तमिलनाडु में पुलिस हिरासत में युवक की मौत पर बवाल...परिजनों ने मारपीट का लगाया आरोप, विपक्ष ने सरकार को घेरा

तमिलनाडु में अवैध शराब बेचने के दौरान पकड़े गए एक आरोपी की इलाज के दौरान मौत हो गई. युवक की मां ने 4 पुलिसवालों पर मारपीट का आरोप लगाया है. वहीं पुलिस विभाग ने अपनी तरफ से सफाई पेश करते हुए कहा कि युवक कैदियों से बात कर रहा था, वह अचानक नीचे गिर गया. घटना के सीसीटीवी फुटेज भी हमारे पास मौजूद हैं.

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पुलिस हिरासत में युवक से मारपीट का आरोप परिजनों ने लगााया है. (फोटो-X/ India Today) पुलिस हिरासत में युवक से मारपीट का आरोप परिजनों ने लगााया है. (फोटो-X/ India Today)

प्रमोद माधव

  • चेन्नई,
  • 28 जुलाई 2026,
  • अपडेटेड 1:01 PM IST

तमिलनाडु के थूथुकुडी जिले से पुलिस की कार्यप्रणाली पर गंभीर सवाल उठ रहे हैं. दरअसस, यहां अमूधा नगर के रहने वाले 26 साल के एक युवक, अरुणचालम की अस्पताल में इलाज के दौरान मौत हो गई. अरुणचालम को पुलिस ने अवैध रूप से शराब बेचने के आरोप में हिरासत में लिया था. शख्स की मौत के बाद उसके परिवार ने पुलिस पर गंभीर आरोप लगाए हैं. परिजनों का कहना है कि थाने के अंदर युवक के साथ बेरहमी से की गई. इलाके में तनाव का माहौल है. इस मुद्दे पर राज्य की राजनीति में भी हलचल मच गई है.

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घटना की शुरुआत 17 जुलाई को हुई. दरअसल, तेनबागम पुलिस का दावा है कि सरकारी शराब की दुकान बंद होने के बाद अरुणचालम (मृतक) अवैध रूप से शराब बेच रहा था. पुलिस ने छापेमारी के दौरान उसके पास से करीब 120 शराब की बोतलें जब्त कीं. उसे कानूनी कार्रवाई और पूछताछ के लिए तेनबागम थाने पुलिस लाई.

पुलिस का कहना है कि, हिरासत में लेने के बाद औपचारिकताएं पूरी की जा रही थीं. लेकिन उसी दिन देर शाम युवक को अचानक थूथुकुडी सरकारी मेडिकल कॉलेज अस्पताल में एडमिट कराना पड़ा. पुलिस ने उसकी मां परमेश्वरी को फोन पर सूचना भी दी. उन्होंने युवक की मां को बताया कि उनके बेटे की तबीयत खराब होने के कारण उसे अस्पताल में भर्ती किया गया है. हॉस्पिटल में कई दिनों तक जिंदगी और मौत की लड़ाई लड़ने के बाद, आखिरकार गुरुवार की सुबह युवक की मौत हो गई.

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मां का आरोप-चार पुलिसवालों ने मेरे बेटे को पीटा
अरुणचालम की मौत की मिलते ही युवक की मां परमेश्वरी और उसके रिश्तेदारों ने अस्पताल के बाहर हंगामा शुरू कर दिया. उन्होंने पुलिस के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग की.

रोती-बिलखती मां ने मीडिया से बातचीत में कहा, 'पुलिसवालों ने मुझे बताया कि मेरा बेटा बोतलें लेकर भागा था और गिर गया, जिससे उसे चोट लगी. लेकिन जब मैं भागकर अस्पताल पहुंची, तो सच कुछ और ही था. डॉक्टरों ने कहा कि उसके सिर का ऑपरेशन करना होगा. इसके लिए बाल काटने पड़ेंगे. अस्पताल में एडमिट होने के कुछ समय बाद तक वह ठीक से बात कर रहा था. 
मृतक की मां ने कहा कि मेरे बेटे को कभी मिर्गी या चक्कर आने की बीमारी नहीं थी. चार पुलिसवालों ने मिलकर उसे थाने में बहुत बुरी तरह पीटा है, जिसके कारण उसके सिर और पैरों में गंभीर चोटें आईं और उसकी जान चली गई. जब तक उन आरोपी पुलिसवालों को यहां नहीं लाया जाता,  हमें न्याय नहीं मिलता, मैं अपने बेटे का शव नहीं लूंगी.

