‘पंचायत आजतक पंजाब’ के सेशन ‘किसमें कितना दम?’ में पंजाब की सियासत के तीन प्रमुख दलों के नेताओं के बीच तीखी बहस देखने को मिली. बीजेपी के राष्ट्रीय महासचिव और राज्यसभा सांसद तरुण चुघ, आम आदमी पार्टी के लोकसभा सांसद मलविंदर सिंह कंग और कांग्रेस के वरिष्ठ नेता कैप्टन संदीप संधू (रिटायर्ड) ने पंजाब के नशे, शिक्षा, स्वास्थ्य, रोजगार, किसानों और विकास के मुद्दे पर अपनी-अपनी पार्टी का पक्ष रखा.
तरुण चुघ ने पंजाब में नशे की समस्या को गंभीर बताते हुए आम आदमी पार्टी सरकार पर निशाना साधा. उन्होंने कहा कि पंजाब में नशा एक ‘राक्षस’ की तरह राज्य की जवानी को खा रहा है. उनके मुताबिक राज्य सरकार ने नशे के खिलाफ दो बार अभियान चलाया, लेकिन इसके बावजूद नशे की समस्या कम होने के बजाय बढ़ी है.
चुघ ने कहा कि बीजेपी के पास नशे को खत्म करने की पूरी योजना है और पार्टी ने 31 दिसंबर 2029 तक पंजाब से नशा समाप्त करने की समयसीमा तय की है. उन्होंने कहा कि बीजेपी इस लक्ष्य को लेकर प्रतिबद्ध है.
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AAP ने गिनाईं सरकार की उपलब्धियां
मलविंदर सिंह कंग ने कहा कि पिछले करीब पांच वर्षों में आम आदमी पार्टी सरकार ने ‘काम की राजनीति’ की है. उन्होंने कहा कि सरकार के काम का आकलन उन सरकारों से होना चाहिए जो इससे पहले पंजाब में सत्ता में रही हैं. कंग के मुताबिक पंजाब में शिक्षा के बजट में करीब 57 फीसदी की बढ़ोतरी की गई है. उन्होंने नीति आयोग की रिपोर्ट का हवाला देते हुए दावा किया कि शिक्षा के क्षेत्र में पंजाब देश में पहले स्थान पर है.
उन्होंने स्वास्थ्य बजट में करीब 60 फीसदी की बढ़ोतरी का दावा किया. सड़कों के बजट का जिक्र करते हुए कंग ने कहा कि कांग्रेस सरकार के समय यह करीब 1,800 करोड़ रुपये था, जिसे बढ़ाकर करीब 4,500 करोड़ रुपये किया गया है.
खेलों के बजट का उदाहरण देते हुए उन्होंने कहा कि कांग्रेस सरकार के समय यह करीब 147 करोड़ रुपये था, जबकि अब इसे बढ़ाकर करीब 1,800 करोड़ रुपये किया गया है. उन्होंने दावा किया कि यह करीब 13 गुना की बढ़ोतरी है. कंग ने सरकारी नौकरियों को लेकर भी सरकार का बचाव किया. उन्होंने कहा कि भगवंत मान सरकार ने पंजाब के युवाओं को 73 हजार सरकारी नौकरियां दी हैं.
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‘अगर काम नहीं हुआ तो 100 में 75 नंबर भी ज्यादा हैं’
कंग ने विपक्ष पर तंज कसते हुए कहा कि अगर किसी विभाग में सरकार को 100 में 75 अंक भी मिलते हैं तो इसे पिछली सरकारों के प्रदर्शन से तुलना करके देखा जाना चाहिए. उन्होंने कहा कि पिछली सरकारें कई क्षेत्रों में 33 अंक तक भी हासिल नहीं कर पाई थीं. नशे के मुद्दे पर उन्होंने बीजेपी और केंद्र सरकार को घेरते हुए कहा कि पंजाब की सीमा से लगे इलाकों में नशे की तस्करी रोकने में केंद्र और बीएसएफ की भी जिम्मेदारी है. उन्होंने कहा कि अगर बीजेपी शासित राज्यों में नशे की समस्या खत्म हो गई है तो बीजेपी को इसका उदाहरण देना चाहिए.
