पंजाब CMO में भ्रष्टाचार का पूरा मामला क्या है, जानें किन पर लगे क्या-क्या आरोप

पंजाब और हरियाणा हाईकोर्ट ने मुख्यमंत्री भगवंत मान के कार्यालय से जुड़े कथित भ्रष्टाचार मामले की जांच CBI को सौंप दी है. ED ने पंजाब पुलिस को कई पत्र भेजे थे, जिनमें तबादलों और पोस्टिंग समेत कई गंभीर आरोपों का जिक्र था.

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CM ऑफिस से जुड़े मामले में अब CBI करेगी FIR (File Photo: ITG) CM ऑफिस से जुड़े मामले में अब CBI करेगी FIR (File Photo: ITG)

असीम बस्सी

  • चंडीगढ़,
  • 05 अक्टूबर 2026,
  • अपडेटेड 7:00 PM IST

पंजाब और हरियाणा हाईकोर्ट ने पंजाब के मुख्यमंत्री भगवंत मान के कार्यालय से जुड़े कथित भ्रष्टाचार के गंभीर आरोपों की जांच केंद्रीय जांच ब्यूरो (CBI) को सौंपने का आदेश दिया है. कोर्ट ने CBI को मामले में आपराधिक केस दर्ज कर जांच आगे बढ़ाने और दो महीने के भीतर स्टेटस रिपोर्ट दाखिल करने का निर्देश दिया है.

मुख्य न्यायाधीश अश्वनी कुमार मिश्रा और न्यायमूर्ति रोहित कपूर की पीठ ने सोमवार को यह आदेश एक जनहित याचिका (PIL) पर सुनाया. यह याचिका अधिवक्ता निखिल सराफ ने दायर की थी.

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याचिका में आरोप लगाया गया था कि प्रवर्तन निदेशालय (ED) की ओर से जुलाई और अगस्त 2026 के दौरान पंजाब के पुलिस महानिदेशक गौरव यादव को भेजी गई कई चिट्ठियों के बावजूद पंजाब पुलिस ने मामले में अपेक्षित कार्रवाई नहीं की.

ED की चिट्ठियों में क्या आरोप?

ED की ओर से भेजे गए पत्रों में कथित तौर पर बड़ी मात्रा में ऐसी सामग्री का उल्लेख किया गया था, जिससे शुरुआती तौर पर यह एक संगठित नेटवर्क की ओर संकेत मिलता था. इसमें मुख्यमंत्री भगवंत मान के OSD राजबीर सिंह घुम्मन और निजी बिचौलिए नितिन गोहल तथा उनके कुछ सहयोगियों के नाम का उल्लेख किया गया.

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इन आरोपों में IAS और IPS अधिकारियों के तबादलों और पोस्टिंग के बदले कथित तौर पर पैसे लेने, सरकारी नीतियों और टेंडरों को प्रभावित करने, गोपनीय दस्तावेज लीक करने, हथियार लाइसेंस दिलाने में मदद करने और अन्य कथित अवैध लाभ पहुंचाने के बदले आर्थिक या दूसरे फायदे लेने जैसे आरोप शामिल हैं. हालांकि, ये सभी आरोप जांच का विषय हैं और अदालत के अंतिम निष्कर्ष के तौर पर इन्हें नहीं देखा जा सकता.

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पंजाब पुलिस की कार्रवाई पर हाईकोर्ट की टिप्पणी

हाईकोर्ट ने कहा कि ED की ओर से साझा की गई सामग्री ऐसी थी, जिस पर राज्य पुलिस की ओर से जिम्मेदार कार्रवाई की उम्मीद थी, जिसमें FIR दर्ज करना भी शामिल था. पीठ ने पंजाब पुलिस की अब तक की कार्रवाई पर असंतोष जताते हुए कहा कि यह वह प्रतिक्रिया नहीं है, जिसकी अपेक्षा की गई थी.

अदालत ने याचिकाकर्ता की उस दलील पर भी गौर किया, जिसमें कथित तौर पर व्हिसलब्लोअर को चुप कराने की कोशिश का आरोप लगाया गया था. याचिका के अनुसार, PIL दायर किए जाने के तुरंत बाद याचिकाकर्ता की संपत्ति को लेकर तोड़फोड़ का आदेश पारित किया गया था.

अब CBI करेगी जांच
ED के वरिष्ठ अधिवक्ता धीरज जैन ने 'आजतक' से बातचीत में कहा कि हाईकोर्ट ने जांच CBI को सौंप दी है और अदालत ने पंजाब पुलिस की अब तक की कार्रवाई को उचित नहीं माना. उन्होंने बताया कि CBI को दो महीने में स्टेटस रिपोर्ट दाखिल करने के लिए कहा गया है.

उन्होंने यह भी कहा कि पंजाब पुलिस को मामले से जुड़े सभी दस्तावेज और जानकारी CBI को उपलब्ध कराने के निर्देश दिए गए हैं. उनके मुताबिक, ED को कुछ कथित गड़बड़ियों की जानकारी मिली थी, जिसके बाद पंजाब के DGP को पत्र भेजे गए थे.

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अदालत ने CBI को FIR दर्ज कर तत्काल जांच शुरू करने का निर्देश दिया है. साथ ही पंजाब सरकार और पंजाब पुलिस को जांच एजेंसी को हर संभव सहयोग देने के लिए कहा गया है. मामले की अगली सुनवाई 7 दिसंबर 2026 को होगी, जब CBI की स्टेटस रिपोर्ट अदालत के सामने रखी जाएगी.