इसके साथ ही सोशल मीडिया पर अरुणचालम के अस्पताल में इलाज के दौराने के कुछ वीडियो और तस्वीरें भी सामने आई हैं, जिनमें उसके सिर पर पट्टियाँ बंधी हुई हैं और गंभीर चोटों के निशान दिख रहे हैं.
 

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पुलिस बोली- लॉक-अप में अचानक बेहोश होकर गिरा युवक
वहीं दूसरी ओर, तमिलनाडु पुलिस ने इन सभी आरोपों को खारिज किया है. पुलिस विभाग ने एक आधिकारिक बयान जारी कर अपनी सफाई पेश की है. पुलिस का कहना है कि 17 जुलाई को गिरफ्तारी के बाद शाम करीब 5:50 बजे अरुणचालम को मेडिकल टेस्ट के लिए अस्पताल ले जाया गया था. वहां के डॉक्टर ने अरुणचालम की जांच की थी. मेडिकल टीम ने बाकायदा यह लिखकर दिया था कि युवक पूरी तरह फिट है. उसके शरीर पर बाहरी चोट का कोई निशान नहीं है.

पुलिस का आगे कहना है कि मेडिकल चेकअप के बाद अरुणचालम को वापस थाने लाया गया. कानूनी कागजी कार्रवाई पूरी करने के बाद उसे अन्य कैदियों के साथ लॉक-अप में रखा गया. पुलिस का दावा है कि लॉक-अप के अंदर वह दूसरे कैदियों से खड़े होकर आराम से बात कर रहा था, तभी अचानक वह जमीन पर गिर गया और बेहोश हो गया. पुलिस विभाग का कहना है कि यह पूरी घटना थाने में लगे सीसीटीवी कैमरे में रिकॉर्ड है. हम किसी भी तरह की निष्पक्ष जांच के लिए तैयार हैं.
 

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10 दिन में दूसरा मामला, राजनीतिक दलों ने सरकार को घेरा
इस घटना के बाद तमिलनाडु की कानून-व्यवस्था को लेकर विपक्षी दलों ने सरकार पर जमकर हमला बोला है. द्रमुक (DMK) की उप महासचिव और थूथुकुडी की सांसद कनिमोझी ने टीवीके (TVK) सरकार पर तंज कसा है. कनिमोझी ने कहा, 'कन्याकुमारी के नागरकोइल में अभी कुछ दिन पहले ही साबरी नाम के युवक की पुलिस प्रताड़ना से मौत हुई थी. अब थूथुकुडी में एक और नौजवान की जान चली गई. ये बहुत परेशान करने वाली बात है.
प्रदेश के  CM विजय के पास गृह विभाग की जिम्मेदारी है, लेकिन वे और उनके मंत्री फिल्मों में व्यस्त हैं. ऐसा लगता है कि राज्य में कोई सरकार ही काम नहीं कर रही है. हम आशा करते हैं कि जब वे काम पर लौटेंगे, तो इस हिरासत में हुई मौत पर अपनी चुप्पी तोड़ेंगे.

वहीं, भारतीय जनता पार्टी के नेता विनोज पी. सेल्वम ने भी इस घटना की कड़े शब्दों में निंदा की है. उन्होंने कहा कि अगर तमिलनाडु में पुलिस की यह गुंडागर्दी और ज्यादती इसी तरह जारी रही, तो प्रदेश में में सत्ता परिवर्तन निश्चचित है। सेल्वम ने सरकार पर तंज कसते हुए कहा कि जिन लोगों पर बड़े-बड़े घोटालों के आरोप हैं, उन्हें तो राजनीतिक दल अपनी पार्टी में शामिल कर रहे हैं, लेकिन शराब बेचने जैसी छोटी गलती के लिए पुलिस कस्टडी में लोगों को जान से मार दिया जा रहा है. बीजेपी ने इस मामले में CBI जांच की मांग की है।

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फिलहाल, इलाके में तनाव को देखते हुए अस्पताल और पुलिस स्टेशन के बाहर भारी पुलिस बल तैनात कर दिया गया है. मामले की विभागीय और न्यायिक जांच की जा रही है.

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