पंजाब में पराली जलाने की घटनाएं लगातार सामने आ रही हैं. सरकार और प्रशासन की ओर से किसानों को बार-बार चेतावनी देने और पराली नहीं जलाने की अपील करने के बावजूद खेतों में आग लगाने का सिलसिला थम नहीं रहा है. ताजा मामला जालंधर के गांव पूरनपुर से सामने आया है, जहां कई एकड़ खेतों में पराली जलाई गई.
जानकारी के मुताबिक गांव पूरनपुर में बीती 22 और 23 अक्टूबर को खेतों में पराली को आग के हवाले किया गया. इस घटना की तस्वीरें भी सामने आई हैं, जिनमें खेतों में बड़े पैमाने पर पराली जलती दिखाई दे रही है. कई एकड़ जमीन पर पराली जलाए जाने से उठने वाले धुएं ने प्रदूषण को लेकर चिंता बढ़ा दी है.
हर साल पराली जलाने के कारण पंजाब और आसपास के इलाकों में वायु प्रदूषण की समस्या गंभीर हो जाती है. पराली के धुएं में मौजूद प्रदूषक हवा की गुणवत्ता को प्रभावित करते हैं. इसका असर लोगों की सेहत पर भी पड़ता है. खासकर बच्चों, बुजुर्गों और सांस संबंधी परेशानी से जूझ रहे लोगों को दिक्कत हो सकती है.
सरकार के प्रयासों का नहीं दिख रहा असर
सरकार और प्रशासन की ओर से किसानों को लगातार जागरूक किया जाता है. उन्हें पराली जलाने के बजाय फसल अवशेषों के प्रबंधन के दूसरे विकल्प अपनाने की सलाह दी जाती है. इसके बावजूद पूरनपुर में सामने आई घटना ने इन अपीलों और प्रशासनिक निगरानी पर सवाल खड़े कर दिए हैं.
सबसे बड़ा सवाल यह है कि जब पराली जलाने पर रोक लगाने के लिए लगातार चेतावनी दी जा रही है, तो फिर कई एकड़ खेतों में खुलेआम आग कैसे लगाई जा रही है? क्या प्रशासन को इस घटना की जानकारी नहीं मिली या फिर कार्रवाई का इंतजार किया जा रहा है? फिलहाल, इस मामले में प्रशासन की ओर से किसी ठोस कार्रवाई की जानकारी सामने नहीं आई है.
दविंदर कुमार