साबुन-शैंपू और टूथपेस्ट पर अब वेज-नॉनवेज निशान जरूरी, सरकार ने बदला नियम

साबुन, शैंपू और टूथपेस्ट खरीदते समय अब पैकेट पर एक नया निशान नजर आएगा. सरकार ने इन उत्पादों की पैकेजिंग को लेकर नियम में बदलाव किया है. आखिर ये निशान क्या बताएगा और इसे पैकेट पर कहां लगाया जाएगा?

Advertisement
टूथपेस्ट की पैकेजिंग पर सरकार का नया नियम. (Photo: PEXELS) टूथपेस्ट की पैकेजिंग पर सरकार का नया नियम. (Photo: PEXELS)

आशुतोष मिश्रा

  • दिल्ली,
  • 22 सितंबर 2026,
  • अपडेटेड 9:48 AM IST

साबुन, शैंपू या टूथपेस्ट खरीदते समय पैकेट पर एक छोटा सा निशान जरूर देखिएगा. सरकार ने इन उत्पादों के पैकेट पर वेज-नॉनवेज पहचान को लेकर नियम में बदलाव किया है. अब शाकाहारी मूल के उत्पाद पर हरी बिंदी, जबकि मांसाहारी मूल के उत्पाद पर लाल या भूरी बिंदी की पहचान होगी. यह बदलाव 21 सितंबर 2026 से लागू हो गया है.

Advertisement

आसान भाषा में समझें तो पैकेट पर लगा यह डॉट बताएगा कि उत्पाद बनाने में इस्तेमाल सामग्री किस मूल की है. इसके लिए ग्राहक को पैकेट पर लिखी हर चीज का मतलब समझने की जरूरत नहीं होगी. सामने लगा निशान देखकर वह इसकी पहचान कर सकेगा.

किन उत्पादों पर दिखेगा निशान?

यह नियम साबुन, शैंपू, टूथपेस्ट के अलावा दूसरे कॉस्मेटिक्स और टॉयलेटरी उत्पादों पर लागू होगा. इन सामान के पैकेट के मुख्य डिस्प्ले पैनल के सबसे ऊपर यह निशान लगाया जाना है. अगर वहां हरी बिंदी है तो उत्पाद शाकाहारी मूल का है. वहीं लाल या भूरी बिंदी का मतलब है कि उसमें इस्तेमाल सामग्री मांसाहारी मूल की है. सरकार का कहना है कि इस तरह पैकेट देखकर उत्पाद की प्रकृति समझना आसान होगा. यानी अब पैकेट पर यह जानकारी किसी को ढूंढनी नहीं पड़ेगी. नजर सीधे उस निशान पर जाएगी और उत्पाद की पहचान हो जाएगी.

Advertisement

पैकेट पर कहां लगा होगा निशान?

नियम के मुताबिक यह बिंदी पैकेट के मुख्य डिस्प्ले पैनल के सबसे ऊपर लगानी होगी. इसका मकसद यह है कि ग्राहक को पैकेट देखते ही उत्पाद की प्रकृति की जानकारी मिल सके. यानी अगर किसी साबुन, शैंपू या टूथपेस्ट पर हरी बिंदी लगी है, तो वह शाकाहारी मूल के उत्पाद की पहचान होगी. लाल या भूरी बिंदी लगी होने पर उसे मांसाहारी मूल के उत्पाद के तौर पर पहचाना जा सकेगा.

अब 21 सितंबर 2026 को जारी नई अधिसूचना में सरकार ने इस प्रावधान को Legal Metrology (Packaged Commodities) Rules, 2011 के नियम 6 में नए तरीके से शामिल किया है. इसमें साफ कहा गया है कि ऐसे उत्पादों के पैकेज पर मुख्य डिस्प्ले पैनल के सबसे ऊपर संबंधित डॉट लगाया जाएगा.

ग्राहक के लिए इसका मतलब क्या है?

सीधी सी बात है. रोजमर्रा की इन चीजों को खरीदते वक्त पैकेट पर एक और जानकारी साफ दिखाई देगी. इससे जिन ग्राहकों के लिए उत्पाद में इस्तेमाल सामग्री का शाकाहारी या मांसाहारी मूल जानना जरूरी है, उन्हें पहचान करने में आसानी होगी.

इसलिए अगली बार साबुन, शैंपू या टूथपेस्ट खरीदते समय पैकेट के सामने वाले हिस्से पर नजर डालिए. ऊपर लगा छोटा सा हरा, लाल या भूरा डॉट आपको उत्पाद की प्रकृति के बारे में जानकारी देगा.
 

---- समाप्त ----

TOPICS:
Read more!
Advertisement

RECOMMENDED

Advertisement
Latest News in Hindi »