लिवर, किडनी, आंखें सब दान... 10 महीने की मासूम एलिन ने 5 लोगों को दिया नया जीवन

केरल में 10 महीने की बच्ची एलिन शेरिन अब्राहम राज्य की सबसे कम उम्र की अंगदाता बनी है. सड़क हादसे के बाद ब्रेन डेड घोषित होने पर माता-पिता ने उसके अंग दान करने का फैसला लिया. बच्ची का लिवर, दोनों किडनी, हार्ट वाल्व और आंखें दान की गई हैं. इससे पांच मरीजों को नया जीवन मिलेगा.

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एलिन बनी सबसे कम उम्र की अंगदाता (File Photo: Shibi/ITG) एलिन बनी सबसे कम उम्र की अंगदाता (File Photo: Shibi/ITG)

शिबिमोल

  • तिरुवनंतपुरम,
  • 14 फरवरी 2026,
  • अपडेटेड 9:05 AM IST

केरल में 10 महीने की बच्ची एलिन शेरिन अब्राहम राज्य की सबसे कम उम्र की अंगदाता बन गई है. इस छोटी बच्ची के अंगदान से पांच लोगों को नया जीवन मिलने जा रहा है. एलिन के माता-पिता अरुण अब्राहम और शेरिन एन जॉन ने अपने गहरे दुख के बीच यह बड़ा फैसला लिया. अंगदान अमृता अस्पताल, एर्नाकुलम में किया गया. दान किए गए अंगों में बच्ची का लिवर, दोनों किडनी, हार्ट वाल्व और दोनों आंखें शामिल हैं. एलिन का लिवर तिरुवनंतपुरम के KIMS अस्पताल में इलाज करा रहे 6 महीने के बच्चे को दिया जाएगा. यह केरल में मरणोपरांत अंगदान से लिवर पाने वाला सबसे कम उम्र का बच्चा होगा.

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बच्ची की दोनों किडनी तिरुवनंतपुरम मेडिकल कॉलेज के SAT अस्पताल के पीडियाट्रिक नेफ्रोलॉजी वार्ड में भर्ती एक बच्चे को दी जाएंगी. हार्ट वाल्व तिरुवनंतपुरम स्थित श्री चित्रा इंस्टीट्यूट को भेजा गया है. वहीं दोनों आंखें अमृता अस्पताल में दान की गई हैं.

एलिन बनी केरल की सबसे कम उम्र की अंगदाता

जानकारी के अनुसार, पथानामथिट्टा जिले के मल्लप्पल्ली निवासी एलिन 5 फरवरी को सड़क हादसे का शिकार हो गई थी. दोपहर करीब 2.30 बजे बच्ची अपनी मां और नाना-नानी के साथ कोट्टायम से तिरुवल्ला जा रही थी. M.C. रोड पर एक कार ने सामने से टक्कर मार दी. हादसे में बच्ची गंभीर रूप से घायल हो गई, जबकि मां और नाना-नानी को भी गंभीर चोटें आईं.

सड़क हादसे के बाद बच्ची को किया गया ब्रेन डेड घोषित

घटना के बाद बच्ची को चंगनास्सेरी और तिरुवल्ला के अस्पतालों में भर्ती कराया गया. बाद में 7 फरवरी को उसे कोच्चि के अमृता अस्पताल में लाया गया. 13 फरवरी को बच्ची को ब्रेन डेड घोषित कर दिया गया. इसके बाद परिवार ने अंगदान की सहमति दी. केरल की स्वास्थ्य मंत्री वीणा जॉर्ज ने माता-पिता के इस फैसले की सराहना की और कहा कि वह परिवार के दुख में सहभागी हैं. यह अंगदान प्रक्रिया K-SOTTO के नेतृत्व में और गृह विभाग के सहयोग से पूरी की गई.
 

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