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विपक्ष ने AAP सरकार पर बोला हमला
हाईकोर्ट के आदेश के बाद पंजाब में राजनीतिक बयानबाजी भी तेज हो गई. विधानसभा में नेता प्रतिपक्ष प्रताप सिंह बाजवा ने अदालत के फैसले का स्वागत करते हुए निष्पक्ष, स्वतंत्र और समयबद्ध जांच की उम्मीद जताई. उन्होंने कहा कि सरकारी खजाने को नुकसान पहुंचाने के दोषी पाए जाने वाले लोगों के खिलाफ कार्रवाई होनी चाहिए, चाहे वे कितने भी प्रभावशाली क्यों न हों.

कांग्रेस नेता सुखपाल सिंह खैरा ने भी हाईकोर्ट के निर्देश का स्वागत किया. उन्होंने कहा कि अदालत ने दो महीने के भीतर व्यापक CBI रिपोर्ट मांगी है. खैरा ने पंजाब में सरकारी मशीनरी के दुरुपयोग और व्हिसलब्लोअर्स के खिलाफ कार्रवाई के आरोप भी लगाए.

BJP ने भी साधा निशाना
बीजेपी ने भी हाईकोर्ट के आदेश को लेकर आम आदमी पार्टी सरकार पर हमला बोला. पार्टी के राष्ट्रीय प्रवक्ता संबित पात्रा ने कहा कि अदालत का आदेश उन सवालों को मजबूती देता है, जिन्हें बीजेपी पहले से उठाती रही है. उन्होंने AAP संयोजक अरविंद केजरीवाल और मुख्यमंत्री भगवंत मान से मामले में सामने आए आरोपों पर जवाब मांगा.

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पंजाब बीजेपी अध्यक्ष केवल ढिल्लों ने चंडीगढ़ में प्रेस कॉन्फ्रेंस कर आरोप लगाया कि तबादलों और पोस्टिंग समेत दूसरे मामलों में पैसे लिए जाने के आरोप सामने आए हैं. उन्होंने कहा कि भ्रष्टाचार के आरोप मुख्यमंत्री कार्यालय तक पहुंच चुके हैं और मुख्यमंत्री को इस्तीफा देना चाहिए. बीजेपी नेता रवनीत सिंह बिट्टू ने भी सोशल मीडिया पोस्ट के जरिए भगवंत मान सरकार पर निशाना साधा. उन्होंने आरोप लगाया कि ED की ओर से भेजे गए अलर्ट पर पंजाब पुलिस ने कार्रवाई नहीं की और राज्य मशीनरी ने अपने लोगों को बचाने की कोशिश की.

अकाली दल ने भी फैसले का किया स्वागत
शिरोमणि अकाली दल ने भी हाईकोर्ट के फैसले का स्वागत किया. पार्टी नेता हरसिमरत कौर बादल ने सोशल मीडिया पोस्ट में कहा कि हाईकोर्ट का आदेश कथित ‘कैश फॉर ट्रांसफर एंड पोस्टिंग’ मामले में महत्वपूर्ण कदम है. उन्होंने दावा किया कि ED ने पंजाब DGP को तीन बार पत्र लिखकर OSD राजबीर सिंह घुम्मन और कुछ अन्य लोगों के खिलाफ FIR दर्ज करने की मांग की थी. उनके मुताबिक, राज्य की ओर से कार्रवाई नहीं होने के बाद अदालत को हस्तक्षेप करना पड़ा.

AAP बोली- CM की टीम को बनाया जा रहा निशाना
वहीं आम आदमी पार्टी ने हाईकोर्ट के आदेश के बाद केंद्र सरकार और केंद्रीय जांच एजेंसियों पर राजनीतिक निशाना साधने का आरोप लगाया. AAP महासचिव बलतेज पन्नू ने कहा कि केंद्र सरकार पंजाब सरकार की जनकल्याणकारी योजनाओं को रोकना चाहती है और इसी वजह से मुख्यमंत्री भगवंत मान की टीम को निशाना बनाया जा रहा है.

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उन्होंने मुफ्त बिजली, किसानों के लिए बिजली-पानी और 10 लाख रुपये तक के कैशलेस इलाज जैसी योजनाओं का जिक्र करते हुए कहा कि पंजाब सरकार ने इन योजनाओं को बेहतर तरीके से चलाया है. मुख्यमंत्री भगवंत मान पहले ही इन आरोपों को खारिज कर चुके हैं. उन्होंने BJP के नेतृत्व वाली केंद्र सरकार पर ED और CBI जैसी केंद्रीय एजेंसियों के जरिए राजनीतिक विरोधियों को निशाना बनाने का आरोप लगाया था.

अब हाईकोर्ट के आदेश के बाद मामले की जांच CBI करेगी. जांच में यह स्पष्ट होना बाकी है कि ED की ओर से लगाए गए आरोपों में कितनी सच्चाई है, कथित नेटवर्क की भूमिका क्या थी और पंजाब पुलिस की ओर से शुरुआती स्तर पर कार्रवाई क्यों नहीं की गई. अदालत में CBI की स्टेटस रिपोर्ट इस मामले की अगली दिशा तय करने में अहम होगी.
 

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