राम मंदिर विवाद सुलझाने की कोशिशें तेज, अयोध्या में आज महंतों से मिलेंगे शिया वक्फ बोर्ड के प्रमु

राम मंदिर-बाबरी मस्जिद विवाद को कोर्ट के बाहर आपसी सहमति से सुलझाने की कोशिशें तेज हो गई हैं. यूपी शिया वक्फ बोर्ड के अध्यक्ष वसीम रिजवी अयोध्या में आज इस मामले के पक्षकार हनुमानगढ़ी के महंत धर्मदास सहित दूसरे महंतों से मुलाकात करेंगे.

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श्रीश्री रविशंकर के साथ वसीम रिजवी फाइल फोटो श्रीश्री रविशंकर के साथ वसीम रिजवी फाइल फोटो

साद बिन उमर

  • नई दिल्ली,
  • 12 नवंबर 2017,
  • अपडेटेड 11:38 AM IST

राम मंदिर-बाबरी मस्जिद विवाद को कोर्ट के बाहर आपसी सहमति से सुलझाने की कोशिशें तेज हो गई हैं. यूपी शिया वक्फ बोर्ड के अध्यक्ष वसीम रिजवी अयोध्या में आज इस मामले के पक्षकार हनुमानगढ़ी के महंत धर्मदास सहित दूसरे महंतों से मुलाकात करेंगे.

रिजवी अयोध्या में राम मंदिर बनाने की पहले ही हिमायत कर चुके हैं. इसके साथ ही उन्होंने अयोध्या से बाहर किसी मुस्लिम बहुल इलाके में मस्जिद बनवाने का सुझाव दिया था.

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इस बीच आध्यात्मिक गुरु श्रीश्री रविशंकर भी इस विवाद को सुलझाने की कोशिशें में जुटे हैं. इस मकसद से वह सोमवार को मुस्मिल उल्माओं सहित विभिन्न पक्षकारों से दिल्ली में मुलाकात करेंगे.

इससे पहले भी मामले के विभिन्न पक्षकारों से पहले भी कई दौर की बातचीत कर चुके हैं. शनिवार को ही वह बेंगलुरू स्थित ऑर्ट ऑफ लिविंग सेंटर में हिन्दू महासभा, निरमोही अखाड़ा और सुन्नी वक्फ बोर्ड के सदस्यों के साथ बातचीत की थी.

इस बैठक के बाद हिंदू महासभा के सदस्य चंद्रप्रकाश कौशिक ने कहा था, 'हम बैठक का विवरण तो नहीं दे सकते, लेकिन हमारे बीच अच्छी बातचीत हुई. जब तक 'राम मंदिर का भूमिपूजन' नहीं हो जाता, तब तक हम बातचीत करते रहेंगे.'   

बता दें कि श्रीश्री रविशंकर ने 31 अक्टूबर को भी और हिन्दू महासभा के प्रतिनिधियों के साथ राम मंदिर मसले पर बातचीत की थी. इस मामले के पर्यवेक्षक अमरनाथ मिश्रा ने भी आध्यात्मिक गुरु से उनके आश्रम में मुलाकात की थी.

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अयोध्या विवाद पर सुप्रीम कोर्ट में 5 दिसंबर को सुनवाई होनी है. इस मामले की पिछली सुनवाई में शीर्ष न्यायालय ने मामले को पहले कोर्ट के बाहर सुलझाने का सुझाव दिया था. ऐसे में सोमवार को होने वाली यह मुलाकात इस मसले को कोर्ट के बाहर सुलझाने में अहम साबित हो सकती है.

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