उत्तर प्रदेश की राजनीति में इन दिनों अब्दुल शब्द को लेकर एक बड़ा विवाद छिड़ गया है. एआईएमआईएम प्रमुख असदुद्दीन ओवैसी अपनी रैलियों में अक्सर कहते हैं कि अब्दुल अब किसी की दरी नहीं उठाएगा और न ही बिछाएगा. इसका मतलब यह है कि मुसलमान अब उन पार्टियों के लिए महज एक वोट बैंक बनकर नहीं रहेंगे जो चुनाव जीतने के बाद उन्हें भूल जाती हैं. ओवैसी के इस बयान से समाजवादी पार्टी काफी नाराज दिखाई दे रही है.