तीन तलाक मामले की याचिकाकर्ता ने दी राम मंदिर में पक्षकार बनने की याचिका

अयोध्या विवाद में इलाहाबाद हाईकोर्ट के फैसले को चुनौती देने 13 पक्षकारों वाले मामले में सुप्रीम कोर्ट मंगलवार से सुनवाई कर रहा है. फराह का दावा इस सिलसिले में 14 वां है.

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प्रतीकात्मक तस्वीर प्रतीकात्मक तस्वीर

अंकुर कुमार / संजय शर्मा

  • नई दिल्ली ,
  • 05 दिसंबर 2017,
  • अपडेटेड 7:51 AM IST

तीन तलाक मामले में याचिकाकर्ता वक़ील फराह फ़ैज़ ने अयोध्या विवाद में भी अब नया पक्षकार बनने की अर्ज़ी सुप्रीम कोर्ट में दाखिल की है. फराह ने खुद को सुन्नी परिवार में जन्म लेने और हाफिज पिता की पुत्री होने के साथ इस्लाम की अच्छी समझ होने को भी अपने दावे के आधार बनाया है.

14 पेज की अपनी अर्ज़ी में फराह ने मस्जिद कहां और कैदी ज़मीन पर बने इन तमाम नुक्तों पर इस्लाम की व्यवस्था और नियम बताए हैं. साथ ही ये भी बताया है कि आखिर किन किन आधार पर सुन्नी मुस्लिमों का पर दावा इस्लाम के सिद्धांतों के मुताबिक नाजायज़ है.

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अयोध्या विवाद में इलाहाबाद हाईकोर्ट के फैसले को चुनौती देने 13 पक्षकारों वाले मामले में सुप्रीम कोर्ट मंगलवार से सुनवाई कर रहा है. फराह का दावा इस सिलसिले में 14 वां है. अब ये तो कोर्ट पर निर्भर है की वो फराह की याचिका पर क्या रुख अख्तियार करता है. लेकिन तीन तलाक को अवैध घोषित करने में अपनी भूमिका निभाने वाली फराह एकबार फिर मुसलमानों से जुड़े इस अहम मसले में भी कूद पड़ीं हैं.

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