VIP कैदी की खुली पोल! बीमारी का बहाना बनाकर अस्पताल में गर्लफ्रेंड से कर रहा था मुलाकात

मांड्या जिला जेल का औचक निरीक्षण करने पर कर्नाटक राज्य कानूनी सेवा प्राधिकरण ने पाया कि एक विचाराधीन कैदी को बिना किसी गंभीर बीमार के भी अस्पताल के एक अनधिकृत स्पेशल वार्ड में रखा गया है.

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सांकेतिक तस्वीर (फोटो: Pexels) सांकेतिक तस्वीर (फोटो: Pexels)

सगाय राज

  • बेंगलुरु,
  • 25 अगस्त 2026,
  • अपडेटेड 11:16 AM IST

कर्नाटक राज्य कानूनी सेवा प्राधिकरण (KSLSA) ने मांड्या जिला जेल का औचक निरीक्षण किया. इस दौरान उन्हें पता चला कि एक विचाराधीन कैदी को बिना किसी गंभीर बीमार के भी अस्पताल के एक अनधिकृत स्पेशल वार्ड में रखा गया है. सूत्रों के मुताबिक, इस वार्ड में उसकी गर्लफ्रेंड भी उससे मिलती थी. 

कैदी मोहम्मद हुसैन की श्रीरंगपट्टनम तालुक के भूमि रिकॉर्ड कार्यालय में कथित अनियमितिताओं के मामले में गिरफ्तारी हुई थी. तीन जुलाई को हुसैन को न्यायिक हिरासत में भेज दिया गया था. बताया गया है कि जेल के मेडिकल ऑफिसर की सलाह पर हुसैन को MIMS अस्पताल में भर्ती कराया गया.

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जब कर्नाटक राज्य कानूनी सेवा प्राधिकारण ने जांच की तो उन्हें पता चला कि कैदी को कोर्ट की अनुमति के बिना ही स्पेशल वार्ड में रखा गया था. और उसे कोई गंभीर बीमारी भी नहीं थी. 

इतना ही नहीं, सूत्रों के हवाले से बताया गया है कि अस्पताल में रहने के दौरान हुसैन ने अपनी गर्लफ्रेंड से मुलाकत भी की थी. इस पूरे मामले को लेकर अस्पताल की निगरानी व्यवस्था पर सवाल उठे हैं. हुसैन को 2 जुलाई को छापेमारी के बाद गिरफ्तार किया गया था. उस पर जमीन के रिकॉर्ड के रजिस्टर, रिकॉर्ड के डिजिटलीकरण और सरकारी सॉफ्टवेयर में कथित फर्जी रिकॉर्ड बनाने से जुड़ी गड़बड़ियों में मदद करने का आरोप है. 

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मामले में भारतीय न्याय संहिता (BNS) की सुसंगत धाराओं के तहत शिकायत दर्ज की गई है. KSLSA की टीम ने सोमवार शाम MIMS अस्पताल का दौरा किया. साथ ही, हुसैन के भर्ती होने और इलाज से जुड़ी सभी चीज़ों का निरीक्षण किया. 

इस घटना से कैदियों को मिलने वाले VIP ट्रीटमेंट पर सवाल उठने लगे हैं. कहा जा रहा है कि  कैदियों को मिलने वाला 'परप्पना अग्रहारा-स्टाइल' का VIP ट्रीटमेंट अब मांड्या तक पहुंच गया है.

पुलिस सूत्रों का कहा है कि यह विचाराधीन कैदी जेल प्रशासन के अधिकार क्षेत्र में नहीं आता है. स्वास्थ्य विभाग के डॉक्टर ने, जो जांच के लिए यहां आते हैं, उसे इलाज के लिए भर्ती करने की सलाह दी थी. कैदी मांड्या ज़िला पुलिस की हिरासत में था.

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