ताहिर-उल-कादरी का आतंक से जंग का ऐलान, पूछा- भारत-PAK कब तक निभाएंगे दुश्मनी?

पाकिस्तान के धार्मिक गुरु मोहम्मद ताहिर-उल-कादरी ने रविवार को नई दिल्ली में विश्व सूफी सम्मेलन में शिरकत की. इस मौके पर उन्होंने कहा कि भारत और पाकिस्तान एक-दूसरे के दुश्मन नहीं हैं बल्कि आतंकवाद इन दोनों का दुश्मन है.

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कादरी ने कहा- जिहाद नहीं, फसाद कर रहा है ISIS कादरी ने कहा- जिहाद नहीं, फसाद कर रहा है ISIS

मोनिका शर्मा

  • नई दिल्ली,
  • 20 मार्च 2016,
  • अपडेटेड 8:18 AM IST

पाकिस्तान के धर्मगुरु मोहम्मद ताहिर-उल-कादरी ने बर्बर आतंकी संगठन आईएसआईएस के खि‍लाफ रविवार को कड़ा रुख अपनाते हुए कहा कि आईएस जो कर रहा है, वो जिहाद नहीं बल्कि फसाद है. यही नहीं, उन्होंने भारत और पाकिस्तान के रहनुमाओं से पूछा कि आखि‍र कब तक दोनों मुल्क एक-दूसरे से दुश्मनी निभाएंगे? कादरी ने आतंकवाद को दोनों देशों को असली दुश्मन बताया.

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इस्लाम के नाम पर अलगाववाद
ताहिर-उल-कादरी ने ये बातें रविवार को नई दिल्ली में चल रहे विश्व सूफी सम्मेलन में कहीं. कादरी ने कहा कि संकीर्ण मानसिकता वाले लोग पिछले 50-60 वर्षों से इस्लाम के नाम पर अलगाववाद को बढ़ावा दे रहे हैं. उन्होंने नेताओं से भी सवाल किया कि आखिर कब तक वो एक-दूसरे के साथ दुश्मनी निभाते रहेंगे.


धर्मगुरु ने कहा कि भारत और पाकिस्तान में आतंकवाद पर लगाम लगाने के लिए सूफिवाद पढ़ाया जाना चाहिए. उन्होंने कहा, 'अगर कोई सूफीवाद को सही तरीके से पढ़े, तो उसे समझ आएगा कि जो आईएसआईएस कर रहा है, वो जिहाद नहीं फसाद है.'

न हो बच्चों को ब्रेनवॉश
उन्होंने कहा कि दोनों देशों को स्कूलों, कॉलेजों, यूनिवर्सिटी, मदरसों और अन्य धार्मिक संस्थानों के पाठ्यक्रमों में सूफीवाद को शामिल करना चाहिए जिससे धार्मिक कट्टरता को काटा जा सके और आतंकवाद को काबू करने में मदद मिल सके. कादरी ने कहा कि सूफीवाद पढ़ाए जाने से असामाजिक तत्व युवाओं का न ही ब्रेनवॉश कर पाएंगे और न ही उन्हें हथियार उठाने के लिए प्रेरित कर पाएंगे.

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