'पैलेट गन का आदेश गृह मंत्री नहीं देते', संसद में दिए बयानों पर रिटायर्ड पुलिसवाले क्या बोले

दिल्ली के जंतर मंतर पर हुए प्रदर्शन को लेकर पुलिस की कार्रवाई पर सोशल मीडिया पर सवाल उठ रहे हैं. इस मामले में दिल्ली पुलिस का साथ देते हुए सेवानिवृत्त पुलिसकर्मी ने कहा कि इस मामले में संसद में कुछ भी बोला जा रहा है.

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दिल्ली पुलिस ने जंतर मंतर प्रोटेस्ट पर क्या कहा (Photo: PTI) दिल्ली पुलिस ने जंतर मंतर प्रोटेस्ट पर क्या कहा (Photo: PTI)

अंशुल सिंह

  • नई दिल्ली,
  • 31 जुलाई 2026,
  • अपडेटेड 1:12 PM IST

दिल्ली के जंतर मंतर पर हुए प्रदर्शन के दौरान पुलिस द्वारा की गई कार्रवाई को लेकर सोशल मीडिया पर पुलिस की तीखी आलोचना की जा रही है. पुलिस के बर्ताव को लेकर सवाल उठाए जा रहे हैं. संसद में भी पुलिस की कार्रवाई पर सवाल उठे. अब इस मामले में दिल्ली पुलिस के सेवानिवृत्त ACP आगे आए हैं. उन्होंने अपना अनुभव साझा करते हुए दिल्ली पुलिस का साथ दिया.

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ACP की रैंक से सेवानिवृत्त हुए के.पी. कुकरेती ने अपने अनुभवों को साझा करते हुए कहा कि वे इसलिए आगे आए हैं ताकि पुलिस पर सवाल उठा रहे लोगों को बताया जा सके कि पुलिस कैसे काम करती है. उनका मकसद एकजुटता दिखाना है जिससे पुलिस का मनोबल न गिरे. 

के.पी. कुकरेती का कहना है कि सरकार और प्रदर्शनकारियों के बीच समझौता होने के बाद भी पुलिस कमिश्नर और अन्य पुलिस अधिकारियों के खिलाफ शिकायतें दर्ज की जा रही हैं. संसद के सदस्य भी पुलिस के खिलाफ गैर जिम्मेदाराना बयान दे रहे हैं. संसद के सदस्य कह रहे हैं कि गृह मंत्री पैलेट गन के इस्तेमाल का आदेश देते हैं, ऐसे बयान सिर्फ लोगों को गुमराह करने के लिए दिए जा रहे हैं. 

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उन्होंने JNU विरोध प्रदर्शन को संभालने का दावा करते हुए कहा कि उस दौरान किसी भी छात्र ने पुलिस के खिलाफ कोई शिकायत नहीं की, क्योंकि उन लोगों ने SOP का पालन किया. यहां भी SOP का पालन किया गया. 

सेवानिवृत्त ACP का कहना है कि पुलिस SOP का पालन कर रही थी लेकिन भीड़ बेकाबू हो गई, बैरिकेड्स तोड़ दिए और पुलिस द्वारा की जा रही घोषणाओं को नजरअंदाज किया. के.पी. कुकरेती ने दावा किया कि अगर पुलिस ने कार्रवाई नहीं की होती तो उस समय स्थिति और खराब हो सकती थी, गोलियां भी चल सकती थी. उनका कहना है कि मौके पर मौजूद वरिष्ठ अधिकारी स्थिति को देखकर तय करते हैं कि इसे नियंत्रित कैसे करना है, यह गृह मंत्री या राज्यपाल का अधिकार क्षेत्र नहीं है. 

उन्होंने कहा कि आत्मरक्षा का अधिकार आम नागरिक और पुलिस अधिकारी दोनों के लिए समान है. कई पुलिस अधिकारी घायल हुए हैं, इसका मतलब है कि पुलिस ने संयम बरता. 

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सेवानिवृत्त SHO दिनेश राज मोंगिया ने पुलिस का साथ देते हुए कहा है कि वे देश के जवानों के साथ खड़े हैं. उन्होंने राहुल गांधी के बयानों पर तीखा वार करते हुए कहा कि राहुल गांधी संसद में कुछ भी कह रहे हैं. साथ ही, उन्होंने सुप्रीम कोर्ट के फैसले से सहमति जताते हुए आदतन अपराधियों (हिस्ट्री-शीटर) के ख़िलाफ़ कार्रवाई की मांग की. 

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रिटार्यड ACP राजेंद्र पठानिया ने कहा कि दिल्ली पुलिस के जवान डरे नहीं बल्कि मजबूती से डटे रहे. उन्होंने कहा कि माता पिता को अपने बच्चों पर नजर रखनी चाहिए कि कहीं वे किसी गलत रास्ते पर न जाएं.
 

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