पीएम मोदी ने गिनाए सुशासन में संवेदनशीलता के फायदे, बताया-नॉर्थ ईस्ट से कैसे खत्म की दिल्ली और दिल की दूरी!

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कहा कि मैंने अब तक पूर्वोत्तर में अपनी यात्राओं की हाफ सेंचुरी पूरी कर ली है. वहां सरकार ने विकास कार्यों को गति दी है और केंद्र सरकार के मंत्री सुदूर इलाकों में दौरा करके विकास कार्यों का जायजा लेते हैं. मोदी ने कहा कि गरीबों के लिए घर की योजना भी पहले थी, लेकिन तब क्या स्थिति थी... ये सभी जानते हैं.

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प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी. प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी.

aajtak.in

  • नई दिल्ली,
  • 18 मार्च 2023,
  • अपडेटेड 11:36 PM IST

India Today Conclave 2023: प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने शनिवार को इंडिया टुडे कॉन्क्लेव 2023 के 20वें एडिशन को संबोधित किया. यहां पीएम ने इंडिया मोमेंट की सोच को साकार करने की तरफ बढ़ाए कदमों को गिनाया. मोदी ने देश के विकास कार्यों के बारे में जानकारी दी. मोदी ने सुशासन और संवेदनशीलता के फायदे बताए. इसके साथ ही नॉर्थ ईस्ट से कैसे दिल्ली और दिल की दूरी खत्म की, उसके बारे में भी बात की है.

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पीएम मोदी ने कहा कि किसी भी देश की प्रगति में नीति और निर्णयों में ठहराव बहुत बड़ी बाधा होती है. हमारे देश में भी पुरानी सोच और एप्रोच के कारण, कुछ परिवारों की लिमिटेशन के कारण एक लंबा ठहराव रहा है. देश को आगे बढ़ना है तो उसमें हमेशा गतिशीलता होना चाहिए. साहसिक निर्णय शक्ति होना चाहिए. देश को आगे बढ़ना है तो नयापन स्वीकार करने का सामर्थ्य होना चाहिए. प्रगतिशील मानसिकता होना चाहिए. देश के लोगों की क्षमताओं और प्रतिभा पर भरोसा होना चाहिए. इन सबसे ऊपर देश के संकल्पों और सपनों पर देश की जनता का आशीर्वाद होना चाहिए. '

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'आज देशवासियों में विश्वास जगा है'

मोदी ने कहा- लक्ष्यों की प्राप्ति में जनता की सहभागिता होना चाहिए. सिर्फ सरकार और सत्ता के माध्यम से समस्याओं का समाधान खोजने का रास्ता बहुत ही लिमिटिड रिजल्ट देता है. लेकिन जब देश के लोगों का सामर्थ्य और सबका प्रयास लगता है तो कोई भी समस्या टिक नहीं पाती है. देश के लोगों का भरोसा उतना ही जरूरी है. मुझे संतोष है कि आज देशवासियों में ये विश्वास जगा है कि सरकार को उनकी परवाह है. इसकी एक वजह भी बताना चाहूंगा और वो है- सुशासन में संवेदनशीलता. हमने गर्वनेंस को ह्यूमन टच दिया है, तब जाकर इतना बड़ा प्रभाव दिख रहा है. जैसे वाइब्रेंट विलेज योजना है. दशकों तक बॉर्डर के आसपास के गांवों को आखिरी गांव माना गया. 

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'पहले नॉर्थ ईस्ट को दिल्ली की दूरी अखरती थी'

मोदी ने कहा- हमने उन गांवों को देश का पहला गांव माना और विकास को प्राथमिकता दी. अधिकारी और मंत्री इन गांवों में जा रहे हैं और लोगों से मिलकर समस्याएं निपटा रहे हैं. नॉर्थ ईस्ट के लोगों को भी पहले दिल की और दिल्ली की दूरी बहुत अखरती थी. हमने यहां भी गर्वनेंस को ह्यूमन टच से जोड़ा. अब केंद्र सरकार के मंत्री नियमित रूप से नॉर्थ ईस्ट का विजिट करते हैं. वहां के सुदूर इलाकों में जाते हैं. मैं भी अब तक 50 बार नॉर्थ ईस्ट का दौरा कर चुका हूं. इसी संवेदनशीलता ने ना सिर्फ नॉर्थ ईस्ट की दूरी कम की, बल्कि वहां शांति की स्थापना में बहुत मदद की.

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'अब गरीब के खाते में भेजे जाते हैं पैसे'

मोदी ने कहा- हमने पिछले 9 साल में 3 करोड़ से अधिक घर बनाकर गरीबों को दिए हैं. अब घर का पैसा सीधे उस गरीब के बैंक अकाउंट में भेजा जाता है. जब देश आत्म-विश्वास से भरा हो, संकल्प से भरा हो, दुनिया के विद्वान भी भारत को लेकर आशावान हों, इन सबके बीच निराशा की बातें, हताशा की बातें, भारत को नीचा दिखाने की बातें और भारत का मनोबल तोड़ने की बातें भी होती रहती हैं. उन्होंने कहा- पहले शहरों में बम ब्लास्ट की Headlines होती थी, नक्सली वारदातों की Headlines होती थी और आज शांति और समृद्धि की खबरें ज्यादा होती हैं.

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