पार्थ चटर्जी केस: '100 करोड़ की रिकवरी और होगी...', कोर्ट में ED के वकील ने कहा- ये सीरियस स्कैम

ईडी की तरफ से कोर्ट में एडिशनल सॉलिसिटर जनरल ने पक्ष रखा. उन्होंने कोर्ट को बताया कि अभी करीब 22 करोड़ रुपए कैश ही बरामद हो पाया गया है. इसके अलावा, 100 करोड़ रुपए और बरामद होने की संभावना है. उन्होंने कोर्ट से कहा कि ये बहुत बड़ा स्कैम है. इसमें कई लोगों की संलिप्तता है.

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ईडी ने पार्थ चटर्जी की करीबी अर्पिता के घर से 21 करोड़ से ज्यादा कैश बरामद किया है. ईडी ने पार्थ चटर्जी की करीबी अर्पिता के घर से 21 करोड़ से ज्यादा कैश बरामद किया है.

इंद्रजीत कुंडू

  • कोलकाता,
  • 25 जुलाई 2022,
  • अपडेटेड 10:00 PM IST
  • टीचर भर्ती घोटाले में अरेस्ट हुए हैं ममता सरकार में मंत्री पार्थ
  • पार्थ की करीबी अर्पिता के घर बरामद हुआ 21 करोड़ से ज्यादा कैश

पश्चिम बंगाल सरकार में मंत्री पार्थ चटर्जी की मुश्किलें बढ़ती जा रही हैं. सोमवार को प्रवर्तन निदेशालय (ED) ने पार्थ की करीबी अर्पिता मुखर्जी को PMLA कोर्ट में पेश किया. यहां ED ने दोनों की 14 दिन की कस्टडी मांगी है. इसके साथ ही कई चौंकाने वाली जानकारियां भी कोर्ट के साथ शेयर की हैं. वहीं, अर्पिता के वकील नीलाद्री भट्टाचार्जी ने बताया कि उन्होंने आज जमानत याचिका दायर नहीं की है. सिर्फ शॉट टर्म PC की मांग की है.

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ईडी की तरफ से कोर्ट में एडिशनल सॉलिसिटर जनरल (ASG) ने पक्ष रखा. उन्होंने कोर्ट को बताया कि अभी करीब 22 करोड़ रुपए कैश ही बरामद हो पाया गया है. इसके अलावा, 100 करोड़ रुपए और बरामद होंगे. उन्होंने कोर्ट से कहा कि ये बहुत बड़ा स्कैम है. इसमें कई लोगों की संलिप्तता है. ऐसे में दोनों से पूछताछ की जानी जरूरी है.

12 फर्जी कंपनियां चलाने का दावा

ईडी ने कहा है कि प्रारंभिक जांच से पता चला है कि पार्थ चटर्जी की 'करीबी सहयोगी' अर्पिता मुखर्जी 'वित्तीय गड़बड़ी' के लिए करीब 12 फर्जी कंपनियां चला रही थीं. कोर्ट में ASG ने कहा कि हम ईडी की फुल कस्टडी की मांग करते हैं. उन्होंने कहा कि इस घोटाले में अपात्र अभ्यर्थियों को नियुक्ति पत्र बांटे गए हैं. इन लोगों ने रिश्वत दी है. ED ने दो जगहों पर तलाशी ली है. एक पार्थ चटर्जी और दूसरी अर्पिता चटर्जी के ठिकानों पर. इस दौरान ज्वाइंट सेल डीड भी मिली है. सेल डीड में संयुक्त नामों का भी जिक्र है.

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21 करोड़ कैश को अर्पिता की कंपनियों में लगाना था

ईडी ने कहा कि पार्थ चटर्जी और अर्पिता चटर्जी की संयुक्त संपत्ति से संबंधित दस्तावेज मिले हैं. इस संपत्ति को पार्थ ने 2012 में खरीदा था. अर्पिता ने पूछताछ के दौरान यह भी स्वीकार किया कि नकदी पार्थ की है. इन पैसों को अर्पिता मुखर्जी से जुड़ी कंपनियों में लगाने की योजना थी. नकद राशि भी एक-दो दिन में उसके घर से बाहर ले जाने की योजना थी. मेडिकल जांच के दौरान एम्स भुवनेश्वर ने पार्थ की तबीयत ठीक पाई है.

ASG ने आगे कहा कि अर्पिता के फ्लैट के दस्तावेज पार्थ के घर से बरामद किए गए हैं. पार्थ लगातार अर्पिता मुखर्जी के संपर्क में रहते हैं. पार्थ ने जांच में भी सहयोग नहीं कर रहे हैं. दोनों संयुक्त नामों से खरीदारी कर रहे थे. पार्थ ने अपनी गिरफ्तारी के कागजों पर हस्ताक्षर करने से भी इनकार कर दिया था.

वहीं, पार्थ चटर्जी को पहले भुवनेश्वर के AIIMS से कोलकाता लाने की तैयारी थी. हालांकि, बाद में निर्णय लिया गया कि पार्थ आज रात AIIMS में ही रुकेंगे. मंगलवार सुबह पार्थ को कोलकाता ले जाया जाएगा. 

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