'तब नेताओं ने सीने पर गोलियां खाईं, आपको अंडों से क्यों डर?' महुआ मोइत्रा पर SC की तल्ख टिप्पणी

सुप्रीम कोर्ट ने महुआ मोइत्रा की याचिका पर सुनवाई करते हुए कहा कि जब आपने राजनीति में आने का फैसला कर ही लिया है तो आपको अंडों से डर क्यों लगता है?

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महुआ मोइत्रा को सुप्रीम कोर्ट से नहीं मिली राहत (Photo: ITG) महुआ मोइत्रा को सुप्रीम कोर्ट से नहीं मिली राहत (Photo: ITG)

संजय शर्मा

  • नई दिल्ली,
  • 08 अगस्त 2026,
  • अपडेटेड 9:47 AM IST

सुप्रीम कोर्ट के जस्टिस दीपांकर दत्ता ने तृणमूल कांग्रेस (ममता गुट) की सांसद महुआ मोइत्रा की याचिका पर सुनवाई के दौरान कहा कि नेताओं और सांसदों को अंडों से क्यों डर लगना चाहिए. अंग्रेजों के खिलाफ आजादी की लड़ाई में स्वतंत्रता सेनानियों ने तो सीने पर गोलियां झेली हैं.

अदालत ने इस टिप्पणी के साथ महुआ की याचिका खारिज कर दी, जिसमें धार्मिक भावनाएं आहत करने (हेट स्पीच) के मामले में पुलिस के सामने व्यक्तिगत रूप से पेश होने से छूट और वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग (वर्चुअल) के जरिए पेशी की मांग की गई थी.

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महुआ मोइत्रा के खिलाफ कथित विवादित/भड़काऊ सोशल मीडिया पोस्ट को लेकर मामला दर्ज है. कलकत्ता हाई कोर्ट ने उन्हें 14 अगस्त को पुलिस के सामने व्यक्तिगत रूप से पेश होने का आदेश दिया था. महुआ के वकील ने सुप्रीम कोर्ट में दलील दी कि जब वे पिछली बार अपने निर्वाचन क्षेत्र के पुलिस थाने गई थीं, तो उनके खिलाफ भारी विरोध हुआ था और उन पर अंडे फेंके गए थे.

'आपको अंडों से डर क्यों लगता है?'
सुरक्षा और दोबारा अंडे फेंके जाने की आशंका के चलते उन्होंने वर्चुअल पेशी की अनुमति मांगी थी. जस्टिस दीपांकर दत्ता और जस्टिस शील नागू की पीठ ने महुआ मोइत्रा को कोई राहत देने से साफ इनकार कर दिया.

सुनवाई के दौरान जस्टिस दत्ता ने मौखिक टिप्पणी करते हुए कहा, 'क्या सिर्फ इसलिए कि आप एक सांसद हैं? जब आपने राजनीति में आने का फैसला कर ही लिया है तो आपको अंडों से डर क्यों लगता है? हमारे स्वतंत्रता सेनानियों ने तो देश के लिए अपने सीने पर गोलियां खाई थीं. ऐसी याचिकाएं सुप्रीम कोर्ट के सामने आनी ही नहीं चाहिए'.

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महुआ के वकील ने वापस ली याचिका
सुप्रीम कोर्ट के इस कड़े रुख और असहमति को देखते हुए महुआ मोइत्रा के वकील ने अपनी याचिका वापस लेने की अनुमति मांगी, जिसे कोर्ट ने स्वीकार करते हुए याचिका को खारिज कर दिया.

सुप्रीम कोर्ट से राहत न मिलने के बाद अब हाई कोर्ट का पुराना आदेश प्रभावी रहेगा, जिसके तहत सांसद महुआ मोइत्रा को 14 अगस्त को जांच अधिकारी के सामने व्यक्तिगत रूप से उपस्थित होना होगा. हालांकि, हाई कोर्ट ने पुलिस को यह निर्देश पहले ही दे रखा है कि उनके साथ कोई दुर्व्यवहार या प्रदर्शनकारियों द्वारा उत्पीड़न न हो.

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