लालू ने ही कहा था- सोमवार को AIIMS से चले जाएंगे, राहुल से मुलाकात के बाद बदले सुर?

एम्स से लेकर नई दिल्ली रेलवे स्टेशन तक समर्थकों के हंगामे के बाद आरजेडी प्रमुख लालू प्रसाद यादव रांची रिम्स पहुंच गए हैं. लालू को 34 दिन बाद एम्स से छुट्टी दी गई.

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लालू की एम्स से छुट्टी पर हंगामा लालू की एम्स से छुट्टी पर हंगामा

अशोक सिंघल / अमित कुमार दुबे

  • नई दिल्ली,
  • 01 मई 2018,
  • अपडेटेड 11:44 AM IST

एम्स से लेकर नई दिल्ली रेलवे स्टेशन तक समर्थकों के हंगामे के बाद आरजेडी प्रमुख लालू प्रसाद यादव रांची रिम्स पहुंच गए हैं. लालू को 34 दिन बाद एम्स से छुट्टी दी गई. लालू यहां से जाना नहीं चाहते हैं, उनका आरोप है कि उन्हें जबरन रांची भेजा गया. लेकिन एम्स प्रशासन के मुताबिक लालू की रजामंदी के बाद ही उन्हें रांची रिम्स भेजा गया है.

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लालू की रजामंदी के बाद ही छुट्टी

एम्स प्रवक्ता ने बताया कि आयुर्विज्ञान संस्थान में उपचार के बाद लालू की सेहत में काफी सुधार को देखते हुए उन्हें शनिवार यानी (28 अप्रैल) को ही अस्पताल से छुट्टी देने का फैसला किया था. एम्स प्रशासन के मुताबिक लालू से जब के बारे में बात गई तो उन्होंने 2 दिन बाद और यानी (30 अप्रैल) सोमवार को रांची जाने की इच्छा जताई. जिसके बाद उनकी ही अपील पर है उन्हें 30 अप्रैल को एम्स से छुट्टी दी गई. डॉक्टरों की मानें तो उन्होंने लालू यादव को शनिवार को ही बता दिया था कि अब वो यात्रा कर सकते हैं.

राहुल से मुलाकात के बाद बदले सुर!

एम्स प्रबंधन के अनुसार लालू के आग्रह पर उन्हें सोमवार तक वहीं रहने दिया. उन्होंने कहा था कि सोमवार को वह हटिया से आसानी से वापस जा सकेंगे. लेकिन सोमवार को राहुल से मुलाकात के बाद डिस्चार्ज करने के वक्त हंगामा खड़ा हो गया. आखिर राहुल गांधी से मुलाकात के बाद लालू का मन क्यों बदल गया? क्या इसके पीछे कोई राजनीतिक दांव है?  

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बता दें, एम्स से दोपहर तीन बजकर 25 मिनट पर व्हीलचेयर पर एम्स से बाहर निकले. और फिर आरजेडी ने आरोप लगाया कि एम्स से जबरन बाहर करवा कर उनके नेता की ‘हत्या’ की साजिश की जा रही है जबकि वह कई बीमारियों से जूझ रहे हैं.

लालू की चिट्ठी का अंश

इससे पहले लालू ने एम्स निदेशक को पत्र लिखकर यह आग्रह किया था कि में किडनी के उपचार की समुचित व्यवस्था नहीं है इसलिए उनको वहां नहीं भेजा जाए और पूरी तरह स्वस्थ होने तक यहां उपचार के लिए रहने दिया जाए. लालू ने पत्र में कहा, 'अगर मुझे एम्स से रांची मेडिकल कॉलेज भेजा जाता है और इससे मेरे जीवन पर कोई खतरा पैदा होता है तो इसकी पूरी जवाबदेही आप लोगों की होगी.'

लालू समर्थकों के खिलाफ FIR

एम्स के फैसले पर विरोध जताते हुए लालू के समर्थकों ने अस्पताल परिसर में हंगामा किया था. एम्स के प्रवक्ता ने अस्पताल में लालू समर्थकों के हंगामे की पुष्टि करते हुए बताया कि अस्पताल प्रशासन ने इस बारे में पुलिस में शिकायत दर्ज करा दी है. अस्पताल के उप मुख्य सुरक्षा अधिकारी दीपक कुमार की ओर से हौजखास पुलिस थाने में दर्ज करायी गई शिकायत में कहा गया है कि लालू समर्थकों ने कांच के एक दरवाजे को भी तोड़ दिया, जिससे वहां तैनात सुरक्षा गार्ड खुर्शीद आलम चोटिल हो गये.

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गौरतलब है कि लालू को किडनी और स्वास्थ्य संबंधी दूसरी समस्याएं हैं, उन्हें 29 मार्च को यहां भर्ती कराया गया था. राजद प्रवक्ता मनोज झा ने लालू को वापसी रांची भेजने के एम्स प्रशासन के फैसले के लिए सरकार को जिम्मेदार ठहराया. लालू प्रसाद चारा घोटाले के सिलसिले में 23 दिसंबर से जेल की सजा काट रहे हैं.

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