कांग्रेस ने कहा- विज्ञापन पर खर्च बढ़ा, रोजगार और व्यवस्था पर नहीं
कांग्रेस नेता कैप्टन संदीप संधू ने AAP सरकार के विकास के दावों पर सवाल उठाए. उन्होंने कहा कि सरकार के विज्ञापन बजट में काफी बढ़ोतरी हुई है और दूसरे राज्यों में भी सरकार के काम का प्रचार किया जा रहा है. उन्होंने दावा किया कि पंजाब में सरकारी कर्मचारी अपनी मांगों को लेकर धरना दे रहे हैं. संधू ने कहा कि अलग-अलग कर्मचारी संगठन, रोजगार और परीक्षा से जुड़े मुद्दों को लेकर प्रदर्शन कर रहे हैं. उन्होंने किसानों और बिजली से जुड़े मुद्दों का भी जिक्र किया और कहा कि हाल के धान सीजन में बिजली को लेकर पंजाब में मुश्किल हालात देखने को मिले.
‘ड्रग्स की उपलब्धता बहुत ज्यादा बढ़ी’
नशे के मुद्दे पर संधू ने कहा कि पंजाब में ड्रग्स की उपलब्धता काफी बढ़ चुकी है. उन्होंने कहा कि इस मुद्दे पर केवल आरोप-प्रत्यारोप से काम नहीं चलेगा. उन्होंने सीमा सुरक्षा बल के अधिकार क्षेत्र का जिक्र करते हुए कहा कि सीमा क्षेत्र में सुरक्षा व्यवस्था को लेकर केंद्र की भी जिम्मेदारी है. उनके मुताबिक ड्रोन के जरिए आने वाले नशे के अलावा सिंथेटिक और फार्मास्यूटिकल ड्रग्स भी बड़ी चुनौती बन चुकी हैं. संधू ने कहा कि नशे की सप्लाई रोकने के साथ-साथ नशे के आदी लोगों के पुनर्वास पर भी ध्यान देना जरूरी है. उन्होंने कहा कि जब तक नशा लेने वाले लोगों का इलाज और पुनर्वास नहीं होगा, तब तक एक ड्रग की जगह दूसरी ड्रग का इस्तेमाल शुरू हो सकता है.
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कांग्रेस की अंदरूनी लड़ाई पर सवाल
बहस के दौरान कांग्रेस की अंदरूनी खींचतान का मुद्दा भी उठा. कांग्रेस में चरणजीत सिंह चन्नी, राजा वड़िंग, प्रताप सिंह बाजवा, नवजोत सिंह सिद्धू और परगट सिंह के बीच कथित मतभेदों को लेकर सवाल किया गया. संधू ने इन आरोपों को खारिज करते हुए कहा कि कांग्रेस में लंबे समय से अंदरूनी लड़ाई की बातें कही जा रही हैं, लेकिन पार्टी लगातार चुनाव लड़ रही है और संगठन के स्तर पर काम कर रही है.
उन्होंने कहा कि 2022 के विधानसभा चुनाव के बाद लोकसभा चुनाव और उसके बाद हुए स्थानीय चुनावों में भी कांग्रेस ने पंजाब में अपनी मौजूदगी बनाए रखी है. उन्होंने दावा किया कि कांग्रेस विपक्ष के तौर पर पंजाब में बेहतर प्रदर्शन कर रही है.
AAP सरकार पर कांग्रेस का हमला- ‘कृषि क्रांति कहां है?’
संधू ने आम आदमी पार्टी के उन दावों पर भी सवाल उठाया कि सरकार ने कृषि, स्वास्थ्य और शिक्षा के क्षेत्र में बड़ा बदलाव किया है. उन्होंने कहा कि AAP सरकार ने कृषि क्रांति का वादा किया था, लेकिन किसानों के लिए किए गए वादों पर सवाल अभी भी कायम हैं. उन्होंने आरोप लगाया कि जिन फसलों के लिए न्यूनतम समर्थन मूल्य से जुड़े दावे किए गए थे, उनमें से कई पर राज्य सरकार की ओर से घोषित अतिरिक्त समर्थन का लाभ नहीं मिला.
स्वास्थ्य के मुद्दे पर संधू ने कहा कि सरकार ने स्वास्थ्य क्रांति की बात की थी, लेकिन पंजाब में नए बड़े अस्पताल और मेडिकल संस्थानों को लेकर सरकार के दावों पर सवाल हैं. उन्होंने मोहल्ला क्लीनिकों को लेकर भी निशाना साधा और कहा कि पंजाब को बड़े अस्पतालों और मजबूत स्वास्थ्य ढांचे की जरूरत है.
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