'पैलेट गन का इस्तेमाल जायज नहीं...', पूर्व गृहमंत्री चिदंबरम बोले- कोई तो जिम्मेदार होगा

पूर्व गृह मंत्री पी चिदंबरम ने कहा कि दिल्ली में शांति पूर्ण प्रदर्शन कर रहे छात्रों पर पैलेट गन के इस्तेमाल को सही नहीं ठहराया जा सकता है, यहां ऐसी स्थिति नहीं बनी थी कि RAF को पैलेट गन दिया जाए. इसका कोई औचित्य नहीं था.

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पूर्व गृह मंत्री ने कहा पैलेट गन का इस्तेमाल दुर्लभ परिस्थितियों में ही किया जाता है. (Photo: ITG) पूर्व गृह मंत्री ने कहा पैलेट गन का इस्तेमाल दुर्लभ परिस्थितियों में ही किया जाता है. (Photo: ITG)

aajtak.in

  • नई दिल्ली,
  • 29 जुलाई 2026,
  • अपडेटेड 10:47 PM IST

देश के पूर्व गृह मंत्री पी चिदंबरम ने कहा है कि दिल्ली में छात्रों के प्रदर्शन के दौरान पैलेट गन का इस्तेमाल किया गया था. इस घटना के लिए कोई न कोई सीधे तौर पर ज़िम्मेदार होगा, कोई न कोई परोक्ष रूप से ज़िम्मेदार होगा और किसी न किसी को तो जवाबदेह ठहराया ही जाना चाहिए. उन्होंने कहा कि गृह मंत्री इनमें से किस कैटेगरी में आते हैं वे नहीं बता सकते हैं, लेकिन या तो वे सीधे तौर पर जिम्मेदार हैं अथवा अप्रत्यक्ष रूप से जिम्मेदार हैं.

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इंडिया टुडे से बात करते हुए कांग्रेस सांसद पी चिदंबरम ने कहा कि मुझे कोई मौका याद नहीं है जब जम्मू-कश्मीर को छोड़कर पूरे भारत में बतौर गृह मंत्री मेरे कार्यकाल में सुरक्षाबलों द्वारा पैलेट गन का इस्तेमाल किया गया हो. अगर कोई इस बावत कोई घटना याद दिलाता है तो मैं जवाब दूंगा. 

उन्होंने कहा कि जम्मू-कश्मीर में इसके इस्तेमाल के लिए अलग से स्टैंडर्ड ऑपरेशन प्रोसीजर है. उन्हें जब याद दिलाया गया कि उनके कार्यकाल में ही पैलेट गन को जम्मू-कश्मीर में इंट्रोड्यूस किया गया था. तो पूर्व गृह मंत्री ने कहा कि 16 साल पहले के घटना की तुलना दिल्ली में शांतिपूर्ण और बिना हथियारों के प्रदर्शन कर रहे लोगों के साथ करना अप्रासंगिक है.   

उन्होंने कहा कि दिल्ली में पैलेट गन के इस्तेमाल को सही नहीं ठहराया जा सकता है, यहां ऐसी स्थिति नहीं बनी थी कि RAF को पैलेट गन दिया जाए. इसका कोई औचित्य नहीं था. उन्होंने कहा कि जहां तक जम्मू-कश्मीर को छोड़कर पूरे भारत में पैलेट गन इस्तेमाल करने की SOP है तो इसका प्रयोग एंटी रॉयट पुलिस, RAF और CRPF द्वारा किया जाता है. इसका इस्तेमाल नागरिकों, शांतिपूर्ण प्रदर्शनकारियों पर नहीं किया जाता है. दिल्ली की स्थिति बिना हथियारों के शांतिपूर्ण प्रदर्शन कर रहे लोगों की थी. यहां पैलेट गन इस्तेमाल करने का कोई जस्टिफिकेशन नहीं है. यहां दो गलतियां हुई. RAF जवानों को पैलेट गन जारी किया गया, दूसरा पैलेट गन का इस्तेमाल. बिहार में  AK-47 के इस्तेमाल पर उन्होंने कहा कि ये केस तो और भी खराब है, इसे हथियारखाने में रखा जाता है. जिस जवान ने AK-47 का इस्तेमाल किया और जिस अधिकारी ने इस हथियार को जारी किया, दोनों को ही पकड़ा जाना चाहिए. 

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पी चिदंबरम ने कहा कि बहुत ही दुर्लभ मामलों में, दंगे की स्थिति में, पैलेट गन का इस्तेमाल आखिरी उपाय के तौर पर किया जाता है. 

संसद में राहुल गांधी के द्वारा यह कहने पर कि गृह मंत्री अमित शाह के आदेश पर ही सुरक्षा बलों ने पैलेट गन का इस्तेमाल किया, पूर्व गृह मंत्री ने कहा कि अगर किसी सांसद ने संसद में कोई बयान दिया है, तो उनका मानना ​​है कि वे उस बयान की ज़िम्मेदारी लेंगे. 
 

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