पंजाब चुनाव से पहले AAP ने विधायक सुखवीर मैसरखाना को पार्टी से निकाला, झूठी अफवाह फैलाने का आरोप

पंजाब में विधानसभा चुनाव से पहले आम आदमी पार्टी ने अपने विधायक सुखवीर मैसरखाना को पार्टी से निकाल दिया है. यह कार्रवाई ऐसे वक्त हुई है, जब विधायक ने सरकारी स्कूलों में शिक्षकों की कमी का मुद्दा उठाते हुए अपनी ही सरकार पर सवाल खड़े किए थे. उन्होंने सोशल मीडिया पर लाइव आकर इस समस्या को लेकर अपनी नाराजगी जाहिर की थी.

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मौर विधानसभा सीट से विधायक सुखवीर मैसरखाना. (Photo: social media) मौर विधानसभा सीट से विधायक सुखवीर मैसरखाना. (Photo: social media)

कमलजीत संधू

  • नई दिल्ली,
  • 03 अक्टूबर 2026,
  • अपडेटेड 8:24 PM IST

पंजाब में विधानसभा चुनाव से पहले आम आदमी पार्टी (AAP) ने अपने ही विधायक के खिलाफ बड़ा एक्शन लिया है. पार्टी ने मौर विधानसभा सीट से विधायक सुखवीर मैसरखाना को निकाल दिया है. उन पर पार्टी विरोधी गतिविधियों में शामिल होने, झूठी अफवाह फैलाने और संगठन की छवि खराब करने के आरोप हैं. यह कार्रवाई ऐसे समय में हुई है, जब मैसरखाना ने सरकारी स्कूलों में शिक्षकों की कमी का मुद्दा उठाते हुए अपनी ही सरकार पर सवाल खड़े किए थे.

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दरअसल, सुखवीर मैसरखाना ने हाल ही में सोशल मीडिया पर करीब 14 मिनट का लाइव वीडियो शेयर किया था. इसमें उन्होंने अपने विधानसभा क्षेत्र के सरकारी स्कूलों में शिक्षकों की कमी का मुद्दा उठाया. वीडियो में वह इस समस्या पर बात करते हुए भावुक हो गए थे. उन्होंने दावा किया था कि वह लंबे समय से शिक्षकों की नियुक्ति का मुद्दा पार्टी के बड़े नेताओं, मुख्यमंत्री भगवंत मान और पूर्व दिल्ली के उपमुख्यमंत्री मनीष सिसोदिया के सामने उठा रहे हैं, लेकिन अब तक समस्या का समाधान नहीं हुआ है.

'बच्चों की पढ़ाई से बढ़कर क्या है?'

मैसरखाना ने वीडियो में अपने बच्चों की पढ़ाई का जिक्र करते हुए कहा कि जब वह उनसे पूछते हैं कि स्कूल में क्या पढ़ाया गया, तो वे शिक्षकों की कमी की बात बताते हैं. उन्होंने कहा कि स्कूल की प्रिंसिपल भी उनसे स्टाफ की कमी दूर कराने की अपील करती हैं. विधायक के मुताबिक, वह बार-बार इस मुद्दे को उठाकर थक चुके हैं, लेकिन कोई हल नहीं निकला. उन्होंने कहा कि पार्टी चाहे तो उनका टिकट काट सकती है, लेकिन वह बच्चों की शिक्षा से जुड़े सवाल उठाते रहेंगे. उनके मुताबिक, वह किसी टिकट या राजनीतिक करियर के लिए नहीं, बल्कि जनता और बच्चों के भविष्य के लिए आवाज उठा रहे हैं. उन्होंने बुर्ज सहीमा गांव के एक सरकारी स्कूल को अपग्रेड नहीं किए जाने का मुद्दा भी उठाया था.

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इस विवाद के बीच उस स्कूल को लेकर यह बात सामने आई है, जिसका जिक्र विधायक ने अपने वीडियो में किया था. बताया गया है कि वहां पहले से ही 25 अध्यापक मौजूद हैं. हालांकि, यह साफ नहीं है कि शिक्षकों की कुल संख्या के बावजूद किन विषयों या पदों पर कमी थी.
 

रवनीत सिंह बिट्टू ने भी उठाए सवाल

विधायक के वीडियो के बाद भाजपा नेता रवनीत सिंह बिट्टू ने पंजाब की AAP सरकार पर निशाना साधा. उन्होंने कहा कि पार्टी के अपने विधायक के वीडियो ने राज्य की शिक्षा व्यवस्था को लेकर सरकार के दावों पर सवाल खड़े किए हैं. बिट्टू ने दावा किया कि वीडियो में विद्यार्थियों ने कई विषयों के लिए शिक्षक उपलब्ध नहीं होने की बात कही है.

बिट्टू ने कहा कि वह कई महीनों से सरकारी स्कूलों में शिक्षकों की कमी का मुद्दा उठा रहे हैं. उन्होंने मुख्यमंत्री भगवंत मान से सवाल किया कि जब अपने ही विधायक की शिकायतें नहीं सुनी जा रही हैं, तो आम माता-पिता, शिक्षकों और विद्यार्थियों की बात कैसे सुनी जाएगी. उन्होंने सरकार से शिक्षकों के खाली पद भरने और शिक्षा व्यवस्था को लेकर जवाब देने की मांग की.

इसी मामले को लेकर आम आदमी पार्टी ने सुखवीर मैसरखाना के खिलाफ पार्टी विरोधी गतिविधियों में शामिल होने, झूठी अफवाह फैलाने और संगठन की छवि खराब करने के आरोप में कार्रवाई की है. पार्टी ने उन्हें निकाल दिया है. हालांकि, इस कार्रवाई के विस्तृत आधार को लेकर पार्टी की ओर से पूरी जानकारी सामने नहीं आई है.

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मैसरखाना ने अपने वीडियो में बच्चों की शिक्षा को सबसे अहम बताते हुए सरकारी स्कूलों में शिक्षकों की कमी का मुद्दा उठाया था. उन्होंने अपनी ही सरकार से इस समस्या को दूर करने की मांग की थी. उनके निष्कासन के बाद अब यह मामला पंजाब की सियासत में चर्चा का विषय बन गया है.

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