प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के स्कूल के एक साथी ने 8 सितंबर 2026 को उनसे मुलाकात की. प्रधानमंत्री मोदी के दोस्त ने उनसे प्रॉपर्टी से जुड़े एक पुराने विवाद की CBI से जांच कराने की मांग की.
उनके दोस्त की पहचान 81 वर्षीय असगरअली वोहरा के रूप में हुई है. उन्होंने गुजरात के वडनगर के बी एन स्कूल में पीएम मोदी के साथ पढ़ाई की थी.
क्यों पीएम से मिले असगरअली वोहरा?
बीजेपी विधायक नरेंद्र मेहता की कंपनियों—‘सेवन इलेवन कंस्ट्रक्शन्स’ और ‘स्वयं बिल्डर्स’—के संदिग्ध कामकाज के कारण, असगरअली वोहरा ने अपनी ज़मीन बचाने के लिए सीधे प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से गुहार लगाई है. वोहरा पिछले 40 सालों से अपनी ज़मीन के अधिकारों के लिए संघर्ष कर रहे हैं. उन्होंने इस मामले में पीएम मोदी से मुलाकात की और उन्हें पूरी समस्या के बारे में एक पत्र सौंपा. इस पत्र में लगाए गए गंभीर आरोपों ने राजनीतिक हलकों में हलचल मचा दी है.
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शिकायतकर्ता ने 1989 में एक रजिस्टर्ड एग्रीमेंट के ज़रिए लगभग 2,810 वर्ग मीटर ज़मीन खरीदी थी—जो ओल्ड सर्वे नंबर 240 (नया सर्वे नंबर 185), हिस्सा नंबर 6, नवघर रोड, भायंदर (पूर्व) में स्थित है. उन्होंने अपने पत्र में कहा है कि उन्होंने यह जमीन न तो कभी बेची और न ही कभी ट्रांसफर की. 2011 के आसपास, ‘स्वयं बिल्डर्स’ की मिलीभगत से इस ज़मीन के लिए फ़र्ज़ी दस्तावेज़ तैयार किए गए. इस मामले में 2015 में FIR दर्ज की गई थी; हालांकि, CID की रिपोर्ट 11 साल के लंबे अंतराल के बाद 2026 में मिली. उनका कहना है कि असली मालिक की जानकारी के बिना ज़मीन को दो हिस्सों में बांट दिया गया; एक हिस्से पर ‘स्वयं बिल्डर्स’ का कब्ज़ा दिखाया गया, जबकि दूसरे हिस्से पर ‘सेवन इलेवन कंस्ट्रक्शन्स’ का कब्ज़ा दिखाया गया.
बता दें, वोहरा की पीएम मोदी से मुलाकात के बाद स्थानीय नगर निगम अधिकारियों ने इस मामले पर ध्यान दिया. अब इस मामले की सुनवाई 16 सितंबर, 2026 को होने वाली है. इस सुनवाई के दौरान कंपनियों के प्रतिनिधियों को शामिल होने का आदेश दिया गया है.
मुस्तफा शेख