कुमारी शैलजा ने सुषमा स्वराज का बयान याद कर सरकार को घेरा, स्पीकर बोले- ये हरियाणा विधानसभा नहीं

बजट पर चर्चा की शुरुआत करते हुए कुमारी शैलजा ने सुषमा स्वराज का एक बयान याद कर सरकार को घेरा. एक मौका ऐसा भी आया जब स्पीकर ओम बिरला ने उन्हें टोकते हुए कहा- ये संसद है, हरियाणा विधानसभा नहीं.

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Kumari Shailja Kumari Shailja

aajtak.in

  • नई दिल्ली,
  • 24 जुलाई 2024,
  • अपडेटेड 2:34 PM IST

विपक्ष की ओर कांग्रेस सांसद कुमारी शैलजा ने लोकसभा में बजट पर चर्चा की शुरुआत की. शून्यकाल के बाद बजट पर चर्चा की शुरुआत करते हुए कुमारी शैलजा ने पीएम नरेंद्र मोदी के यूपीए सरकार के समय बतौर सीएम कोऑपरेटिव फेडरलिज्म की बात याद की और सुषमा स्वराज का एक बयान याद कर भी सरकार को घेरा. एक मौका ऐसा भी आया जब स्पीकर ओम बिरला ने उन्हें टोकते हुए कहा कि यह संसद है, हरियाणा विधानसभा नहीं.

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कुमारी शैलजा ने कहा कि हमारी सरकार थी तब नरेंद्र मोदीजी एनडीएमसी की मीटिंग में आते थे. वे कोऑपरेटिव फेडरलिज्म की बात करते थे. अब तो एनडीएमसी भी नहीं रहा. शायद ये दो शब्द सरकार और बीजेपी की डिक्शनरी में भी नहीं रहे. उन्होंने कहा कि बजट में बिहार और आंध्र प्रदेश को खूब मिला है. नीतीशजी और नायडूजी खुश होंगे, लेकिन वक्त बदलते देर नहीं लगती. कुमार शैलजा ने कहा कि सरकार के विश्वास खोने का ही परिणाम है कि इतनी स्लाइड हुई सीटों की संख्या में.

उन्होंने कहा कि बजट में जब हिमाचल की बात आती है तो एक्सटर्नल एजेंसी के जरिए मदद की बात कही जाती है. हरियाणा, जम्मू कश्मीर और झारखंड चुनाव की ओर जा रहे हैं. ऐसा लगता है कि इन्होंने तीनों राज्यों में हार मान ली है. कांग्रेस सांसद ने कहा कि तीन-तीन मंत्री हैं हरियाणा से लेकिन इन्होंने नाम तक लेना मुनासिब नहीं समझा. उन्होंने सरकार पर हमला बोलते हुए कहा कि किसानों की बात करते हैं, आय दोगुनी करने की बात की गई. स्वामीनाथन कमेटी का फॉर्मूला क्या आपने अपनाया है सी टू प्लस 50, नहीं. पीठ थपथपाने का कोई कारण नहीं नजर आता.

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कांग्रेस सांसद ने कहा कि साल से ऊपर किसान बैठा रहा लेकिन किसी ने ध्यान नहीं दिया. ऐसे बॉर्डर बना दिया जैसे दुश्मन हों. उन्होंने कहा कि पूंजीपतियों के मित्र हैं, ये दुनिया जानती है. हमने किसानों का कर्जा माफ किया, आपने अपने पूंजीपति मित्रों का 16 लाख करोड़ का कर्जा माफ किया. उन्होंने कहा कि आपने हर बात में वादाखिलाफी की. किसान अपना दुख लेकर फिर भी बैठा है. कुमारी शैलजा ने कहा कि किसान को आप उग्र होने पर मजबूर मत कीजिए. आपने किसान को मजबूर और मजदूर दोनों बना दिया है.

उन्होंने फसल बीमा का जिक्र करते हुए कहा कि जब मुआवजे की बात आती है तो किसान दर-दर भटकता है. किसान धरने पर बैठा रहा, 736 किसान इस दुनिया से चले गए लेकिन उनके बारे में एक भी शब्द नहीं बोला गया. कुमारी शैलजा ने कहा कि आज भी शंभू बॉर्डर पर किसान बैठा है लेकिन आप उस मजबूर किसान की ओर नहीं देख रहे. आप एमएसपी देने की बात करते हैं लेकिन बात तो लीगल गारंटी की है. उन्होंने कहा कि आप जब तक लीगल गारंटी नहीं देंगे तो न्याय नहीं करेंगे किसानों से. हमने अपने मैनिफेस्टों में लीगल गारंटी की बात की, ये बिंदु भी पढ़ लेते तो अच्छा होता.

कांग्रेस सांसद कुमारी शैलजा ने कहा कि मजदूरी वृद्धि केवल एक प्रतिशत की गई है हर साल. मनरेगा को पहले आप नकारते थे, बाद में समझ आया और आपने अपनाया. उन्होंने कहा कि कोविड में कोई सेवियर था तो वह मनरेगा था. आप इसे याद ही नहीं रखते हैं. खेती और मजदूर का चोली-दामन का साथ है, आपने इसे भुला दिया. कुमारी शैलजा ने कहा कि पूंजीपतियों को आपने ग्रामीण क्षेत्रों में भी घुसा दिया.

