'मैं होता तो गोली चलाने का आदेश दे देता', छात्र आंदोलन पर टीजी मोहनदास का विवादित बयान, संघ ने बनाई दूरी

टीजी मोहनदास केरल के लेखक, स्तंभकार और राजनीतिक टिप्पणीकार हैं. उनका संबंध RSS और बीजेपी से रहा है. उन्होंने जंतर-मंतर पर प्रदर्शन करने वाले छात्रों को लेकर कहा कि अगर अगर उनके पास जिम्मेदारी होती तो वह सुरक्षा बलों को प्रदर्शनकारी छात्रों पर गोली चलाने का आदेश दे देते.

Advertisement
टीजी मोहनदास का वीडियो सामने आने के बाद सोशल मीडिया पर आलोचना हो रही है. (File Photo- ITG) टीजी मोहनदास का वीडियो सामने आने के बाद सोशल मीडिया पर आलोचना हो रही है. (File Photo- ITG)

शिबिमोल

  • तिरुवनंतपुरम,
  • 28 जुलाई 2026,
  • अपडेटेड 6:57 AM IST

केरल में राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (RSS) से जुड़े टीजी मोहनदास की विवादित टिप्पणी को लेकर सियासी बवाल खड़ा हो गया है. मोहनदास ने दिल्ली के जंतर-मंतर पर NEET पेपर लीक के विरोध में प्रदर्शन करने वाले छात्रों को लेकर कहा कि अगर आंदोलन को संभालने की जिम्मेदारी उनके पास होती, तो वह सुरक्षा बलों को प्रदर्शनकारी छात्रों पर गोली चलाने का आदेश दे देते.

Advertisement

एक यूट्यूब चैनल पर अपलोड किए गए वीडियो में टीजी मोहनदास ने कहा कि जंतर-मंतर के चार किलोमीटर के दायरे में पहले कर्फ्यू लगाया जाता. इसके बाद प्रदर्शनकारियों को तितर-बितर होने के लिए तीन बार चेतावनी देते और यदि वे इनकार करते, तो उन्हें गोली मारने का आदेश दे देते.

मोहनदास ने कहा, 'लोग इधर-उधर भागेंगे. कुछ मरेंगे, कुछ बचेंगे, तो कुछ गंभीर रूप से घायल होंगे. चार घंटे के भीतर स्थिति शांत हो जाएगी. हम शवों को इकट्ठा करेंगे और अस्पताल ले जाएंगे.'

संघ ने बयान से बनाई दूरी

मोहनदास के बयान पर संघ ने दूरी बना ली है. संघ के दक्षिण केरलम सह प्रांत कार्यवाह के बी श्रीकुमार ने बयान जारी करते हुए कहा, 'टी जी मोहनदास द्वारा हाल ही के आंदोलन ( प्रोटेस्ट) पर दिया गया वक्तव्य उनके निजी विचार हैं. वो संघ में किसी भी स्तर पर कोई दायित्ववान कार्यकर्ता नहीं है. राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ उनके इन विचारों से न केवल असहमत हैं बल्कि मानता है की ऐसे विचारों की हर प्रकार से भर्त्सना की जानी चाहिए.'

Advertisement

महिला प्रदर्शनकारियों पर भी की आपत्तिजनक टिप्पणी

टीजी मोहनदास ने अपनी बात यहीं खत्म नहीं की. उन्होंने आंदोलन में शामिल महिला प्रदर्शनकारियों को लेकर भी आपत्तिजनक टिप्पणी की. उन्होंने कथित तौर पर महिला प्रदर्शनकारियों के लिए अपमानजनक शब्दों का इस्तेमाल करते हुए कहा कि उनके साथ सामूहिक दुष्कर्म की घटनाएं होंगी और कोई शिकायत नहीं करेगा. उन्होंने इस टिप्पणी में वामपंथी और धर्मनिरपेक्ष विचारधारा से जुड़े लोगों को भी निशाना बनाया.

मोहनदास की इन टिप्पणियों के सामने आने के बाद सोशल मीडिया पर उनकी व्यापक आलोचना हो रही है. कई लोगों ने उन पर प्रदर्शनकारियों के खिलाफ हिंसा भड़काने और महिलाओं के प्रति आपत्तिजनक भाषा का इस्तेमाल करने का आरोप लगाया है.

कौन हैं टीजी मोहनदास?

टीजी मोहनदास केरल के लेखक, स्तंभकार और राजनीतिक टिप्पणीकार हैं. उनका संबंध RSS और बीजेपी से रहा है. पेशे से इंजीनियर और वकील रहे मोहनदास पत्रकारिता, टेलीविजन प्रस्तोता और राजनीतिक टिप्पणीकार के तौर पर भी काम कर चुके हैं. वह बीजेपी के इंटेलेक्चुअल सेल के राज्य संयोजक रह चुके हैं. इसके अलावा उन्होंने RSS से जुड़े भारतीय विचार केंद्र में भी नेतृत्व की जिम्मेदारी संभाली है.

साल 2012 में RSS से जुड़े साप्ताहिक 'केसरी' में प्रकाशित एक लेख को लेकर भी वह चर्चा में आए थे. इस लेख में बीजेपी और CPI(M) के बीच राजनीतिक सहयोग की संभावनाओं पर विचार किया गया था, जिस पर दोनों दलों से जुड़े हलकों में बहस छिड़ गई थी.

Advertisement

AISF ने पुलिस में दर्ज कराई शिकायत

इस बीच, CPI से जुड़े छात्र संगठन ऑल इंडिया स्टूडेंट्स फेडरेशन (AISF) ने सोमवार को केरल के पुलिस प्रमुख के पास टीजी मोहनदास के खिलाफ शिकायत दर्ज कराई है. संगठन ने आरोप लगाया कि उनकी टिप्पणियां हिंसा भड़काने वाली हैं और उनके खिलाफ आपराधिक कार्रवाई की जानी चाहिए.

AISF ने कहा कि शांतिपूर्ण प्रदर्शनकारियों पर सरकारी बल के इस्तेमाल और गोली चलाने की सार्वजनिक वकालत को राजनीतिक अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता के तहत संरक्षण नहीं दिया जा सकता. संगठन ने इसे संवैधानिक मूल्यों और लोकतांत्रिक तरीके से विरोध करने के अधिकार पर सीधा हमला बताया.

AISF ने अपनी शिकायत में कहा कि मोहनदास की टिप्पणियां डिजिटल प्लेटफॉर्म पर तेजी से प्रसारित हुई हैं, जिससे हिंसा भड़कने, लोगों में डर फैलने और कानून-व्यवस्था बिगड़ने का खतरा पैदा हो सकता है. छात्र संगठन ने पुलिस से मामले में उचित कानूनी कार्रवाई करने की मांग की है.

---- समाप्त ----

Read more!
Advertisement

RECOMMENDED

Advertisement
Latest News in Hindi »