरसी एक अलग प्रकिया है और सिटीजनशिप अमेडमेंट बिल एक अलग प्रक्रिया है.
एनआरसी की प्रक्रिया जब पूरे देश में होगी तो असम में एनआरसी की प्रक्रिया फिर से की जाएगी. किसी भी धर्म के लोगों को डरने की जरूरत नहीं है. सारे लोगों को एनआरसी के अंदर समाहित करने की व्यवस्था है. जिस गैजेट नोटिफिकेशन का उल्लेख हुआ है वह पूरे देश में अप्लीकेबल है.
महाराष्ट्र में राष्ट्रपति शासन पर सरकार ने संसद में पेश की रिपोर्ट
सरकार की ओर से केंद्रीय गृह राज्य मंत्री नित्यानंद राय ने ये रिपोर्ट पेश की. पहले चर्चा थी कि केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह खुद यह रिपोर्ट पेश करेंगे लेकिन ऐसा नहीं हुआ.
बीएसपी सांसद ने हाई कोर्ट बेंच की मांग सदन में रखी
संसद के शीतकालीन सत्र के तीसरे दिन लोकसभा में प्रश्नकाल के दौरान . उन्होंने कहा कि न्याय के लिए पश्चिमी यूपी के लोगों को बहुत दूर सफर करना पड़ता है. उनका वक्त और पैसा दोनों बर्बाद होता है, क्या सरकार इस बारे में कुछ सोच रही है.
गोरखपुर में हर साल लगे किसान मेला: रवि किशन
उन्होंने कहा कि इससे किसानों को विशेषज्ञों की राय मिलेगी, उच्चतम बीज मिलेगी. किसानों को बहुत सारे लाभ मिलेंगे. मोदी सरकार ने 2022 तक किसानों की आय दोगुनी रखने का लक्ष्य रखा है. इस लक्ष्य में किसान मेला काफी मददगार होगा.
शिवसेना सांसद ने उठाई BSNL और MTNL के कर्मचारियों की समस्या
शिवसेना सांसद राहुल रमेश शेवाले ने लोकसभा में बीएसएनएल और एमटीएनएल के कर्मचारियों की समस्या उठाई. उन्होंने कहा कि बीएसएनल और एमटीएनल अपने कर्मचारियों को वेतन देने में देरी कर रहे हैं. उनके इंसेंटिवा का भी भुगतान नहीं हो रहा है. इस विषय पर तत्काल ध्यान देने की जरूरत है क्योंकि कई परिवारों में केवल एक ही सदस्य कमाने वाला होता है. सरकार से अनुरोध है कि इन कंपनियों के कर्मचारियों को तत्काल वेतन भुगतान उपलब्ध कराया जाए.
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