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उन्होंने कहा कि न्यूनतम वेतन प्रतिदिन का 400 होना चाहिए, ये देशभर की डिमांड है. कुमारी शैलजा ने कहा कि हम तो कह रहे हैं कि हमारी सरकार आएगी तो हम ये करेंगे. सरकार को इस बात को मानना चाहिए. उन्होंने कहा कि आप गरीब को भी 5 किलो अनाज देकर लाइन में ना खड़ा करें, उनका हक दें. 80 करोड़ लोगों को अनाज देने की बात कहते हैं आप, क्या 80 करोड़ लोग लाइन में खड़े रहेंगे.

शैलजा ने याद दिलाया सुषमा स्वराज का बयान

कुमारी शैलजा ने बीजेपी की फायरब्रांड नेता रहीं सुषमा स्वराज को याद करते हुए कहा कि एक बार बजट के समय सुषमाजी ने कहा था कि दादा आंकड़ों से पेट नहीं भरेगा. तब प्रणब मुखर्जी वित्त मंत्री थे. उन्होंने कहा कि यही याद दिलाना चाहती हूं सत्ता पक्ष को कि आंकड़ों से पेट नहीं भरेगा. तेल कंपनियों का मुनाफा बढ़ता जा रहा है लेकिन क्या जनता को कोई राहत मिलती है. कुमारी शैलजा ने कहा कि क्या केवल अनाज से काम चलेगा? आलू-प्याज और सब्जियों के दाम बढ़ते जा रहे हैं.

इस पर किसी ने कहा कि वित्त मंत्री प्याज नहीं खाती हैं. इस पर कुमारी शैलजा ने कहा कि खाने का अपना-अपना टेस्ट है. उन्होंने सरकारी स्कूलों का जिक्र करते हुए कहा कि हमारे राज्य में स्कूल बंद होते जा रहे हैं. नीट की बात हमारे नेता राहुल गांधी ने की, कोई जिम्मेदारी लेता क्यों नहीं है. नहीं लेंगे तो युवा आपको दिखा देगा. उन्होंने बेरोजगारी को लेकर भी सरकार को घेरा और स्किलिंग पर सवाल उठाते हुए कहा कि क्या आपने इसके लिए इंडस्ट्री से बात की. क्या गारंटी है कि इस स्कीम का फायदा उठाकर दो-तीन महीने में युवाओं की छुट्टी नहीं कर दी जाएगी. उन्होंने बैकलॉग की भर्तियों का जिक्र करते हुए स्किल इंडिया का मुद्दा भी उठाया और कहा कि इसका क्या हुआ. 

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अग्निवीर को तत्काल खत्म करिए- शैलजा

कांग्रेस सांसद ने कहा कि बेरोजगारी इतनी बढ़ती हैं, तो गलत आदतें भी बढ़ती जाती हैं. कहां हमारा हरियाणा था. हम बोलते थे- 'देशां में देश हरियाणा, दूध दही का खाणा'. आज अपराध बढ़ गए हैं. उन्होंने कहा कि अग्निवीर में सरकार चाहे जितने क्लेम करे, आप जमीन पर जाएंगे तो हकीकत पता चलेगी. आप सेना के साथ भी और युवा के साथ भी नाइंसाफी कर रहे हैं. हरियाणा की हिस्सेदारी देश की दो फीसदी है लेकिन सेना में हिस्सेदारी 10 फीसदी है. सेना में अग्निवीर को तत्काल खत्म करिए और जय जवान जय किसान के नारे को फिर से बुलंद करिए.

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स्कॉलरशिप का मुद्दा उठाते हुए कुमारी शैलजा ने कहा कि हरियाणा में चार साल से बच्चों को स्कॉलरशिप नहीं मिले. ऐसे बच्चे कैसे पढ़ेंगे. बाबासाहब आंबेडकर ने भी स्कॉलरशिप से पढ़ाई की थी. इस पर स्पीकर ओम बिरला ने उन्हें टोका. स्पीकर ने कहा कि ये संसद है, हरियाणा विधानसभा नहीं. इस पर शैलजा ने कहा कि आपको भी राजस्थान से प्यार है. आप स्पीकर हैं फिर भी. 

स्वच्छता अभियान का अब चश्मा भी नहीं दिख रहा

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कुमारी शैलजा ने बजट में और एक्सपेंडिचर में फर्क का जिक्र किया. उन्होंने हरियाणा में पीएम मोदी के आयुष यूनिवर्सिटी के शिलान्यास करने का जिक्र किया और कहा कि एक पत्थर तक वहां नहीं रखा गया. ग्लोबल हंगर इंडेक्स के मुताबिक 125 देशों में कुपोषण के मामले में हम 111 पर आ गए हैं. महिलाओं को एक लाख रुपये देने का हमारा वादा सुन लिए होते तो उनका भला हो जाता. आपके पास आइडियाज नहीं हैं, हमारे पास हैं. ले लेते तो देश का भला हो जाता.

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उन्होंने मिलेनियम सिटी गुड़गांव और फरीदाबाद का जिक्र करते हुए कहा कि माननीय पूर्व मुख्यमंत्री यहां हैं, उम्मीद करती हूं कि उनकी बात सुनेंगे. जानती हूं कि हरियाणा से आप निराश हो चुके हैं लेकिन 10 साल आपको मौका मिला कुछ तो कल्याण कर दीजिए. स्वच्छता अभियान, चश्मा भी नहीं दिख रहा अब तो. शायद उसको भी गिरा दिया कचरे में.

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