बेंगलुरु में भीड़ के गुस्से का शिकार हुई अफ्रीकन स्टूडेंट

तंजानिया से आई 21 साल की स्टूडेंट को कई लोगों ने सिर्फ शक के आधार पर उत्पीड़ित किया. लोगों को शक था कि वह स्टूडेंट दूसरे अफ्रीकी के अपराधों में शामिल थी.

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तंजानिया से आई 21 साल की स्टूडेंट की पिटाई तंजानिया से आई 21 साल की स्टूडेंट की पिटाई

केशव कुमार

  • बेंगलुरु ,
  • 03 फरवरी 2016,
  • अपडेटेड 9:17 AM IST

बेंगलुरु में स्थानीय लोगों ने अफ्रीकन स्टूडेंट को जमकर पीटा फिर उसके कपड़े उतरवा दिए. तंजानिया से आई 21 साल की स्टूडेंट को कई लोगों ने सिर्फ शक के आधार पर उत्पीड़ित किया. लोगों को शक था कि वह स्टूडेंट दूसरे अफ्रीकी के अपराधों में शामिल थी. उस मामले में एक महिला की मौत हो गई थी.

सड़क हादसे के बाद गुस्से में थे लोग
हेसारघट्टा रोड पर शनिवार रात एक सुडानीज की कार से 35 साल की को टक्कर लग गई थी. मौके पर ही महिला की मौत हो गई थी. तंजानिया की स्टूडेंट हादसे के आधे घंटे बाद उस जगह पहुंची थी. आरोप के मुताबिक स्थानीय लोगों ने उसे ही कार से बाहर खींच लिया पीटना शुरू कर दिया. पीड़ित ने आरोप लगाया है कि उसके लिए गए और उसी हालत में उससे परेड करवाई गई.

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पुलिस ने दर्ज किया मामला
पीड़ित ने पुलिस को अपनी शिकायत में बताया है कि जब वह मारपीट से भागकर एक बस में चढ़ने की कोशिश कर रही थी तो कुछ लोगों ने उसे बस से बाहर धक्का दे दिया. इस वजह से भीड़ को उसपर दोबारा करने का मौका मिल गया. अफ्रीकन स्टूडेंट्स यूनियन, बेंगलुरु के कानूनी सलाहकार बॉस्को कावीसी ने कहा कि पीड़ित के साथ बहुत ही बुरा बर्ताव किया गया. इसके पहले स्थानीय लोगों ने अफ्रीकन लोगों की दो कार में लगा दी थी. दोनों कार मालिक भी उसी हेसरघट्टा रोड पर ही गणपतिनगर में रहकर पढ़ाई करते हैं.

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