वोट चोरी का मुद्दा इस वक्त देश की सियासत में सुर्खियों में है. मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे की मांग को लेकर कांग्रेस देशभर में प्रदर्शन कर रही है. वहीं, कॉकरोज जनता पार्टी (CJP) भी ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे की मांग को लेकर विरोध प्रदर्शन कर रही है. इसी बीच केंद्रीय मंत्री शिवराज सिंह चौहान ने कांग्रेस पर हमला बोला है.
शिवराज सिंह चौहान ने कहा कि चुनाव में हार मिलने के बाद जनादेश का अपमान करना कांग्रेस की पुरानी आदत है और यह कांग्रेस के डीएनए में है. शिवराज सिंह चौहान ने कहा कि भारत का लोकतंत्र दुनिया का सबसे मजबूत लोकतंत्र है और दुनिया भारत के लोकतंत्र का उदाहरण देती है. लेकिन चुनाव हारने के बाद संवैधानिक संस्थाओं को कमजोर करना, चुनाव आयोग को बदनाम करना और जनता के जनादेश का अपमान करना कांग्रेस की राजनीति का हिस्सा बन गया है.
चौहान यहीं नहीं रुके, उन्होंने राहुल गांधी पर भी निशाना साधते हुए कहा कि राहुल गांधी के इशारे पर मल्लिकार्जुन खड़गे ने प्रधानमंत्री और गृहमंत्री को अवैध कहा, जो लोकतंत्र का अपमान है. आपको बता दें कि बीजेपी खड़गे के इस बयान का जमकर विरोध कर रही है.
खड़गे ने क्या कहा था?
कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे ने शनिवार को लोकसभा और सभी राज्यों की विधानसभाओं को भंग करने की मांग की थी. उन्होंने आरोप लगाया कि पूरे देश में चुनाव गैर-कानूनी तरीके से हुए और मांग की कि बैलेट पेपर से दोबारा चुनाव कराए जाएं.
उन्होंने दावा किया कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह और सभी राज्यों के मुख्यमंत्री एक गैर-कानूनी प्रक्रिया के ज़रिए चुने गए थे. खड़गे ने कहा कि वोटर लिस्ट (electoral roll) की चल रही SIR प्रक्रिया में कई गड़बड़ियां हैं और यह लोकतंत्र को कमज़ोर कर रही है. उन्होंने कहा कि विपक्ष इस प्रक्रिया और चुनावी प्रक्रिया के कथित दुरुपयोग के खिलाफ पूरे देश में अपना विरोध जारी रखेगा.
खरगे ने यह भी आरोप लगाया कि EVM का गलत इस्तेमाल हो रहा है. 30 सितंबर को हुई INDIA गठबंधन की बैठक का ज़िक्र करते हुए खरगे ने कहा कि 20 पार्टियों के सदस्य और उनके लीगल सेल के लोग इसमें शामिल हुए थे और इस बात पर सहमत हुए थे कि SIR देश के लिए गलत साबित हो रहा है. उन्होंने कहा कि इसका बुरा असर गरीब लोगों, कम पढ़े-लिखे लोगों, मज़दूरों और खासकर अल्पसंख्यकों पर पड़ रहा है.
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