Statue of Peace का अनावरण करेंगे पीएम मोदी, जानें- जैन धर्म से कनेक्शन

प्रधानमंत्री डिजिटल कार्यक्रम के माध्यम से 151 इंच ऊंची इस प्रतिमा का उद्घाटन करेंगे. यह प्रतिमा अष्टधातु से बनी है और इसे पाली के जेतपुरा इलाके के विजय वल्लभ साधना केंद्र में स्थापित किया जा रहा है.

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स्टैचू ऑफ पीस का अनावरण करेंगे प्रधानमंत्री मोदी (फाइल फोटो) स्टैचू ऑफ पीस का अनावरण करेंगे प्रधानमंत्री मोदी (फाइल फोटो)

aajtak.in

  • नई दिल्ली,
  • 16 नवंबर 2020,
  • अपडेटेड 12:37 PM IST
  • प्रधानमंत्री मोदी स्टैचू ऑफ पीस का करेंगे अनावरण
  • सुरीश्वर जी महाराज की 151वीं जयंती आज
  • भगवान महावीर के संदेश का किया था प्रसार

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी सोमवार को राजस्थान के पाली में 'स्टैचू ऑफ पीस' का अनावरण करेंगे. आज जैन संत आचार्य श्री विजय वल्लभ सुरीश्वर जी महाराज की 151वीं जयंती है. इसी मौके पर पीएम मोदी ये अनावरण कर रहे हैं. प्रधानमंत्री डिजिटल कार्यक्रम के माध्यम से 151 इंच ऊंची इस प्रतिमा का उद्घाटन करेंगे. यह प्रतिमा अष्टधातु से बनी है और इसे पाली के जेतपुरा इलाके के विजय वल्लभ साधना केंद्र में स्थापित किया जा रहा है.

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सोमवार को 12:30 बजे पीएम मोदी इसका लोकार्पण करने वाले हैं. इस दौरान गुरुदेव के बहुत सारे चमत्कारों का एक प्रेजेंटेशन भी दिखाया जाएगा.
 
आधिकारिक बयान के मुताबिक 1870 से 1954 तक के अपने जीवन में सुरीश्वर जी महाराज ने भगवान महावीर के संदेश का नि:स्वार्थ और समपर्ण भाव से प्रसार किया था. उन्होंने जनता के कल्याण, शिक्षा के प्रसार और सामाजिक कुरीतियों के उन्मूलन के लिए भी अथक परिश्रम किया. साथ ही प्रेरक साहित्य के जरिए सदगुणों की व्याख्या की.

सुरीश्वर जी महाराज का जन्म गुजरात के बड़ोदा में हुआ था. जानकारी के मुताबिक आजादी की लड़ाई के दौरान खादी स्वदेशी आंदोलन में भी उनका बड़ा सहयोग रहा था. आचार्यश्री खुद खादी पहनते थे. 

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1947 में देश विभाजन के समय आचार्यजी का पाकिस्तान के गुजरावाला में चातुर्मास था, उस दौरान लोगों को हिंदुस्तान भेजा जा रहा था, तब जैनाचार्य ने कहा था कि जब तक एक भी जैन साहित्य, जैन मूर्ति, जैन लोग असुरक्षित हैं तब तक वो नहीं जाएंगे.

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बाद में ब्रिटिश सरकार ने उन्हें भारत वापस लाने के लिए विशेष विमान भेजा लेकिन उन्होंने इनकार कर दिया. आखिरकार सुरीश्वर जी महाराज, सितंबर 1947 को पैदल विहार करते हुए अपने 250 अनुयायियों के साथ हिंदुस्तान पहुंचे. 

 

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