करुणानिधि-स्टालिन पर CM विजय की टिप्पणी के खिलाफ DMK का प्रदर्शन, सड़कों पर उतरे कार्यकर्ता, TVK ने भी किया पलटवार

तमिलनाडु में मुख्य विपक्षी दल डीएमके ने मुख्यमंत्री सी जोसेफ विजय के खिलाफ पूरे राज्य में विरोध प्रदर्शन किया. विरोध प्रदर्शन के दौरान डीएमके नेताओं ने विजय के भाषण को निंदनीय करार दिया और आगामी चुनावों में जनता से समर्थन मांगा.

Advertisement
DMK ने सीएम विजय के खिलाफ पूरे राज्य में किया विरोद प्रदर्शन. (File photo: ITG) DMK ने सीएम विजय के खिलाफ पूरे राज्य में किया विरोद प्रदर्शन. (File photo: ITG)

aajtak.in

  • चेन्नई,
  • 13 सितंबर 2026,
  • अपडेटेड 3:07 AM IST

तमिलनाडु में मुख्य विपक्षी दल डीएमके ने शनिवार को मुख्यमंत्री सी जोसेफ विजय के खिलाफ पूरे राज्य में विरोध प्रदर्शन किया. ये प्रदर्शन विधानसभा के अंदर दिवंगत पार्टी संरक्षक एम करुणानिधि और पार्टी अध्यक्ष एमके स्टालिन पर की गई कथित अपमानजनक टिप्पणियों के विरोध में आयोजित किया गया था.

डीएमके नेताओं ने विधानसभा में भ्रष्टाचार के आरोपों और स्टालिन की आपातकाल के दौरान मीसा (MISA) गिरफ्तारी पर उठाए गए सवालों को लेकर टीवीके सरकार को घेरा. वहीं, टीवीके ने डीएमके के आरोपों को पूरी तरह खारिज करते हुए प्रदर्शनकारियों के बयानों को अमर्यादित करार दिया.

Advertisement

CM पर डायलॉगबाजी का आरोप

चेन्नई में विरोध प्रदर्शन का नेतृत्व करते हुए वरिष्ठ डीएमके नेता पीके सेकर बाबू ने स्टालिन को 'मिस्टर क्लीन' बताते हुए उनके त्याग, व्यक्तित्व और मानवीय मूल्यों की सराहना की. बाबू ने विधानसभा में सीएम विजय द्वारा करुणानिधि और स्टालिन के शासनकाल पर लगाए गए भ्रष्टाचार के आरोपों को खारिज कर दिया. उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री ने सदन में लगभग एक घंटे तक सिर्फ सिनेमाई अंदाज में डायलॉगबाजी की है.

सेकर बाबू ने दावा किया कि जब डीएमके ने सदन में इन आरोपों पर आपत्ति जताई तो विपक्ष के नेता उदयनिधि स्टालिन को जवाब देने की अनुमति नहीं दी गई. बाबू ने चेतावनी भरे लहजे में कहा कि डीएमके मैदान में खड़ा एक घायल बाघ है और एक दिन हर बात का जवाब उसी सिक्के में वापस दिया जाएगा. डीएमके का कहना है कि विजय का भाषण दिवंगत नेताओं और स्टालिन के बलिदानों को कम आंकने वाला था.

दरअसल, मुख्यमंत्री विजय ने 7 सितंबर को विधानसभा में डीएमके के पिछले शासनकालों के दौरान कथित गंभीर और संगठित भ्रष्टाचार को लेकर कड़ा हमला बोला था. विजय ने दशकों पहले करुणानिधि के नेतृत्व वाली सरकार को घेरने के लिए सरकारिया आयोग की रिपोर्ट और मुरासोली मारन का हवाला दिया था. इसके साथ ही उन्होंने 2021-26 के डीएमके शासन के दौरान कथित भ्रष्टाचार पर ईडी द्वारा राज्य सरकार से साझा किए गए आधिकारिक डॉक्यूमेंट्स का उल्लेख करते हुए तत्कालीन सीएम स्टालिन और उदयनिधि का नाम लिया था.

Advertisement

मीसा गिरफ्तारी पर चुनौती

कानून मंत्री आर निर्मल कुमार ने दावा किया था कि आपातकाल के दौरान स्टालिन की हिरासत मीसा (MISA) के तहत होने का कोई आधिकारिक रिकॉर्ड नहीं है. मंत्री के अनुसार, स्टालिन को तत्कालीन प्रधानमंत्री इंदिरा गांधी और उनके 20 सूत्रीय कार्यक्रम पर टिप्पणी के बाद गिरफ्तार किया गया था. शनिवार को कुमार ने स्टालिन को अपना आधिकारिक हिरासत आदेश (डिटेंशन ऑर्डर) सार्वजनिक करने की चुनौती दी.

तिरुचिरापल्ली में पूर्व डीएमके मंत्री अंबिल महेश ने मुख्यमंत्री विजय के भाषण और हाव-भाव की तुलना नाजी जर्मनी के तानाशाह एडॉल्फ हिटलर से कर दी. उन्होंने आरोप लगाया कि सरकार के कुछ मंत्री झूठ फैलाने के लिए जोसेफ गोएबल्स के टूलकिट का इस्तेमाल कर रहे हैं. महेश ने सरकार पर जनता को गुमराह करने का गंभीर आरोप लगाया.

ए राजा का तीखा हमला

उधर, वरिष्ठ नेता ए राजा ने प्रदर्शन का नेतृत्व करते हुए टीवीके सरकार और मुख्यमंत्री के खिलाफ कड़े शब्दों का इस्तेमाल किया. उन्होंने स्टालिन की विश्वसनीयता पर सवाल उठाने को लेकर कानून मंत्री को अदालत में केस दर्ज करने की चुनौती दी. राजा ने संसद में दिए अपने भाषण की याद दिलाते हुए कहा कि आपातकाल में स्टालिन ने जेल में यातनाएं झेली थीं. उन्होंने विजय के हाथ के 'जबड़ा तोड़ने' वाले इशारे पर तंज कसते हुए पूछा कि क्या वह राजनीति में हाथ-पैर हिलाने आए हैं.

Advertisement

'विधानसभा शूटिंग की जगह नहीं'

प्रदर्शन के दौरान डीएमके कार्यकर्ताओं ने जमकर नारेबाजी की और सवाल उठाया कि क्या टीवीके सरकार के लिए राज्य विधानसभा कोई फिल्म शूटिंग की जगह है. कार्यकर्ताओं ने नारे लगाए कि जनता से ध्यान भटकाने की चालें बंद की जाएं, विधानसभा डायलॉगबाजी और एक्शन सीन के लिए सिनेमा हॉल नहीं है और मुख्यमंत्री जनता के सवालों के सीधे जवाब दें.

TVK का पलटवार

सत्तारूढ़ टीवीके ने डीएमके के राज्यव्यापी विरोध पर कड़ी प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि विपक्षी नेताओं के भाषण बदले की भावना से भरे और अमर्यादित हैं. टीवीके ने कहा कि डीएमके पदाधिकारी सीएन अन्नादुराई के 'कर्तव्य, गरिमा और अनुशासन' के सिद्धांतों को भूल चुके हैं. टीवीके आईटी विंग ने कहा कि अरीवलयम के भ्रष्ट गुलामों को टीवीके का ईमानदार शासन कड़वा लग रहा है और जनता आगामी दो विधानसभा उपचुनावों में उन्हें सबक सिखाएगी.

---- समाप्त ----

Read more!
Advertisement

RECOMMENDED

Advertisement
Latest News in Hindi »