लालू यादव का नया पता- कैदी नंबर 3351, बिरसा मुंडा जेल, खानी पड़ी पालक-रोटी

रांची जेल में लालू यादव को वीआईपी कैदियों की तरह रखा जाएगा. लालू यादव को यहां अपर डिवीजन सेल में रखा जाएगा. लालू यादव को जेल में वीआईपी सुविधाएं मिलेंगी. यानि जेल में उनके लिए अलग कक्ष होगा, जिसमें एक बेड, मच्छरदानी, टीवी होगी. इसके अलावा रोजाना सुबह उन्हें अखबार दिया जाएगा.

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सांकेतिक तस्वीर सांकेतिक तस्वीर

राहुल विश्वकर्मा

  • रांची,
  • 23 दिसंबर 2017,
  • अपडेटेड 8:18 AM IST

चारा घोटाले में दोषी करार देने के बाद लालू यादव को फौरन पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया. उन्हें रांची के बिरसा मुंडा जेल ले जाया गया है. यहां लालू यादव को वीआईपी कैदियों की तरह रखा जाएगा. लालू यादव को यहां अपर डिवीजन सेल में रखा जाएगा. लालू यादव को मिलेंगी.

जेल में को जो कमरा दिया गया है, उसमें अटैच टॉयलेट बाथरूम है. कमरे में एक चौकी, कंबल, तकिया, मच्छरदानी है. कमरे में एक टीवी भी है. लालू यादव को यहां कैदी नंबर 3351 के रूप में रहेंगे. आज रात के खाने में लालू को पालक की सब्जी और रोटी दी जाएगी. तेजस्वी यादव ने जेल प्रबंधन को लालू को पहनने के लिए कुर्ता-पायजामा और गर्म कपड़े के अलावा दवाई भी दी. जेल में लालू ने किसी से बात नहीं की. वे शांत दिखे.

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को भोजन बनाने की भी सुविधा मिलेगी. लालू चाहेंगे तो वे बाहर से भी खाना मंगा सकते हैं.

लालू यादव को जेल ले जाने के दौरान उनके साथ आरजेडी की दर्जनभर गाड़ियां भी थीं. चाईबासा मामले में दोषी करार होने पर लालू यादव को 3 अक्टूबर 2013 को इसी जेल में लाया गया था. 13 दिसंबर को सुप्रीम कोर्ट से उन्हें जमानत मिल गई थी. इस बार भी उन्हें इसी जेल में रखा जाएगा. 3 तारीख को लालू यादव को सजा सुनाई जाएगी.

लालू यादव समेत कुल 22 लोग देवघर चारा घोटाले में आरोपी थे, जिसमें से 16 आरोपियों को दोषी करार दिया गया है, जबकि बिहार के पूर्व सीएम जगन्नाथ मिश्रा और ध्रुव भगत समेत 6 लोगों को बरी कर दिया गया है.

दोषी करार देने के बाद लालू ने ट्वीट करते हुए लिखा कि बीजेपी अपनी विफल नीतियों से ध्यान भटकाने के लिए बदले और बैर की भावना से विपक्षियों की छवि बिगाड़ रही है. उन्होंने लिखा कि लालू परास्त होने वाले नहीं है.

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कितनी हो सकती है सजा

लालू के वकील चितरंजन प्रसाद ने बताया कि इस मामले में यदि लालू और अन्य को दोषी ठहराया जाता है तो उन्हें अधिकतम सात साल और न्यूनतम एक साल की कैद की सजा होगी. हालांकि, सीबीआई अधिकारियों के मुताबिक, इस मामले में गबन की धारा 409 के तहत 10 साल और धारा 467 के तहत आजीवन कारावास की भी सजा हो सकती है.

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