कोरोना: ऑक्सीजन एक्सप्रेस ट्रेन चलाएगा रेलवे, ग्रीन कॉरिडोर बनाकर की जाएगी सप्लाई

अब देश के अलग-अलग हिस्सों में रेलवे के माध्यम से लिक्विड मेडिकल ऑक्सीजन (LMO) को पहुंचाया जा सकेगा. रेलवे ने ये फैसला महाराष्ट्र, मध्य प्रदेश सरकार की रिक्वेस्ट के बाद लिया है.

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ऑक्सीजन एक्सप्रेस ट्रेन चलाएगा रेलवे ऑक्सीजन एक्सप्रेस ट्रेन चलाएगा रेलवे

मिलन शर्मा

  • नई दिल्ली ,
  • 18 अप्रैल 2021,
  • अपडेटेड 6:19 PM IST
  • रेलवे ऑक्सीजन एक्सप्रेस ट्रेन चलाएगा
  • कोरोना के चलते राज्यों की मांग पर लिया फैसला
  • ग्रीन कॉरिडोर बनाकर होगी ऑक्सीजन की सप्लाई

कोरोना महामारी के इस दौर में कई राज्यों में ऑक्सीजन की मांग बढ़ गई है. ऐसे में रेलवे अब ऑक्सीजन एक्सप्रेस ट्रेन (Oxygen Express Trains) चलाने जा रहा है. रेलवे लिक्विड मेडिकल ऑक्सीजन (LMO) और ऑक्सीजन सिलेंडर ट्रांसपोर्ट के लिए पूरी तरह तैयार है. ऑक्सीजन एक्सप्रेस ट्रेनों की तेज आवाजाही के लिए ग्रीन कॉरिडोर बनाया जा रहा है.

ऑक्सीजन एक्सप्रेस ट्रेन का तकनीकी परीक्षण पूरा होने के बाद, खाली टैंकरों को महाराष्ट्र के रेलवे स्टेशनों से विजाग, जमशेदपुर, राउरकेला, बोकारो आदि जगहों पर भेजा जाएगा. जहां उन टैंकरों में LMO की लोडिंग की जाएगी. फिर ऑक्सीजन एक्सप्रेस ट्रेन में लगे इन टैंकरों को उनके गंतव्य तक रवाना किया जाएगा. 

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गौरतलब है कि मध्य प्रदेश और महाराष्ट्र की सरकारों ने रेलवे से संपर्क किया था और मांग की थी कि लिक्विड मेडिकल ऑक्सीजन (LMO) टैंकरों को रेलवे द्वारा ट्रांसपोर्ट किया जाए. 

जिसके बाद रेलवे ने तुरंत LMO के ट्रांसपोर्ट करने की तकनीक का परीक्षण करवाया. काफी ट्रायल करने के बाद कुछ जरूरी दिशानिर्देशों के साथ रेलवे ने लिक्विड मेडिकल ऑक्सीजन (LMO) और ऑक्सीजन सिलेंडर ट्रांसपोर्ट करने की मंजूरी दे दी. 

रेलवे की एक बैठक में यह निर्णय लिया गया कि ऑक्सीजन टैंकरों के ट्रांसपोर्ट का काम महाराष्ट्र के ट्रांसपोर्ट कमिश्नर द्वारा किया जाएगा. LMO लोड करने के लिए खाली टैंकरों को मुंबई के पास स्थित कालांबोली, बोईसर, रेलवे स्टेशनों से विजाग और जमशेदपुर, राउरकेला, बोकारो ले जाया जाएगा. वहां से ऑक्सीजन को अलग-अलग राज्यों में सप्लाई किया जाएगा. 

यानी कि अब देश के अलग-अलग हिस्सों में रेलवे के माध्यम से लिक्विड मेडिकल ऑक्सीजन (LMO) को पहुंचाया जा सकेगा. रेलवे ने ये फैसला महाराष्ट्र, मध्य प्रदेश सरकार की रिक्वेस्ट के बाद लिया है.

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